भारत की रसोई में दिखने लगा अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, इंडक्शन की कीमतों में आई उछाल
US-Iran Conflicts: भारत में हर साल करीब 3.13 करोड़ टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी का इस्तेमाल होता है. इस कुल आंकड़े का करीब 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में इस्तेमाल किया जाता है.

- इलेक्ट्रिक किचन अप्लायंसेज कंपनियों के शेयर में उछाल आया।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और इजरायल-अमेरिका के साथ ईरान के युद्ध का असर भारत के ऊर्जा क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. भारतीय तेल कंपनियों ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है.
गैस सिलेंडर की दामों में बढ़ोतरी की खबर के सामने आते ही देशभर में इंडक्शन कुकर, इलेक्ट्रिक केतली और बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की बिक्री अचानक तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं. अभी ग्राउंड पर पैनिक नहीं, पर ऑनलाइन और ऑफलाइन इंडक्शन जरूर ट्रेंड कर रहा है.
शेयर बाजार में भी दिखा असर
जैसे ही लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत की खबरें चारों तरफ फैलीं, वैसे ही इलेक्ट्रिक किचन अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयर भी अचानक उछाल देखा गया. मंगलवार (10 मार्च, 2026) को किचल अप्लायंस कंपनी बोरोसिल के शेयर में 13 फीसदी का उछाल आया.
इसके साथ ही, बजाज इलेक्ट्रिकल्स के शेयर्स में भी 7 फीसदी की तेजी आई. जबकि TTK प्रेस्टीज और हॉकिंस कुकर के शेयर भी 7 और 4.8 प्रतिशत की दर से बढ़े और बटरफ्लाई गांधीमती अप्लायंसेज के शेयर में 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.
भारत में हर साल कितने एलपीजी का होता है इस्तेमाल?
जानकारी के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 3.13 करोड़ टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी का इस्तेमाल होता है. इस कुल आंकड़े का करीब 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में इस्तेमाल किया जाता है.
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भारत की कुल LPG जरूरत का 62 फीसदी हिस्सा आयात से आता है और इस आयात का 85-90 फीसदी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरता है. अमेरिका-ईरान जंग के चलते यह रास्ता अभी बंद है. सऊदी अरब जैसे देशों से आने वाला LPG टैंकर इसी रास्ते से भारत पहुंचता था.
Source: IOCL



























