राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंज, कहा- कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ़्तरों को ‘स्टाफ़-मुक्त’ बनाना है
चाहे कोरोना का मुद्दा हो, अर्थव्यवस्था हो, चीन के साथ सीमा विवाद का मसला हो, रोजगार हो या फिर नीट और जेईई परीक्षा के आयोजन का विषय हो, राहुल गांधी लगातार सरकार से सवाल कर रहे हैं और निशाना साध रहे हैं.

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण’ इस सरकार की सोच है. राहुल ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ मोदी सरकार की सोच - न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण.’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ़्तरों को स्थायी ‘स्टाफ़-मुक्त’ बनाना है, युवा का भविष्य चुराना है, ‘मित्रों’ को आगे बढ़ाना है.’’
राहुल गांधी ने एक खबर शेयर की है उसके मुताबिक, कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने नयी सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक लगा दी है.
इससे पहले भी राहुल गांधी ने रोजगार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया था. उन्होंने #विकास_गायब_है के साथ ट्विट किया. राहुल ने कहा, ''5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था गायब, आम नागरिक की आमदनी गायब, देश की खुशहाली और सुरक्षा गायब, सवाल पूछो तो जवाब गायब.''
इससे पहले उन्होंने एक खबर का लिंक साझा करते हुए कहा कि मोदी सरकार, रोज़गार, बहाली, परीक्षा के परिणाम दो, देश के युवाओं की समस्या का समाधान दो.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इकॉनोमी को लेकर वीडियो साझा कर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों ले रहे हैं. उन्होंने गुरुवार को वीडियो जारी कर कहा, ''मोदी जी का ‘कैश-मुक्त’ भारत दरअसल ‘मज़दूर-किसान-छोटा व्यापारी’ मुक्त भारत है. उन्होंने आगे कहा, ''जो पाँसा 8 नवंबर 2016 को फेंका गया था, उसका एक भयानक नतीजा 31 अगस्त 2020 को सामने आया.''
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