एक्सप्लोरर

Waqf Amendment Bill: बोर्ड से लेकर प्रॉपर्टी तक... वक्फ संशोधन बिल पर JPC ने किन बदलावों की सिफारिश की?

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर सरकार की ओर से कई बदलाव किए गए थे, लेकिन इसके लिए बनाई गई जेपीसी ने रिपोर्ट जारी कर बड़े बदलाव की सिफारिश की है.

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधित बिल की जांच के लिए बनाई गई ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) ने इस एक्ट का नया नाम रखने की सलाह दी है. जेपीसी ने इसका नाम यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development Act) रखने के लिए सहमति दी है, ताकि वक्फ प्रबंधन को आधुनिक जरूरतों और व्यावहारिक व्यवस्थाओं के अनुरूप बनाया जा सके.

बिल में अहम बदलाव :–

1. जेपीसी ने सलाह दी है कि संशोधित वक्फ एक्ट के क्लॉज 3(9) में एक नया क्लॉज और जोड़ा जाए कि अगर कोई प्रॉपर्टी वक्फ संशोधन एक्ट के लागू होने से पहले वक्फ संपत्ति घोषित है तो वो वक्फ बाय यूजर (Waqf by User) वक्फ संपत्ति ही रहेगी और सिवाय ऐसी संपत्तियां, जिन पर या तो पहले से ही विवाद है या फिर सरकारी संपत्तियां हैं. वक्फ पर बनी जेपीसी को ASI, DDA, L&DO जैसी सरकारी संस्थाओं ने बताया था कि उनकी कई संपत्तियों पर वक्फ का दावा है, जिससे उन्हें समस्याएं आ रही हैं.

2. संशोधित वक्फ एक्ट में जहां कलेक्टर के पास किसी भी सरकारी संपत्ति को गलत तरीके से वक्फ घोषित करने की जांच करने का अधिकार था तो जेपीसी ने सलाह दी है कि एक्ट के सेक्शन 3C (1),(2),(3) और (4) में संशोधन करने जांच का अधिकार कलेक्टर रैंक से ऊपर के किसी अधिकारी को दिया जाए, जिसे राज्य सरकार नामित करे.

3. जहां वक्फ संशोधन एक्ट में वक्फ संपत्तियों को एक्ट के लागू होने के बाद 6 महीने में पोर्टल (WAMSI) पर दर्ज करवाने की समय सीमा लागू की गई थी तो जेपीसी ने सलाह दी है कि इस 6 महीने की समय सीमा में छूट मिलनी चाहिए और संशोधित सलाह के मुताबिक एक्ट में प्रावधान करना चाहिए कि मुक्तावली के आवेदन पर वक्फ ट्रिब्यूनल इस 6 महीने की समय सीमा की मियाद को वाजिब कारण होने पर अपने अनुसार बढ़ा सकता है.

4. जहां केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल में सेक्शन 5 के सब सेक्शन 2 में नियम बनाया गया था कि राज्य सरकार की ओर से औकाफ की सूची नोटिफाई करने के 15 दिन के भीतर इस सूची को पोर्टल पर अपलोड करना होगा. इस पर जेपीसी ने सलाह दी है कि सेक्शन 5 के सब सेक्शन 2(A) जोड़ा जाए और इस समय सीमा को बढ़ाकर 15 दिन की जगह 90 दिन किया जाए.

5. केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन एक्ट में कानून रखा था कि संशोधित एक्ट के लागू होने के बाद और औकाफ संपत्तियों की सूची नोटिफिकेशन द्वारा जारी होने के 2 साल के भीतर ही कोई व्यक्ति इसे ट्रिब्यूनल में चैलेंज कर सकता था, लेकिन JPC ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि क्लॉज 7(a) (iv) में संशोधन करके इस समय सीमा को बढ़ाने का अधिकार ट्रिब्यूनल को दिया जाए. यानी कोई व्यक्ति अगर 2 साल के बाद भी ट्रिब्यूनल जाता है चैलेंज करने और ट्रिब्यूनल को अगर संतुष्ठ करता है कि वो 2 साल तक इस वजह से नहीं आया तो ट्रिब्यूनल उसे स्वीकार कर सकता है.

