पाकिस्तान रच रहा सिंध प्रांत से सिंधु नदी का पानी छीनने की साजिश, भड़क उठी चिंगारी, सड़कों पर उतरा जनसैलबा
आवामी तहरीक के अध्यक्ष वसंद थाड़ी ने आरोप लगाया कि सिंधु नदी पर कनाल बनाने से सिंध में भुखमरी, किसानों का विस्थापन और बेरोजगारी जैसी परेशानियों पैदा हो जाएंगी.

पाकिस्तान सिंधु नदी से छह कनाल निकालने जा रहा है. इस फैसले से सिंध प्रांत के लोगों में आक्रोश भड़क गया है. शहबाज सरकार ने इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (ISRA) एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिससे लोग गुस्से में हैं.
द डॉन की खबर के अनुसार पाकिस्तान सरकार के इस प्लान का सिंधी लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं. उन्होंने रविवार (2 फरवरी, 2025) को इसके खिलाफ मार्च निकाला. आवामी तहरीक (AT) पार्टी के अध्यक्ष एडवोकेट वसंद थाड़ी और वाइस प्रेजीडेंट हूरल निसा पलिजो के नेतृत्व में यह मार्च निकाला गया. उनका आरोप है कि सिंध प्रांत को उसके जल स्त्रोतों से वंचित रखने के लिए जानबूझकर रची गई साजिश है.
सिंध में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) की सरकार है और मुराद अली शाह यहां के सीएम हैं. आवामी तहरीक ने कहा कि पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी जनता को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रोजेक्ट, कॉर्पोरेट फार्मिंग और अन्य पहलों ने सिंध के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है. वसंद थाड़ी ने चेतावनी दी है कि सिंधु नदी पर बनाई जा रहीं ये कनाल कालाबाग बांध से भी ज्यादा खतरनाक है.
वसंद थाड़ी ने कहा कि कॉर्पोरेट फार्मिगं से खाने की कमी, किसानों का विस्थापन, बेरोजगारी, भुखमरी और गरीबी जैसी परेशानियां पैदा होंगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां आम नागरिक का हक उनकी जमीनों से छीन लेगी और नियंत्रण विदेशी शक्तियों के पास चला जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि स्पेशल इनवेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (SIFC) पाकिस्तान के संसाधनों को बेचने के लिए बनाया गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के गठबंधन की सरकार अपने फायदे के लिए देश की संपत्ति की नीलामी कर रही है.
वसंद थाड़ी ने प्रीवेंशन ऑफ इलेक्ट्रिक क्राइम्स एक्ट (Peca) में संशोधनों की भी आलोचना की और कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले के इरादे से ये बदलाव किए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को वश में रखने के लिए सरकार हर कोशिश कर रही है. वसंद थाड़ी ने सरकार से कोर्पोरेट फार्मिंग और कनाल प्रोजेक्ट को वापस लेने का आग्रह किया है.
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Source: IOCL























