एक्सप्लोरर

'जातिविहीन समाज के बजाय आप....', जनगणना में गैर-अधिसूचित जनजातियों को शामिल करने की मांग पर क्या बोला SC?

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'ये बहुत सोची-समझी चालें हैं...यह याचिका समाज को बांटने की एक गहरी साजिश है. ये सब भारत से नहीं हो रहा है और अगर हम जांच करेंगे, तो पता चलेगा कि ये सब कहां से आ रहा है.'

सुप्रीम कोर्ट ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना में गैर अधिसूचित खानाबदोश जनजातियों को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल करने के लिए निर्देश देने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. मंगलवार (24 मार्च, 2026) को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि इस तरह के वर्गीकरण सरकारी नीति के दायरे में आते हैं और इन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है. बेंच ने याचिका का निपटारा कर दिया और याचिकाकर्ता दक्षिणकुमार बजरंग को भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के समक्ष आवेदन करने की अनुमति दी.

इस याचिका में जनगणना आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था कि जनगणना के दौरान गैर-अधिसूचित खानाबदोश जनजातियों के सदस्यों की विशेष रूप से पहचान की जाए.

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने कहा कि याचिका अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा नहीं मांग रही है, बल्कि जनगणना में उनकी उपस्थिति दर्ज कराने की मांग कर रही है. सिद्धार्थ दवे ने कहा, ‘(आपराधिक जनजाति) अधिनियम अब लागू नहीं है...इसलिए कोई न कोई ऐसा तरीका होना चाहिए, जिससे वे जनगणना से बाहर न रह जाएं.'

मुख्य न्यायाधीश ने याचिका के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हम एक अनोखा देश हैं. वर्गहीन समाज बनाने के बजाय, हम यहां और अधिक वर्ग बनाने की ओर अग्रसर हैं.' उन्होंने कहा कि अगर जांच की जाती है, तो जनहित याचिका के स्रोत का पता लगाया जा सकता है और यह संभव है कि यह देश के बाहर के लोगों से प्रभावित हो.

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'ये बहुत सोची-समझी चालें हैं...यह याचिका समाज को बांटने की एक गहरी साजिश है. ये सब भारत से नहीं हो रहा है और अगर हम जांच करेंगे, तो पता चलेगा कि ये सब कहां से आ रहा है.' जस्टिस बागची ने कहा कि जनगणना विशेषज्ञों का मामला है. उन्होंने कहा, 'यह एक विशेषज्ञ नीतिगत निर्णय है. हमें देखना होगा कि सरकार उनके लिए क्या वर्गीकरण करती है.' बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत में आने से सिर्फ एक महीने पहले ही अधिकारियों को आवेदन प्रस्तुत किया था.

बेंच ने कहा, 'हमारी राय में, जनगणना प्रक्रिया के दौरान वर्गीकरण या उप-वर्गीकरण मूलतः नीतिगत क्षेत्र में आता है, जिस पर सक्षम प्राधिकारी को निर्णय लेनाचाहिए. इस मुद्दे को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है.' जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए बेंच ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित सरकारी अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की स्वतंत्रता देकर याचिका का निपटारा कर दिया.

 

यह भी पढ़ें:-
'बाकी राज्यों में आराम से हो गया SIR, सिर्फ बंगाल ही...', चुनाव आयोग के खिलाफ ममता सरकार की दलीलों पर SC की सख्त टिप्पणी

Input By : PTI
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत में अब लोकतंत्र नहीं, इसे खत्म करने वाला गद्दार- प्रियंका गांधी
भारत में अब लोकतंत्र नहीं, इसे खत्म करने वाला गद्दार- प्रियंका गांधी
'मैं नरेंद्र मोदी, RSS से एक दशक से लड़ रहा हूं', राहुल बोले- 'हर चाल से वाकिफ हूं'
'मैं नरेंद्र मोदी, RSS से एक दशक से लड़ रहा हूं', राहुल बोले- 'हर चाल से वाकिफ हूं'
Delhi CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा, 3500 से ज्यादा हिरासत में
LIVE: जंतर-मंतर जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा, 3500 से ज्यादा हिरासत में
'अभिजीत दीपके जा सकते हैं...', दादी की मौत पर पुलिस दी छूट तो CJP बीली- हैरान हैं
'अभिजीत दीपके जा सकते हैं...', दादी की मौत पर पुलिस दी छूट तो CJP बीली- हैरान हैं

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘इमरजेंसी की बात राहुल न कहें, आपकी दादी की बात दुनिया जानती है’, BJP का हमला
‘इमरजेंसी की बात राहुल न कहें, आपकी दादी की बात दुनिया जानती है’, BJP का हमला
जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, 'CJP के लोग...'
जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, 'CJP के लोग...'
साढ़े 9 साल बाद जड़ा शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैट रेनशॉ ने रचा इतिहास
साढ़े 9 साल बाद जड़ा शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैट रेनशॉ ने रचा इतिहास
दिल्ली महिला पुलिसकर्मियों ने ही क्यों किया दीपके समेत अन्य को डिटेन? जानें पूरा मामला
दिल्ली महिला पुलिसकर्मियों ने ही क्यों किया दीपके समेत अन्य को डिटेन? जानें पूरा मामला
'शेखर टुनाइट' के फिनाले में गेस्ट थे नाना पाटेकर, अब शेखर सुमन ने कैंसिल किया शो, बोले- 'उनकी जगह कोई नहीं ले सकता'
शेखर सुमन ने कैंसिल किया 'शेखर टुनाइट' का फिनाले, नाना पाटेकर थे गेस्ट
'मैं नरेंद्र मोदी, RSS से एक दशक से लड़ रहा हूं', राहुल बोले- 'हर चाल से वाकिफ हूं'
'मैं नरेंद्र मोदी, RSS से एक दशक से लड़ रहा हूं', राहुल बोले- 'हर चाल से वाकिफ हूं'
सिर्फ 3 महीने का मौका, यूपी सरकार की नई योजना से चुकता कर लें पुराने टैक्स विवाद
सिर्फ 3 महीने का मौका, यूपी सरकार की नई योजना से चुकता कर लें पुराने टैक्स विवाद
'ज्ञानेश कुमार इतने खास क्यों?’, प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी सरकार को घेरा
'ज्ञानेश कुमार इतने खास क्यों?’, प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी सरकार को घेरा
Embed widget