6. केंद्र सरकार की ओर से संशोधित वक्फ एक्ट में नियम रखा गया था कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल (Central Waqf Council) में कुल 8 से 11 सदस्य होंगे और इसका प्रमुख अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एक्स ऑफिशियो होगा. साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय या फिर विभाग का एक जॉइंट सेक्रेटरी या फिर एडिशनल सेक्रेटरी लेवल का अधिकारी भी एक्स ऑफिशियो सदस्य होगा, लेकिन JPC ने इस वक्फ संशोधित एक्ट के क्लॉज 9 में संशोधन की सलाह दी है कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में एक्स ऑफिशियो सदस्यों के अलावा 2 गैर मुस्लिम सदस्य होने चाहिए.

उदाहरण- यानी सरकार के संशोधित बिल में अगर सेंट्रल वक्फ काउंसिल में अध्यक्ष यानी अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय या विभाग का अधिकारी गैर मुस्लिम होंगे तो 2 गैर मुस्लिमों की नियमतः गिनती पूरी हो जाएगी, लेकिन JPC ने सलाह दी है कि एक्स ऑफिशियो के अलावा 2 गैर मुस्लिम होने चाहिए, यानी अगर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय या विभाग का अधिकारी गैर मुस्लिम है तो भी 2 और गैर मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं.

7. JPC ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि जहां वक्फ एक्ट से ख्वाजा चिश्ती को बाहर रखा गया था. ऐसे में दाऊदी बोहरा समाज भी अलग तरह से अल दाई अल मुलतक सिस्टम चलता है. ऐसे में मूल एक्ट में संशोधन किया जाए कि यह कानून किसी भी ऐसे ट्रस्ट पर लागू नहीं होगा, जिसे किसी मुस्लिम व्यक्ति द्वारा वक्फ जैसे उद्देश्यों के लिए बनाया गया हो, चाहे वह ट्रस्ट इस कानून के लागू होने से पहले या बाद में बनाया गया हो या पहले से ही किसी अन्य कानून के तहत नियंत्रित हो, इस पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा, भले ही किसी अदालत ने कोई फैसला दिया हो.

8. केंद्र सरकार के संशोधित एक्ट में प्रावधान था कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्ड में कुल 2 ही गैर मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं तो यहां भी JPC ने सलाह दी कि संशोधित एक्ट में बदलाव किया जाए कि राज्य या यूटी का जॉइंट सेक्रेटरी या उसके ऊपर का अधिकारी एक्स ऑफिशियो सदस्य होगा और उसके अलावा राज्य के वक्फ बोर्ड में 2 गैर मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं.

9. वक्फ एक्ट के क्लॉज 16 (A) में प्रावधान था कि किसी व्यक्ति को वक्फ बोर्ड से हटाया जा सकता है, अगर वो मुस्लिम ना हो और 21 साल से कम उम्र का हो. JPC ने सुझाव दिया है कि यह क्लॉज संशोधित एक्ट के नियमों के खिलाफ है. ऐसे में मुस्लिम ना होने पर बोर्ड से हटाने वाले नियम को हटाया जाए और सिर्फ 21 साल की उम्र की ही सीमा रखी जाए.

10. केंद्र सरकार ने प्रावधान रखा था कि वक्फ संशोधन एक्ट के लागू होने के 6 महीने के भीतर ही कोई व्यक्ति वक्फ की ओर से किसी ऐसी संपत्ति पर वक्फ से जुड़े अधिकार लागू करने के लिए लिए कानूनी कार्यवाही कर सकता है. अगर वो संपत्ति वक्फ के रूप में दर्ज नहीं है. JPC ने सपने सुझाव में इस समय सीमा को कोर्ट पर छोड़ने का सुझाव दिया है और संशोधित सुझाव दिया है कि यदि कोई व्यक्ति कोर्ट में यह साबित कर सके कि वह उचित कारणों से छह महीने की समय-सीमा के भीतर आवेदन दाखिल नहीं कर सका तो न्यायालय इस समय-सीमा के बाद भी उसका आवेदन स्वीकार कर सकता है.

11. जहां पुराने वक्फ एक्ट में प्रावधान था कि वक्फ संपत्ति की देखभाल को लेकर वक्फ बोर्ड का आदेश आखिरी होगा और कोई व्यक्ति 60 दिन में ट्रिब्यूनल जाकर अपील कर सकता है, लेकिन ट्रिब्यूनल सुनवाई के दौरान बोर्ड के आदेश पर रोक नहीं लगा सकता है. नए वक्फ संशोधन एक्ट में बोर्ड का आदेश से आखिरी शब्द हटाया गया और 60 दिन तक अपील की समय सीमा ही रखी थी साथ ही आदेश पर रोक का नियम भी हटा दिया गया था. JPC ने सुझाव दिया है कि अपील की समय सीमा 60 से 90 दिन की जाए.

