Spy Pigeon: पैरों में कैमरा, माइक्रोचिप, ओडिशा के समुद्र तट से पकड़ा गया जासूस कबूतर, पंखों पर लिखा था मैसेज
Spy Pigeon In Odisha: 10 दिन पहले मछुआरों ने कबूतर को तब देखा था जब वे समुद्र के अंदर मछली पकड़ने के लिए नाव से गए थे. कबूतर उनकी नाव पर आकर बैठ गया था.

Spy Pigeon In Odisha: ओडिशा पुलिस ने जासूसी करने वाले एक कबूतर को जगतसिंहपुर जिले में स्थित पारादीप तट के पास से पकड़ा है. इस कबूतर के पैर में एक कैमरा और माइक्रोचिप सेट किया गया था. पुलिस को आशंका है कि इस कबूतर को इलाके में जासूसी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
कबूतर मछुआरों को उनकी नाव में मिला था जब वे कुछ समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे. मछुआरों ने संदिग्ध कबूतर को देखकर उसे पकड़ लिया और बुधवार (8 मार्च) को पारादीप मरीन पुलिस स्टेशन पर सौंप दिया.
फॉरेंसिक टीम करेगी जांच
जगतसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक राहुल पीआर ने पीटीआई को बताया कि पशु चिकित्सक पक्षी की जांच करेंगे. कबूतर के पैरों में लगे उपकरण की जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक लैब की मदद ली जाएगी. ऐसा लगता है कि यह एक कैमरा और माइक्रोचिप है.
साथ ही कबूतर के पंखों पर किसी दूसरी भाषा में कुछ लिखा गया है जिसे स्थानीय पुलिस समझ नहीं सकी है. इसे पढ़ने के लिए एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है.
Odisha | A suspected spy pigeon fitted with a tiny camera & a chip caught from a fishing boat off the Paradip coast in Jagatsinghpur
— ANI (@ANI) March 9, 2023
The fishermen found the pigeon in their boat while fishing in the sea. They handed over the pigeon to Paradip Marine police station: Paradip ASP pic.twitter.com/4ABSbDtbsy
कैसे आया पकड़ में
पीताम्बर बेहरा उसी बोट पर काम करते हैं, जिस पर इस कबूतर को पकड़ा गया था. पीटीआई को पीताम्बर ने बताया कि उन्होंने कबूतर को नाव पर बैठे देखा. अचानक मैंने ध्यान दिया कि पक्षी के पैर में कुछ उपकरण लगा हुआ है. यह बात मुझे अजीब लगी. इसके बाद उसे पकड़ लिया गया. इसके बाद यह भी पाया गया कि इसके पंखों पर भी कुछ लिखा गया है. मैं इतना ही समझ सका कि यह उड़िया में नहीं लिखा गया था.
10 दिन पहले पकड़ा गया
बेहरा ने बताया कि मैंने उसे बुलाया तो वह धीरे-धीरे पास आया और तब उसे पकड़ लिया. बेहरा ने इसके बाद नाव के मालिक को इसकी जानकारी दी. कबूतर को 10 दिन पहले समुद्र में पकड़ा गया था. तब नाव कोणार्क के तट से करीब 35 किलोमीटर अंदर थी.
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Source: IOCL





















