एक्सप्लोरर

राष्ट्रपति और राज्यपाल को समय सीमा में बांधने से जुड़े सवालों पर संविधान पीठ करेगी विस्तृत सुनवाई, केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऐसे मामलों पर विचार के लिए पांच जजों की संविधान पीठ का गठन करते हैं. चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने अपनी अध्यक्षता में जो 5 जजों की बेंच गठित की है.

क्या राष्ट्रपति और राज्यपाल को विधेयकों पर फैसला लेने के लिए समय सीमा के दायरे में लाया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने इस पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है. यह सुनवाई राष्ट्रपति की तरफ से भेजे गए प्रेसिडेंशियल रेफरेंस के आधार पर शुरू की गई है. अगस्त में मामले की अगली सुनवाई होगी.

संविधान के अनुच्छेद 143 (1) के तहत प्रेसिडेंशियल रेफरेंस भेज कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट से यह 14 सवाल किए हैं :-

1. जब संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल को कोई विधेयक भेजा जाता है, तो उनके सामने क्या संवैधानिक विकल्प होते हैं?

2. क्या राज्यपाल भारत के अपने विकल्पों का इस्तेमाल करते समय मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह से बंधे हैं?

3. क्या राज्यपाल की तरफ से अनुच्छेद 200 के उठाए गए कदमों पर कोर्ट में सुनवाई हो सकती है?

4. राज्यपाल को अदालती कार्रवाई से मुक्त रखने वाला अनुच्छेद 361 क्या अनुच्छेद 200 के तहत उनकी तरफ से लिए फैसले की न्यायिक समीक्षा पर प्रतिबंध लगाता है?

5. जब संविधान में समय सीमा नहीं दी गई है, तब क्या न्यायिक आदेश के ज़रिए राज्यपाल की शक्तियों के प्रयोग की समय सीमा तय की जा सकती है? क्या उन शक्तियों के प्रयोग के तरीके को भी निर्धारित किया जा सकता है? 

6. संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति अपने विवेक का इस्तेमाल कर फैसला लेते हैं? क्या उनकी इस शक्ति पर कोर्ट में सुनवाई हो सकती है?

7. जब संविधान में अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति के फैसले की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, तब क्या न्यायिक आदेश के ज़रिए ऐसा किया जा सकता है?

8. क्या अनुच्छेद 201 के तहत फैसला लेने के लिए राष्ट्रपति को अनुच्छेद 143 के तहत रेफरेंस भेज कर सुप्रीम कोर्ट की सलाह लेने की ज़रूरत है?

9. अनुच्छेद 200 और अनुच्छेद 201 के तहत राज्यपाल और राष्ट्रपति को विधेयकों पर निर्णय लेना होता है. तब वह कानून का रूप लेते हैं. किसी विधेयक के कानून बनने से पहले कोर्ट का उस पर विचार करना क्या संवैधानिक दृष्टि से उचित है?

10. सुप्रीम कोर्ट को न्याय के लिए विशेष शक्ति देने वाले अनुच्छेद 142 का प्रयोग क्या राष्ट्रपति और राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों के लिए भी किया जा सकता है?

11. क्या विधानसभा की तरफ से पास विधेयक संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल की सहमति के बिना कानून बन सकता है? 

12. जब मसला संवैधानिक लिहाज से अहम हो, तब क्या सुप्रीम कोर्ट की किसी बेंच को अनुच्छेद 145(3) के तहत उसे कम से कम 5 जजों की बेंच को नहीं भेज देना चाहिए?

13. क्या अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट किसी कानून या संवैधानिक प्रावधान के विपरीत जाकर कर सकता है? 

14. अनुच्छेद 131 में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विवादों को हल के लिए सुप्रीम कोर्ट के दखल का प्रावधान है. क्या यह अनुच्छेद बाकी मामलो में सुप्रीम कोर्ट को दखल से रोकता है?

तय प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऐसे मामलों पर विचार के लिए पांच जजों की संविधान पीठ का गठन करते हैं. सभी प्रश्नों पर गहराई से विचार करने के बाद संविधान पीठ अपनी राय व्यक्त करती है. चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने अपनी अध्यक्षता में जो 5 जजों की बेंच गठित की है, उसके बाकी सदस्य हैं- जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस ए एस चंदुरकर.

अप्रैल में तमिलनाडु के 10 विधेयकों के राज्यपाल और राष्ट्रपति के पास लंबित होने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के 2 जजों की बेंच ने एक फैसला दिया था. कोर्ट ने सभी विधेयकों को परित करार दिया था. साथ ही, यह भी कहा था कि राज्यपाल और राष्ट्रपति को एक तय समय सीमा के भीतर ही फैसला लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता तो कोर्ट दखल दे सकता है.

