एक्सप्लोरर

Shiv Sena Symbol: 1985 में मशाल चुनाव चिह्न पर शिवसेना ने दर्ज की थी पहली जीत, पैसे नहीं थे इसलिए बाल ठाकरे ने चुना था ये सिंबल

Shiv Sena News: शिवसेना को 1989 में स्थायी रूप से धनुष और बाण का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था.

Shiv Sena Symbol History: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार (10 अक्टूबर) को शिवसेना (Shiv Sena) के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े को 'जलती मशाल' का चुनाव चिह्न आवंटित करने का फैसला किया. साथ ही दल को एक नया नाम भी दिया गया है. अब महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के गुट को 'शिवसेना- उद्धव बालासाहेब ठाकरे' कहा जाएगा.

बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना का 'जलती मशाल' चुनाव चिह्न के साथ पुराना नाता रहा है. 1985 में जब पार्टी के पास समर्पित चुनाव चिह्न नहीं था तो मशाल के सिंबल पर ही चुनाव जीता था. उस समय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के एकमात्र विधायक छगन भुजबल मझगांव निर्वाचन क्षेत्र से मशाल के सिंबल पर चुनाव जीते थे. 

छगन भुजबल ने सुनाया किस्सा

एक समर्पित चुनाव चिह्न नहीं होने के कारण भुजबल और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी सहित शिवसेना के अन्य उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने के लिए विभिन्न चुनाव चिह्नों का चयन किया था. जिसमें उगता सूरज और बल्ले व गेंद जैसे सिंबल शामिल हैं. भुजबल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, "मैंने जलती हुई मशाल को चुना था क्योंकि ये क्रांति और प्रतीकवाद का चिह्न था जिसने महाराष्ट्र के लोगों को एक नया रास्ता दिखाया." 

चुनाव लड़ने के लिए नहीं थे पैसे 

1985 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए भुजबल ने कहा कि तब चुनाव प्रचार काफी हद तक दीवार चित्रों और लेखन पर आधारित था. मशाल का फोटो दीवारों पर बनाना आसान होता था. उन्होंने कहा कि तब हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए मैं भी वॉल पेंटिंग बनाता था. जलती हुई मशाल बनाना मेरे लिए भी सबसे आसान था. मैंने अपने अभियान के दौरान इसे बनाया और इस चिह्न ने मतदाताओं को आकर्षित किया था. इसने मुझे ऐतिहासिक जीत दिलाई और उस समय मैं विधानसभा में शिवसेना का अकेला विधायक था. 

क्या उद्धव ठाकरे दोहराएंगे इतिहास?

छगन भुजबल अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा में मशाल चुनाव चिह्न के साथ उनकी जीत के बाद हर जगह शिवसेना की जीत हुई थी. उन्होंने कहा कि, "मुझे यकीन है कि उद्धव ठाकरे गुट के लिए भी कुछ ऐसा ही होगा और मशाल प्रतीक शिवसेना को महाराष्ट्र की राजनीति में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा." 

शिवसेना को 1989 में मिला था धनुष और बाण

बता दें कि, 1989 में शिवसेना (Shiv Sena) को स्थायी रूप से धनुष और बाण का चुनाव चिह्न सौंपा गया था और एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी गई थी. पार्टी के वरिष्ठ नेता दिवाकर रावते ने कहा कि पार्टी ने कई सिंबल पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने कहा कि, "जब तक शिवसेना को मान्यता नहीं मिली, तब तक उसने ढाल और तलवार, उगता सूरज, रेलवे इंजन, ताड़ के पेड़ आदि के सिंबल पर चुनाव लड़ा था. पार्टी को 1989 में अपना चुनाव चिह्न धनुष और बाण मिला था." 