12. जहां पुराने एक्ट में प्रावधान था कि वक्फ की संपत्ति, जिसे कम से कम 5 हजार रुपए सालाना किराए या अन्य कदम से आ रहे हैं, वहां का मुक्तावली कम से 5 प्रतिशत रकम वक्फ को कार्य के लिए वापस दान देगा. केंद्र सरकार ने इसे संशोधित एक्ट में 7 प्रतिशत किया था, जिसे JPC ने फिर से 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है.

13. जहां पुराने वक्फ कानून के तहत वक्फ ट्रिब्यूनल के 3 सदस्य होंगे, जिसमें एक जिला जज या उससे ऊपर का अधिकारी, एक ADM या उससे ऊपर का अधिकारी और तीसरा मुस्लिम कानून का जानकार. केंद्र सरकार ने संशोधित कानून में मुस्लिम कानून के जानकार को हटा कर सिर्फ 2 सदस्यी ट्रिब्यूनल को रखा था, लेकिन JPC ने देश भर में 19 हजार से ज्यादा मामले वक्फ ट्रिब्यूनल में लंबित होने के कारण सलाह दी है कि वक्फ संशोधित एक्ट में पहले के जैसे तीन सदस्य ट्रिब्यूनल में रहें जिसमें तीसरा सदस्य इस्लामिक कानून का जानकार हो.

14. जहां पुराने वक्फ कानून में ट्रिब्यूनल की ओर से किसी केस पर फैसला देने की समय सीमा नहीं निर्धारित थी तो नए वक्फ संशोधन एक्ट में केंद्र सरकार ने प्रावधान किया था कि 6 महीने में वक्फ ट्रिब्यूनल को केस पर फैसला देना है और अगर नहीं दिया तो समय 6 महीने और बढ़ा सकता है, लेकिन ट्रिब्यूनल को पक्षों को लिखित में देना होगा कि क्यों 6 महीने में फैसला नहीं दे पाया. यानी संशोधित कानून में सरकार ने कुल 12 महीने की अधिकतम सीमा रखी थी, जिसमें ट्रिब्यूनल को फैसला देना ही था, लेकिन JPC ने अपने सुझाव में इस समय सीमा को हटाने की सिफारिश की है.

15. जहां पुराने वक्फ एक्ट में नियम था कि अगर वक्फ की कोई जमीन भूमि अधिग्रहण नियम के तहत ली जाएगी तो कलेक्टर को वक्फ बोर्ड को सूचना देनी होगी और बोर्ड के पास कलेक्टर के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए 3 महीने का अधिकतम समय होगा, लेकिन नए कानून में केंद्र ने यह समय सीमा घटाकर 1 महीने कर दी थी, जिसे JPC ने बढ़ाकर 3 महीने करने की सिफारिश की है.

16. पुराने वक्फ कानून के तहत वक्फ की संपत्ति लिमिटेशन एक्ट 1963 के तहत नहीं आती थी, यानी वक्फ बोर्ड जब चाहे तब अपनी किसी भी संपत्ति को हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता था और उसे यह अधिकार पुराने वक्फ कानून की धारा 107,108,108A के तहत मिला था, जिसे केंद्र सरकार ने संशोधित वक्फ एक्ट से हटा दिया था. JPC ने सलाह दी है कि संशोधित वक्फ एक्ट में सेक्शन 40 (A) जोड़ा जाए और नियम बनाया जाए कि जिस दिन से वक्फ संशोधन एक्ट 2025 लागू होगा उस दिन से इस पर लिमिटेशन एक्ट भी लागू होगा.

उदाहरण: ASI, रेलवे समेत कि कई संपत्तियों पर वक्फ का दावा है, जो कई वर्ष से वक्फ के पास नहीं है. तमिलनाडु के जिस गांव पर वक्फ ने दावा किया था वो भी इसका उदाहरण है, लेकिन क्योंकि वक्फ संपत्ति पर लिमिटेशन एक्ट 1963 नहीं लागू था तो वो वक्फ जब चाहे तब कब्जा वापस लेने की मांग और कानूनी दाव पेंच शुरू कर सकता था. 100 साल, हजारों साल बाद भी, लेकिन लिमिटेशन एक्ट 1963 लागू होने के बाद वक्फ दूसरे के कब्जे में अपनी कथित संपत्ति पर दावा सिर्फ कब्जे के 30 साल के अंतराल में ही कर सकता है.

