Maharashtra Politics: ‘हमारी बादशाही तो खानदानी है...’, उद्धव सरकार पर सियासी संकट के बीच शिवसेना का पोस्टर वार
Maharashtra Political Crisis: शिवसेना की तरफ से पोस्टर के जरिए करार हमला बोला गया है. संजय राउत के घर के बाहर एक पोस्टर लगाकर विरोधियों पर तंज किया गया है.

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में एक तरफ जहां एकनाथ शिंदे और अन्य शिव सेना के विधायकों के बागी तेवर के चलते राज्य की उद्धव सरकार संकट में आ गई है तो वहीं दूसरी तरफ इसे बचाने के लिए जोर-शोर से कोशिशें की जा रही है. इस बीच, शिवसेना की तरफ से पोस्टर के जरिए विरोधियों पर करार हमला बोला गया है. शिवसेना नेता संजय राउत के घर के बाहर बुधवार की सुबह एक पोस्टर लगाकर विरोधियों पर तंज किया गया.
शिवसेना का पोस्टर से वार
इस पोस्टर में लिखा था- "तेरा घमंड तो 4 दिन का है पगले, हमारी बादशाही तो खानदानी है." यह बैनर शिवसेना पार्षद दीपमाला बढे की तरफ से लगाया गया है. इस पोस्टर में संजय राउत की बड़ी तस्वीर लगाई गई है और इसके नीचे दीपमाला को देखा जा सकता है.
Maharashtra | A banner, reading 'Your arrogance would last 4 days, our kingship is inherited', seen outside the residence of Shiv Sena leader Sanjay Raut in Mumbai.
— ANI (@ANI) June 22, 2022
The banner has been put up by Shiv Sena Corporator Deepmala Badhe. pic.twitter.com/N4WkJA0riB
राउत बोले- एकनाथ शिंदे लौट आएंगे वापस
इधर, मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि पार्टी की प्रतिष्ठा सबसे ऊपर है. पार्टी से बढ़कर कुछ नहीं है. महाराष्ट्र में जारी संकट पर उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी का सपना साकार नहीं होगा. एकनाथ शिंद से बातचीत जारी है और वे सच्चे शिवसैनिक हैं और वापस लौट आएंगे. राउत ने आगे कहा कि सभी विधायकों के साथ संपर्क में हैं. इससे पहले, मुंबई से सूरत और के बाद वहां से बागी विधायकों को लेकर गुवाहाटी शिफ्ट हो गए हैं. एकनाथ शिंदे ने गुवाहाटी पहुंचने के बाद अपने साथ 40 विधायकों के होने का बड़ा दावा किया है. एकनाथ शिंदे का साथ 33 शिवेसना के बागी विधायक और 7 निर्दलीय भी पहुंचे हैं.
इन सभी को गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू में ठहराया गया है. उन्हें रिसीव करने के लिए वहां पर बीजेपी नेता सुशांत बोरगोहेन और पल्लब लोचन दास पहुंचे थे. सुशांत बोरगोहेन ने कहा- “मैं यहां इन्हें (सूरत से गुवाहाटी आए विधायक) लेने आया हूं. मैं व्यक्तिगत रिश्ते की वजह से इन्हें यहां लेने आया हूं. मैंने गिनती नहीं की हुई है कि कितने विधायक यहां आए हुए हैं. मुझ उन्होंने अपने कार्यक्रम के बारे में नहीं बताया है. ”
ये भी पढ़ें: एकनाथ शिंदे की वो एक शर्त जिसके आगे पस्त पड़ी महाराष्ट्र सरकार! क्या बच पाएगी CM उद्धव की कुर्सी?























