श्रीनगर: तनाव से उबरने के लिए दिव्यांगों के लिए ‘दवा’ बना क्रिकेट | पढ़ें पूरी खबर
जम्मू कश्मीर व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन ने बुधवार को क्रिकेट मैच का आयोजन किया. इसे देखने के लिए दर्शक भी पहुंचे. पहले मैच के आयोजन से खिलाड़ी और आयोजक इतने खुश हुए कि अगले मैच का भी एलान कर दिया गया.

श्रीनगर: करीब दो साल से जारी कोरोना लॉकडाउन के चलते हर वर्ग के लोग परेशान हैं और विशेषज्ञ भी इस बात को मान रहे हैं कि इससे मानसिक तनाव भी बढ़ा है. लेकिन एक और वर्ग है जो इन असामान्य हालात में बाकी लोगो से ज़ायदा प्रभावित हुआ है. यह विशेष रूप से असक्षम लोगों का वर्ग है. ऐसे ही लोगों के लिए अब कश्मीर क्रिकेट 'दवा' बन रहा है.
जम्मू कश्मीर व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन ने घाटी के विभिन्न इलाकों में रहने वाले अपने सदस्यों के लिए कुछ करने का बेड़ा उठाया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष वसीम फिरोज के अनुसार यह ख्याल उनके मन में पिछले एक साल से चल रहा था कि कुछ कार्यक्रम का आयोजन किया जाए.
वसीम फिरोज ने कहा, “मैंने एक व्हाट्सएप ग्रुप ‘यूनिक पर्सन ग्रुप’ बनाया और अपनी संस्था से जुड़े लोगों को इसमें जोड़ा. हम सब के मन में कुछ करने का ख्याल तो था ही. तभी यह सुझाव आया कि हम क्रिकेट मैच करवाकर लोगों के शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करें.”
इस काम के लिए वसीम के साथियों ने अपनी जेब से पैसे खर्च किये और अपना सपना पूरा किया. वसीम फिरोज क्रिकेट के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर व्हीलचेयर बास्केटबॉल टीम के सदस्य भी हैं और कई नेशनल गेम्स में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है. कोरोना और उससे पहले धारा-370 हटाए जाने के बाद कर्फ्यू के चलते कश्मीर घाटी में आम ज़िन्दगी प्रभावित रही है. इसके बाद कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने रही सही कसर पूरी कर दी थी. इसी नकारात्मक प्रवृत्ति को दूर करने के लिए खेल का सहारा लिया गया.
मंगलवार को व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन ने श्रीनगर में इसी कड़ी के तहत पहले क्रिकेट मैच का आयोजन किया. मैच के लिए विशेष प्रबंध हुए और इसे देखने के लिए दर्शक भी आए. न सिर्फ खिलाड़ी बल्कि मैच का आयोजन करने वाले भी इतने खुश हुए कि अगले हफ्ते के लिए एक और मैच की घोषणा कर दी.
खिलाड़ी दानिश अहमद ने कहा, “लगातार दो सालों से घरो में बंद रहने के कारण आम लोगों खास तौर पर युवाओं में तनाव बढ़ी हैं. कहीं-कहीं पर या तो युवा नशे के रास्ते चल पड़े या फिर कुछ और गलत कदम भी उठाये.”
एक और खिलाड़ी शेख जैद ने कहा, “यह सिर्फ विशेष लोगों के लिए ही नहीं बल्कि सब के लिए एक सन्देश है कि खेल न सिर्फ आपको शारीरिक तौर पर मज़बूत कर सकता है पर साथ साथ विशेष परिस्तिथियों में मानसिक तनाव से भी दूर रख सकता है.”
कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो में बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है और इसमें खेल गतिविधियां भी शामिल हैं. इसीलिए कोई कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स के बदले आयोजकों ने क्रिकेट का चयन किया जिसमें लोग दूर-दूर रहते हुए भी एक साथ हो सकते हैं.
इन विशेष रूप से असक्षम खिलाड़ियों की देखा देखि बड़ी संख्या में सक्षम लोग भी इनके साथ जुड़ने लगे हैं. लेकिन फंड्स के आभाव में वसीम और उनके साथी ज्यादा बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में ये लोग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
मैच के आयोजक तारिक़ अहमद के मुताबिक, अगर उपराज्यपाल औऱ प्रशासन उनकी थोड़ी मदद करे तो वह इन लोगों के लिए एक बड़े टूर्नामेंट का आयोजन कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "सरकार की एक छोटी सी मदद न सिर्फ हमारा सपना पूरा कर सकती है बल्कि इन विशेष लोगों में कोरोना के चलते आए किसी भी गलत ख्याल को समाप्त करने में एक बड़ा कदम बन सकती है."
Source: IOCL



























