अविश्वास प्रस्ताव: वोटिंग से पहले शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला, 'पीठ में खंजर घोंपा गया'
शिवसेना ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सवाल कश्मीर का हो या जनता को अच्छे दिन दिखाने का, महंगाई का होगा या हमारे नाणार परियोजना ग्रस्तों का, सभी स्तर पर जनता की पीठ में सिर्फ खंजर घोंपा गया.

मुंबई: मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव पर आज चर्चा और वोटिंग होगी. इससे ठीक पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अहम सहयोगी शिवसेना ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. पार्टी ने मोदी सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया. यही नहीं चुनावों में अकूत धन, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए.
उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा, ''मौजूदा सरकार ने जो बहुमत या विश्वास प्राप्त किया है वही संदेहास्पद है. जिस जीत पर प्रश्नचिह्न है, वे बहुमत के भजन न गाएं. अकूत धन, सत्ता की तानाशाही और मतदान मशीनों में हेराफेरी ही जीत का त्रिसूत्र होगा तो लोकतंत्र में सिर्फ बिजूके ही हमारे देश में खड़े हैं और इन बिजूकों के अस्तित्व की लड़ाई की खड़खड़ाहट अब शुरू है.''
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा, ''सवाल कश्मीर का हो या जनता को अच्छे दिन दिखाने का, महंगाई का होगा या हमारे नाणार परियोजना ग्रस्तों का, सभी स्तर पर जनता की पीठ में सिर्फ खंजर घोंपा गया. सच बोलना देशद्रोह हो जाता है लेकिन विश्वासघात करना , जनता को छलना शिष्टाचार बन जाता है.''
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पार्टी ने कहा, ''बहुमत का अर्थ जनभावनाओं की कद्र, ऐसा न होकर बहुमतवालों की तानाशाही ऐसा हो गया है. लोगों को सपने दिखाना. श्रद्धा और भावनाओं से खिलवाड़ कर वोट मांगना और लोगों द्वारा झोली भरकर मतदान करने के बाद इन सभी चुनावी जुमलों को कभी भी स्वच्छ न होनेवाली गंगा में डुबो देना है. सार्वजनिक सभाओं में होनेवाली भीड़ और उसमें उठनेवाली उन्मादी चीत्कार का मतलब ही राज करना, ऐसा किसी को लगता होगा तो वह भ्रम है.''
लोकसभा में 18 सीटों वाली शिवसेना ने कहा, ''सवाल पूछा जा रहा है कि विरोधियों की एकता दिखेगी क्या? यही सवाल एनडीए नामक तांगे के रथ पर सवार हुए लोगों से पूछा जा सकता है. बीजेपी के पास खुद का आंकड़ा बड़ा है लेकिन जिन लोगों ने यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है वे तेलगू देशम वाले कल तक एनडीए के खेमे में थे. वे क्यों छोड़कर गए? महाराष्ट्र में जिन्होंने दूध का आंदोलन छेड़ा है वे राजू शेट्टी भी एनडीए के ही पालकी वाहक थे न? अन्य ऐरे गैरे नत्थू खैरों को जाने दो लेकिन जिस शिवसेना ने बुरे समय में बीजेपी का साथ दिया, हिंदुत्व के लिए बीजेपी के नगाड़े बजाए वह शिवसेना भी कागज पर एनडीए के साथ है.''
पार्टी ने कहा, ''बीजेपी के पास आंकड़ों का बहुमत है इसलिए मतदान के बाद सरकार गिर जाएगी, ऐसा कोई विचार नहीं कर रहा. सोनिया गांधी ने कहा है कि आंकड़ा हमारे पास भी है. राजनीति में फौज का आत्मविश्वा बढ़ाने के लिए इतर तरह की गर्जनाएं करनी पड़ती है. विरोधियों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिराने के लिए नहीं बल्कि मोदी सरकार को अभियुक्त के पिंजरे में खड़ा कर उनकी चमड़ियां उधेड़ने के लिए है.'' शिवसेना ने मुखपत्र सामना में लिखे गये संपादकीय में कहा कि संसद में सरकार पर हल्लाबोल होगा और उन आरोपों का गोलमोल जवाब देकर मेजें थपथपाई जाएंगी.
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आपको बता दें कि शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ है. अब तक पार्टी ने स्पष्ट नहीं किया है कि वह वोटिंग के समय क्या स्टैंड लेगी. शिवसेना के एक नेता ने कहा कि उद्धवजी ने सभी सांसदों से दिल्ली में मौजूद रहने के लिए कहा है और पार्टी के निर्णय के बारे वोटिंग से ठीक पहले बताया जाएगा. इससे पहले शिवसेना ने व्हिप जारी कर सभी सांसदों से एनडीए सरकार का समर्थन करने के लिए कहा था.
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