दिल्ली में MCD के एडमिनिस्ट्रेटर पद पर टिकी सभी की नजरें, चुनाव के बाद खत्म हो जाएगी अहमियत
दिल्ली के दोनों सदनों में म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली विधेयक पास होने के बाद अब हर किसी नजरें एडमिनिस्ट्रेटर पद पर टिक गई है. फिलहाल एमसीडी चुनाव के बाद एडमिनिस्ट्रेटर पद की अहमियत खत्म हो जाएगी.
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली विधेयक दोनों सदनों से पास होने के बाद अब सबकी नजरें एडमिनिस्ट्रेटर पद पर टिकी हुई हैं. सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति कार्यालय में विधेयक का जो ड्रॉफ्ट भेजा गया उसमें एडमिनिस्ट्रेटर के पद का जिक्र है. जिसकी नियुक्ति कानून बनने के बाद केंद्र सरकार करेगी. जो एमसीडी के विलय और चुनाव संपन्न होने तक प्रभाव में रहेगा. चुनाव के बाद स्वतः ही एडमिनिस्ट्रेटर के पद की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी.
26 अप्रैल 2017 में दिल्ली की तीनों एमसीडी का रिजल्ट आया था. 272 सीटों वाले तीनों नगर निगमों में बीजेपी का कब्जा है. शेड्यूल के मुताबिक इसी महीने यानी अप्रैल 2022 में ही चुनाव सम्पन्न करा लिए जाने थे. लेकिन केंद्र सरकार ने तीनों निगमों को एक करने का फैसला किया और बीते संसद के सत्र में केंद्र सरकार में दिल्ली नगर निगम विधेयक 1957 का संसोधन पेश कर तीनों निगमों को एक करने का संसोधन पेश किया.
इसी क्रम में 30 मार्च को लोकसभा और 5 अप्रैल को राज्यसभा में कानून पास करा लिया गया. फिलहाल विधेयक अंतिम मुहर के लिए राष्ट्रपति सचिवालय में लंबित है. माना जा रहा है कि इसी हफ्ते कभी भी कानून को अमल में लाया जाएगा. जिसके साथ ही दिल्ली नगर निगम में प्रशासक व्यवस्था शुरू हो जाएगी. सूत्रों की मानें तो फिलहाल 6 माह के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाएगा. लेकिन उसे बढ़ाया भी जा सकता है. ये व्यवस्था एमसीडी के विलय और एमसीडी चुनाव सम्पन्न होने तक लागू रहेगी.
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