उपराष्ट्रपति चुनाव में किसका पलड़ा भारी, किसकी क्या तैयारी? जानें आंकड़े कह रहे क्या कहानी
देश में उपराष्ट्रपति चुनाव मंगलवार को कराया जाएगा, जिसको लेकर चुनाव आयोग ने सारी तैयारियां कल ली है. संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी.

देश के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव मंगलवार (9 सितंबर, 2025) होना है. इसके लिए संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी. इसके बाद शाम को ही मतगणना की जाएगी और नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.
सभी सांसदों को मतदान संबंधी गाइडलाइन के तहत एक चिट्ठी भेजी गई है, जिसमें उनके नाम की क्रम संख्या और एक विशेष नंबर का जिक्र है. इस नंबर के आधार पर सांसदों को यह सुविधा रहेगी कि वे आसानी से जान सकें कि उनके नाम किस हिस्से में दर्ज हैं और मतदान के लिए उन्हें किस क्रम में जाना है.
अपनी वरीयता के आधार पर सांसद लिखेंगे अंक
मतदान के दौरान सांसदों को एक बैलेट पेपर दिया जाएगा, जिस पर दोनों उम्मीदवारों यानी एनडीए समर्थित सी पी राधाकृष्णन और विपक्ष समर्थित बी सुदर्शन रेड्डी के नाम होंगे. सांसद अपनी वरीयता के आधार पर 1 और 2 अंक लिख सकते हैं.
हालांकि, अधिकतर दलों और गठबंधन की रणनीति यही है कि वे केवल 1 अंक का इस्तेमाल करके अपने पसंदीदा उम्मीदवार को समर्थन देंगे और 2 का इस्तेमाल नहीं करेंगे. साथ ही नंबर लिखने के लिए जो पेन है, वह भी राज्यसभा सचिवालय की तरफ से ही दिया किया जाएगा.
क्या कहता है मौजूदा समीकरण?
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के मिलाकर कुल 782 सांसद वोट डाल सकते हैं और जीत के लिए 391 वोटों का बहुमत जरूरी है. मौजूदा समीकरण के मुताबिक, एनडीए के पास लगभग 427 वोटों का समर्थन पहले से है. YSR कांग्रेस ने भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करने का ऐलान किया है.
वहीं, BJD (7 सांसद) और BRS (4 सांसद) वोटिंग प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है. दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास करीब 324 वोट हैं. 427 वोटों में एनडीए के सहयोगी दलों के सांसदों की संख्या लगभग इस प्रकार है:
दलों के हिसाब से सांसदों की संख्या (लोकसभा+राज्यसभा)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा):
लोकसभा: 240 सांसद
राज्यसभा: लगभग100 सांसद
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी):
लोकसभा: 16 सांसद
राज्यसभा: 2 सांसद
जनता दल (यूनाइटेड) - जदयू:
लोकसभा: 12 सांसद
राज्यसभा: 4 सांसद
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास):
लोकसभा: 5 सांसद
शिवसेना (शिंदे गुट):
लोकसभा: 7 सांसद
राज्यसभा: 3 सांसद (लगभग)
जन सेना पार्टी (JSP):
लोकसभा: 2 सांसद
जनता दल (सेक्युलर):
लोकसभा: 2 सांसद
राज्यसभा: 4 सांसद
राष्ट्रीय लोक दल (RLD):
लोकसभा: 2 सांसद
अन्य छोटे दल (अपना दल, एजीपी, एजेएसयू, हम (सेक्युलर), NCP अजित पवार गुट, SKM, UPP, निर्दलीय)
इंडिया गठबंधन में शामिल प्रमुख दल और उनके सांसद
कांग्रेस (INC):
लोकसभा- 99 सांसद
राज्यसभा– 27 सांसद
समाजवादी पार्टी (SP):
लोकसभा - 37 सांसद
राज्यसभा - 4 सांसद
त्रिणमूल कांग्रेस (TMC / AITC):
लोकसभा- 29 सांसद
राज्यसभा– 13 सांसद
द्रमुक (DMK):
लोकसभा- 22 सांसद
राज्यसभा– 10 सांसद
शिवसेना (UBT):
लोकसभा - 9 सांसद
राज्यसभा - 2 सांसद
एनसीपी (Sharad Pawar faction):
लोकसभा - 8 सांसद
राज्यसभा - 2 सांसद
आरजेडी (RJD):
लोकसभा - 4 सांसद
राज्यसभा - 5 सांसद
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)]:
लोकसभा - 4 सांसद
राज्यसभा - 4 सांसद
जम्मू काश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (JKNC):
लोकसभा - 2 सांसद
कमी्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI):
लोकसभा - 2 सांसद
राज्यसभा - 2 सांसद
विकासशील दल जैसे VCK, RSP, IUML इत्यादि. इनमें भी कुछ सांसद शामिल हैं (जैसे VCK – 2, IUML – 3, RSP – 1, और अन्य )
नंबर गेम में कम उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी की स्थिति
हालांकि विपक्षी नेताओं का जरूर मनाना है कि विपक्ष उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी की नंबर गेम में स्थिति भले मजबूत न दिख रही हो, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि एनडीए खेमे के कुछ सांसद क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं. विपक्षी खेमे के रणनीतिकारों की कोशिश है कि सभी सांसद सिर्फ '1' अंक देकर ही अपने उम्मीदवार को वोट करें, ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके.
मौजूदा समीकरणों को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है. हालांकि, विपक्ष क्रॉस-वोटिंग और सहयोगी दलों के अप्रत्याशित फैसलों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन यह तय है कि इस चुनाव के बाद देश का अगला उपराष्ट्रपति मिल जाएगा.
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