इस फैसले को सरकार और न्यायपालिका के बीच टकराव के तौर पर देखा जा रहा था. तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसकी कड़े शब्दों में आलोचना की थी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को विशेष शक्ति देने वाले अनुच्छेद 142 की तुलना मिसाइल से की थी. कानून के जानकारों में सरकार के पास इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने या प्रेसिडेंशियल रेफरेंस भेजने का विकल्प था. सरकार ने दूसरा विकल्प चुना. अब संविधान पीठ विस्तृत विचार के बाद इस पर राय व्यक्त करेगी.

करीब 2 दशक से सुप्रीम कोर्ट के गलियारों का एक जाना-पहचाना चेहरा. पत्रकारिता में बिताया समय उससे भी अधिक. कानूनी ख़बरों की जटिलता को सरलता में बदलने का कौशल. खाली समय में सिनेमा, संगीत और इतिहास में रुचि.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

PM मोदी का परीक्षा सुधारों को लेकर बड़ा फैसला, बनाई हाई पावर टास्क फोर्स, जानें कौन-कौन शामिल?
PM मोदी का परीक्षा सुधारों को लेकर बड़ा फैसला, बनाई हाई पावर टास्क फोर्स, जानें कौन-कौन शामिल?
Gen-Z के लिए केंद्र सरकार से क्या मांग करेंगे तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी? रैली में कर दिया खुलासा
Gen-Z के लिए केंद्र सरकार से क्या मांग करेंगे तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी? रैली में कर दिया खुलासा
पेपर लीक पर PM मोदी ने जारी किया नया वीडियो मैसेज, बोले - 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़...'
पेपर लीक पर PM मोदी ने जारी किया नया वीडियो मैसेज, बोले - 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़...'
प्रोटेस्ट के बाद अब क्या करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, अभिजीत दीपके का आया बयान, बोले - 'हम जल्दी ही...'
प्रोटेस्ट के बाद अब क्या करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, अभिजीत दीपके का आया बयान, बोले - 'हम जल्दी ही...'

वीडियोज

Bollywood News: Gen Z की ताकत को सलाम, सोनाक्षी सिन्हा ने कान पकड़कर मांगी माफी (26.07.26)
Sairaab: Ishan-Nayanika का कुबूल-ए-इश्क़! अधूरा प्यार हुआ पूरा, मिले दो दिल #sbs
Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर Priyanka Chopra समेत Bollywood Celebs के रिएक्शन वायरल
Sansani|Strange Marriage Video:एक दूल्हा और 3 सगी बहनें! रील बनाने वाली बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी!
Salman Khan का नया पोस्ट बना चर्चा का विषय,

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सरकार का मकसद हर युवा को...', वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
'सरकार का मकसद हर युवा को...', वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पप्पू यादव का तेजस्वी यादव पर निशाना, कहा- 'पहले जो नेता...'
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पप्पू यादव का तेजस्वी यादव पर निशाना, कहा- 'पहले जो नेता...'
Box office Collection: 2 करोड़ के बजट में 803% प्रॉफिट, ये है कन्नड़ की 2026 की मोस्ट प्रॉफिटेबल फिल्म
2 करोड़ के बजट में 803% प्रॉफिट, ये है कन्नड़ की 2026 की मोस्ट प्रॉफिटेबल फिल्म
इस दिन श्रीलंका दौरे के लिए होगा टीम इंडिया का एलान, इन नए खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
इस दिन श्रीलंका दौरे के लिए होगा टीम इंडिया का एलान, इन नए खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका
सिद्धारमैया ने किया 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान, बोले - 'आज की राजनीति...'
सिद्धारमैया ने किया 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान, बोले - 'आज की राजनीति...'
शिक्षा मंत्री का चार्ज लेने के बाद प्रह्लाद जोशी का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'यह जिम्मेदारी...'
शिक्षा मंत्री का चार्ज लेने के बाद प्रह्लाद जोशी का आया पहला रिएक्शन, बोले - 'यह जिम्मेदारी...'
Abhijeet Dipke Typhoid : अभिजीत दिपके को टाइफाइड, कब खतरनाक हो जाती है यह बीमारी?
अभिजीत दिपके को टाइफाइड, कब खतरनाक हो जाती है यह बीमारी?
PM Kisan Yojana: इन किसानों की अटकेगी अगली किस्त, जानें वजह
PM Kisan Yojana: इन किसानों की अटकेगी अगली किस्त, जानें वजह
Embed widget