'मतुआ समुदाय के लिए कुछ नहीं किया', शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व की टीएमसी सरकार पर मतुआ समुदाय के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पिछली मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का भी विरोध किया था.

मतुआ समुदाय को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमाती दिख रही है. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व की टीएमसी सरकार पर मतुआ समुदाय के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है. उन्होंने रविवार (1 नवंबर) को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनसे पहले मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी ने राज्य में मतुआ समुदाय के लिए कुछ नहीं किया.
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर मतुआ समुदाय को बांटने का आरोप लगाया है. उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. बता दें कि ये जगह मतुआ समुदाय का पारंपरिक गढ़ है. अधिकारी यहां 'इंटरनेशनल मतुआ गोसाई कन्वेंशन 2026' में हिस्सा लेने पहुंचे थे.
CAA को लेकर साधा निशाना
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बिना किसी का नाम लिए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का भी विरोध किया था. इस कानून के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है.मतुआ समुदाय के लोग मूल रूप से आज के बांग्लादेश से आए हैं.
क्या बोले शुभेंदु अधिकारी
इंटरनेशनल मतुआ गोसाई कन्वेंशन 2026 में बोलते हुए बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं यहां आकर खुश हूं. उन्होंने आगे कहा कि अगर मैं ठाकुरनगर के लिए कुछ भी कर सकूं, तो यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी. अधिकारी ने कहा कि पिछली मुख्यमंत्री ने मतुआ समुदाय और उनके समाज को बांट दिया था और उनके लिए कुछ नहीं किया. बल्कि उन्होंने CAA का खुलकर विरोध किया था. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं आज कुछ घोषणाएं करूंगा.आने वाले दिनों में, मैं उनके लिए काम करूंगा."
बता दें कि मतुआ जो कि एक अनुसूचित जाति समुदाय है वो 19वीं सदी के आखिर में हरिचंद ठाकुर के नेतृत्व में शुरू हुए एक समाज सुधार आंदोलन का हिस्सा हैं. यह आंदोलन मुख्य रूप से अविभाजित पूर्वी बंगाल में नमाशुद्र समुदाय के लोगों को एकजुट करने के लिए किया गया था. पश्चिम बंगाल में नमाशुद्रों को भी अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है.
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