ये भी पढ़ें- 

Maharashtra Politics: क्या महाराष्ट्र में बीजेपी और शिंदे गुट में है अनबन? पूर्व विधायक ने लगाए ये आरोप

Maharashtra Politics: आदित्‍य ठाकरे बोले- बालासाहेब के हिंदुत्‍व में बिलकिस बानो का रेप करने वालों की रिहाई पर जश्‍न नहीं हो सकता

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

वेनेजुएला के बाद अगला निशाना कौन, ट्रंप के खुफिया दस्तावेज में सारा भेद खुल गया!
वेनेजुएला के बाद अगला निशाना कौन, ट्रंप के खुफिया दस्तावेज में सारा भेद खुल गया!
'जो लोग पटाखे जलाते हैं वे देशद्रोही', BJP नेता मेनका गांधी ने दीवाली और दशहरे का भी किया जिक्र
'जो लोग पटाखे जलाते हैं वे देशद्रोही', BJP नेता मेनका गांधी ने दीवाली और दशहरे का भी किया जिक्र
'ट्रंप ने क्या कर दिया, इतनी पावर...', वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन से पाकिस्तानी एक्सपर्ट हैरान
'ट्रंप ने क्या कर दिया, इतनी पावर...', वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन से पाकिस्तानी एक्सपर्ट हैरान
भारत के इस 'एहसान' को भूल गया बांग्लादेश, जब कोई नहीं खेल रहा था क्रिकेट तब टीम इंडिया ने...
भारत के इस 'एहसान' को भूल गया बांग्लादेश, जब कोई नहीं खेल रहा था क्रिकेट तब टीम इंडिया ने...

वीडियोज

लड़की ने वकील को बनाया हनीट्रैप का शिकार, अश्लील वीडियो बनाकर मांगे 40 लाख.. Barmer की खबर हिला देगी
FASTag में बड़ा बदलाव | 1 February से KYV आसान होगा | Paisa Live
Nicolas Maduro का भारत से पुराना नाता! सत्य साईं बाबा के भक्त कैसे बने वेनेजुएला के राष्ट्रपति?
Sovereign Gold Bond: Long-Term Investors के लिए 21% CAGR Returns | Paisa Live
Trump Tariff: India पर अब कितना टैरिफ लगाएंगे Trump ,PM Modi का नाम लेकर दे दी धमकी... |ABPLIVE

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
वेनेजुएला के बाद अगला निशाना कौन, ट्रंप के खुफिया दस्तावेज में सारा भेद खुल गया!
वेनेजुएला के बाद अगला निशाना कौन, ट्रंप के खुफिया दस्तावेज में सारा भेद खुल गया!
'जो लोग पटाखे जलाते हैं वे देशद्रोही', BJP नेता मेनका गांधी ने दीवाली और दशहरे का भी किया जिक्र
'जो लोग पटाखे जलाते हैं वे देशद्रोही', BJP नेता मेनका गांधी ने दीवाली और दशहरे का भी किया जिक्र
'ट्रंप ने क्या कर दिया, इतनी पावर...', वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन से पाकिस्तानी एक्सपर्ट हैरान
'ट्रंप ने क्या कर दिया, इतनी पावर...', वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन से पाकिस्तानी एक्सपर्ट हैरान
भारत के इस 'एहसान' को भूल गया बांग्लादेश, जब कोई नहीं खेल रहा था क्रिकेट तब टीम इंडिया ने...
भारत के इस 'एहसान' को भूल गया बांग्लादेश, जब कोई नहीं खेल रहा था क्रिकेट तब टीम इंडिया ने...
दीपिका कक्कड़ ने शेयर की साल 2026 की पहली पोस्ट, बेटे संग दिखी जबरदस्त बॉन्डिंग, पति शोएब ने यूं किया रिएक्ट
दीपिका कक्कड़ ने शेयर की साल 2026 की पहली पोस्ट, बेटे संग दिखी जबरदस्त बॉन्डिंग
Video: बर्थडे पर केक काटते हुए नशे में दिखे पवन सिंह, मांग भरी महिला ने संभाला हाथ, यूजर्स ने पूछा, तीसरी शादी कर ली क्या
बर्थडे पर केक काटते हुए नशे में दिखे पवन सिंह, मांग भरी महिला ने संभाला हाथ, यूजर्स ने पूछा, तीसरी शादी कर ली क्या
Baby Discipline Tips: बच्चा मारने या काटने लगे तो क्या करें? जानें 1 साल के बच्चों को अनुशासन सिखाने का सही तरीका
बच्चा मारने या काटने लगे तो क्या करें? जानें 1 साल के बच्चों को अनुशासन सिखाने का सही तरीका
डाक विभाग में सरकारी नौकरी का मौका, 10वीं पास ड्राइवर के लिए भर्ती, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन
डाक विभाग में सरकारी नौकरी का मौका, 10वीं पास ड्राइवर के लिए भर्ती, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन
Embed widget