रिपब्लिक डे पर जानिए भारतीय संविधान में लिखी भगवान कृष्ण और बादशाह अकबर से जुड़ी बातें
Republic Day 2025: संविधान में 22 चित्र ऐसे हैं, जिनमें से एक भगवान कृष्ण का भी है.संविधान के भाग चार की शुरुआत कुरुक्षेत्र के चित्र से हुई है. इसमें कृष्ण, अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए दिखते हैं.

Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है, जो 1950 में भारतीय संविधान को अपनाने की याद दिलाता है. इस साल देश अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक दिन से जुड़े भारतीय संविधान में कृष्ण और अकबर से जुड़ी महत्वपूर्ण चित्रों और उनकी विशेषताओं के बारे में.
26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को आधिकारिक रूप से लागू किया गया. इससे पहले, संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया था. भारतीय संविधान, देश का सर्वोच्च कानून होने के साथ-साथ, भारतीय संस्कृति और इतिहास को भी दर्शाता है. संविधान की मूल मनुस्क्रिप्ट, जो हिंदी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई थी, इसमें 22 विशेष पेंटिंग्स बनाई गई थीं. ये पेंटिंग्स नंदलाल बोस और शांतिनिकेतन के उनके छात्रों ने बनाया था, जो भारतीय कला और इतिहास को बयां करती है.
संविधान में अंकित ऐतिहासिक चित्र
संविधान के भाग चार में कुरुक्षेत्र के युद्ध का चित्र है, जिसमें भगवान कृष्ण अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए दिखाए गए हैं. इस भाग में राज्य की नीति के निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy) शामिल हैं, जो सरकार के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं.
अकबर का दरबार
संविधान के भाग 14 में मुगल बादशाह अकबर के दरबार का चित्र है. इस भाग का शीर्षक "संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं" है. तस्वीर में अकबर अपने दरबार में बैठे हैं और उनके दरबारी चारों ओर मौजूद हैं. भारतीय संविधान की मूल प्रति में कई ऐतिहासिक हस्तियों और घटनाओं को चित्रित किया गया है.
भारतीय संविधान एक अमूल्य धरोहर
भारतीय संविधान की मूल प्रति को संसद के पुस्तकालय में सुरक्षित रखा गया है. यह सिर्फ एक कानून का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और इतिहास की झलक है. इसमें बनी चित्र हमारी गौरवशाली विरासत और मूल्यों की कहानी कहते हैं. गणतंत्र दिवस न केवल हमारे संविधान के लागू होने का उत्सव है, बल्कि यह हमें हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर की याद भी दिलाता है.
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