मारुति सुजुकी ऑल्टो के 35 लाख मॉडल्स की हुई बिक्री, कंपनी के टॉप-3 मॉडल में शामिल
एंट्री सेग्मेट के मामले में हर तीसरी गाड़ी मारुति सुजुकी ऑल्टो होती है. ऑल्टो सुजुकी की दुनिया भर में सबसे ज्यादा बिकने वाले तीन मॉडल में भी शामिल हो चुकी है.

नई दिल्लीः दो से चार होने की खुशी का एक बड़ा माध्यम क्या होता है? आप कुछ और सोच लें, उसके पहले आपको बता दे कि हम यहां परिवार बढ़ाने की चर्चा नहीं कर रहे हैं. बस ये पूछ रहे हैं कि दो पहिया वाहन की जगह पहली बार अगर आपको चार पहिया वाहन खरीदना हो तो आपके लिए पसंदीदा वाहन कौन सा होगा. कार बाजार की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी की मानें तो ज्यादातर लोगों का जवाब होगा मारुति ऑल्टो.
आंकड़े बताते हैं कि पहले चार पहिया वाहन यानी एंट्री सेग्मेट के मामले में हर तीसरी गाड़ी मारुति सुजुकी ऑल्टो होती है. ऑल्टो सुजुकी की दुनिया भर में सबसे ज्यादा बिकने वाले तीन मॉडल में भी शामिल हो चुकी है. भारतीय बाजार में इस गाड़ी का मुकाबला, हंयुदैं की इयॉन, रेनो की क्विड, टाटा की टियागो और निसान के रेडिगो के साथ है.
कंपनी का दावा है कि लॉन्च होने के 17 साल के भीतर बिक्री 35 लाख तक पहुंच गयी और 35 वां लाख वाहन फरवरी मे बेचा गया. खास बात ये है कि ऑल्टो खरीदने वाले करीब 25 फीसदी ग्राहक 30 वर्ष या उससे कम उम्र के होते हैं, और ये हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. इस गाड़ी को खरीदने वाले की औसत उम्र जहां 2008-09 में 40 वर्ष थी वो अब घटकर 39.6 वर्ष हो चुकी है. वहीं दूसरी ओर ऑल्टो के ग्राहकों में 43 फीसदी से ज्यादा वेतनभोगी है. इस गाड़ी को खरीदने के पीछे ग्राहक जहां सबसे पहले माइलेज यानी एक लीटर तेल में कितने किलोमीटर के सफर को आधार बनाते हैं, वहीं दूसरे स्थान पर मारुति ब्रांड, फिर स्टाइल और अंत में कीमत आधार बनता है.
मारुति ऑल्टो सितंबर 2000 में लॉन्च की गयी थी जिसके बाद से लेकर अब तक छह बार बड़ी तब्दीली की गयी है. एक बड़ी तब्दीली 2010-11 में की गयी जब ऑल्टो K10 लॉन्च की गयी. वहीं दूसरी बड़ी तब्दीली 2012-13 में हुई जब मारुति 800 और ऑल्टो को मिलाकर ऑल्टो 800 बाजार में लाया गया. बिक्री की बात करें तो जहां पहले साल यानी 2000-01 में 24 हजार से कुछ ज्यादा ऑल्टो बिकी थी वहीं चालू कारोबारी साल के पहले ग्यारह महीनों में ये संख्या 2.15 लाख पर पहुंच गयी है. इस गाड़ी के लिए सबसे अच्छा साल 2010-11 था जब कंपनी ने करीब साढ़े तीन लाख ऑल्टो बेचे थे. ऑल्टो यहां से विदेश भी भेजे जाते है. कंपनी इस गाड़ी का निर्यात श्रीलंका, चिली, फिलिपिंस और युरुग्वे को करती है.
अब जब बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम बढ़ रही है तो क्या ऑल्टो का भी इलेक्ट्रिक वर्जन ऑएगा? कंपनी का जावाब 'नहीं' है. कंपनी की माने तो इसकी वजह ये है कि इलेक्ट्रिक वाहनो की कीमत ज्यादा होती है और पहली खरीदारी के बाजार को देखते हुए ऊंची कीमत रखना मुनासिब नहीं होगा.
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Source: IOCL






















