गोरखपुर में मायावती ने सीएम योगी पर साधा निशाना, बोलीं- हाथी मुख्यमंत्री की नींद उड़ाए हुए है
सीएम योगी आदित्यनाथ पर प्रहार करते हुए मायावती ने कहा कि योगी जी को उनके 'मठ' में वापस उनके परिवार के पास भेज दो. उन्होंने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन किया कुछ नहीं.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने शनिवार को दावा किया कि 'हाथी' (बसपा का चुनाव चिन्ह) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नींद उड़ाए हुए है, क्योंकि वह अपने हर भाषण में हाथी का जिक्र करते हैं. उन्होंने लोगों से सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके 'मठ' में वापस भेजने का आह्वान किया और बीजेपी पर कानून-व्यवस्था के नाम पर केवल मुस्लिम माफिया को देखने और गैर-मुस्लिम माफिया की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
गोरखपुर में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होगा और योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. मयावती ने कहा, "जो हमारा हाथी हैं वह योगी जी की नींद उड़ाए हुए है, उनको हर अपनी चुनावी जनसभा में कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में हाथी का जिक्र करना पड़ता है."
योगी आदित्यनाथ पर प्रहार करते हुए मायावती ने कहा, "योगी जी को उनके 'मठ' में वापस उनके परिवार के पास भेज दो. उन्होंने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन किया कुछ नहीं.’’
उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अपनी जातिवादी संकीर्ण सोच के कारण, उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति और अत्यंत पिछड़े लोग के विकास को नजरअंदाज कर दिया. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं किया और मुसलमानों के प्रति द्वेष की भावना के तहत उन्हें फर्जी मामलों में फंसाया और उजाड़ने और तबाह करने का पूरा पूरा प्रयास किया है. ”
उन्होंने कहा, "उनके पास कहने और बोलने के लिए कुछ नहीं होता है, तो वह बोलते हैं कि हमने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इतने मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई की है. लेकिन जो गैर मुस्लिम माफिया हैं वह उनको कभी नजर नहीं आते? नेपाल सीमा पर देवीपटन में गैर-मुस्लिम माफिया भरे पड़े हैं क्या वे उनको नजर नहीं आते? उनके खिलाफ वह कार्रवाई नहीं करते हैं, उनको केवल मुस्लिम समुदाय और कमजोर वर्ग के लोग नजर आते हैं. यही लोग उनको अपराधी नजर आते हैं. यदि अपराध किसी एक व्यक्ति ने किया है तो उसकी सजा पूरे समाज को नहीं देनी चाहिए. यदि एक व्यक्ति खराब है तो पूरे मुस्लिम समाज को शक की नजर से देखेंगे? यह ठीक नहीं हैं."
मायावती ने कहा, "भाजपा केवल आरएसएस (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) की संकीर्ण सोच वाली योजनाओं पर काम कर रही है. सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण बेरोजगारी, महंगाई और मजदूरों और कमजोर वर्ग के लोगों का पलायन बढ़ा है. अगर हम सरकार बनाते हैं, तो लोग राज्य में रोजगार मिलेगा और उन्हें दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी. पुरानी पेंशन योजनाओं को लागू किया जाएगा और लोगों के मुद्दों को हल करने के लिए आयोग का गठन किया जाएगा. साथ ही केंद्र के विवादित नियम और कानून और राज्य सरकार राज्य में लागू नहीं होंगे. माफिया और अपराधी सलाखों के पीछे जाएंगे और फर्जी मामलों में फंसाए गए लोगों को जांच के बाद मुक्त किया जाएगा."
कांग्रेस पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया और उसने बाबा साहब के सपने को आगे बढ़ाने वाले कांशीराम जी के सम्मान में एक दिन के लिए भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग के आरक्षण संबंधी मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू नहीं किया था जिसे बाद में फिर बी.एस.पी ने केंद्र में वीपी सिंह सरकार से अपने अथक प्रयासों से लागू कराया था साथ ही वीपी सिंह की सरकार ने बाबा साहब साहब को भारत रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया था.
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि केंद्र में और अधिकांश राज्यों के सत्ता से बाहर होने पर यही कांग्रेस पार्टी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के वोटों की खातिर आए दिन किस्म किस्म के नाटकबाजी करती रहती है.
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