यह भी पढ़ें- Weather Forecast Today: चक्रवाती तूफान, 4-5 फरवरी को बारिश, जानें यूपी-बिहार, दिल्ली-NCR समेत देश के मौसम का ताजा अपडेट

शिवांक मिश्रा साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और इस वक्त एबीपी न्यूज़ में बतौर प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं. उनकी विशेषज्ञता साइबर सुरक्षा, इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मामलों की गहन पड़ताल में है. कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों के शरण मॉड्यूल से लेकर भारत में दवा कंपनियों की अवैध वसूली जैसे विषयों पर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं. क्रिकेट और फुटबॉल देखना और खेलना पसंद है.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

हल्द्वानी में शुद्धिकरण पर खरगे बोले, 'अपमान हुआ', जेपी नड्डा ने कहा- जांच कराएंगे
हल्द्वानी में शुद्धिकरण पर खरगे बोले, 'अपमान हुआ', जेपी नड्डा ने कहा- जांच कराएंगे
Parliament Monsoon Session LIVE: 'शुद्धिकरण करके मेरा अपमान किया गया', राज्यसभा में बोले खरगे
LIVE: 'शुद्धिकरण करके मेरा अपमान किया गया', राज्यसभा में बोले खरगे
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन सदन में पहुंचे अमित शाह
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन सदन में पहुंचे अमित शाह
'दलितों के लिए जगह नहीं...', हल्द्वानी में शुद्धिकरण हवन पर खरगे की पहली प्रतिक्रिया
'दलितों के लिए जगह नहीं...', हल्द्वानी में शुद्धिकरण हवन पर खरगे की पहली प्रतिक्रिया

वीडियोज

अतीक अहमद के बेटे की डरावनी पिक्चर !
Chitra Tripathi: ट्रंप 'कंटेनर' के अंदर क्या ईरान का डर ? | Janhit
Bigg Boss 20: Salman Khan ने खोला ‘Tathas-Two’ का राज, Contestants को मिलेंगी 2 Lives
Mirzapur: The Movie Trailer में Pankaj Tripathi, Ali Fazal और Divyenndu की वापसी, बड़े पर्दे पर मचेगा बवाल Title: English Headline
Bollywood News: अक्षय-सैफ की ब्लॉकबस्टर जोड़ी का कमबैक, 'खिलाड़ी' का एक्शन या 'अनाड़ी' का अंदाज़—कौन जमाएगा रंग? (12-08-26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
NDA और विपक्ष के सांसद प्रदर्शन करते हुए आमने सामने आए, बीच में खड़ी रही सिक्योरिटी
NDA और विपक्ष के सांसद प्रदर्शन करते हुए आमने सामने आए, बीच में खड़ी रही सिक्योरिटी
JPSC घोटाले की खुली पोल! OMR में हेरफेर, 50 लाख में अफसर, एक्सपर्ट्स ने भरे आंसर
JPSC घोटाले की खुली पोल! OMR में हेरफेर, 50 लाख में अफसर, एक्सपर्ट्स ने भरे आंसर
मेसी ने पिता को खोया, क्रिस्टीयानो रोनाल्डो का छलका दर्द, किया भावुक पोस्ट
मेसी ने पिता को खोया, क्रिस्टीयानो रोनाल्डो का छलका दर्द, किया भावुक पोस्ट
45 साल की उम्र में तीसरी शादी करेंगे पवन सिंह? राधे मां ने कर दी भविष्यवाणी, पावर स्टार ने यूं किया रिएक्ट
तीसरी शादी करेंगे पवन सिंह? राधे मां ने कर दी भविष्यवाणी
संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन, क्या NDA-विपक्ष के बीच खत्म होगी रार?
संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन, क्या NDA-विपक्ष के बीच खत्म होगी रार?
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
पाक फिर बेनकाब! पूर्व मंत्री ने हाफिज सईद को बताया ‘आका’, भारत को दी गीदड़भभकी
नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास
नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास
घर में भी उगा सकते हैं कद्दू, बस इन बातों का रखें ध्यान
घर में भी उगा सकते हैं कद्दू, बस इन बातों का रखें ध्यान
Embed widget