'यह मजाक है...', इंडिगो एयलाइंस के खिलाफ DGCA के एक्शन पर पायलट संगठन का आया रिएक्शन
पायलट संगठन ने इंडिगो मामले में डीजीसीए की तरफ से की कार्रवाई का मजाक उड़ाया है. डीजीसीए ने कार्रवाई की थी, इसमें कंपनी पर जुर्माना लगाया था. हालांकि, इसी कार्रवाई की कड़ी आलोचना FIP की तरफ से की गई.

पायलट संगठन एफआईपी (FIP) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ानें बाधित होने के मामले में इंडिगो एयरलाइन पर विमानन नियामक डीजीसीए की तरफ से लगाए गए 22.20 करोड़ रुपये के जुर्माने को बहुत ही मामूली करार देते हुए सोमवार को इसकी कड़ी आलोचना की. भारतीय पायलट महासंघ (एफपीआई) ने कहा कि यात्रियों और विमानों की सुरक्षा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता है. वहीं, उड़ानों को रद्द करने की अवधि पर डीजीसीए की जांच को लेकर भी सवाल उठाए.
उड़ानें रद्द होने के मामले में DGCA ने की थी कार्रवाई
डीजीसीए ने शनिवार को विस्तृत जांच के बाद दिसंबर के शुरुआती दिनों में हजारों उड़ानें रद्द करने के लिए इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. इसके साथ ही एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीटर एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी इसिद्रे प्रोक्वेरस को चेतावनी दी गई, जबकि परिचालन नियंत्रण केंद्र (ओसीसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेसन हर्टर को मौजूदा पद से हटाने का भी आदेश दिया गया.
DGCA ने अपनी जांच में क्या पाया था?
डीजीसीए ने अपनी जांच में पाया कि तीन से पांच दिसंबर के बीच इंडिगो की कुल 2,507 उड़ानें रद्द होने और 1,852 उड़ानों के संचालन में देरी होने से देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए. नियामक ने पांच दिसंबर, 2025 से 10 फरवरी,2026 तक 68 दिनों की अवधि में निर्देशों का अनुपालन न करने के लिए एयरलाइन पर 20.40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, जो प्रतिदिन 30 लाख रुपये के हिसाब से है.
एफआईपी अध्यक्ष ने कार्रवाई को बताया मजाक
इस जुर्माने को बहुत मामूली बताते हुए एफआईपी अध्यक्ष जी. एस. रंधावा ने कहा कि यह कार्रवाई मजाक जैसी है. उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय स्तर की इतनी बड़ी अव्यवस्था के बावजूद सिर्फ चेतावनी दी गई और एक अधिकारी को हटाया गया. संसद में नागर विमानन मंत्री ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन सिर्फ चेतावनी देना ही कड़़ी कार्रवाई है.'
इसके साथ ही रंधावा ने इंडिगो की उड़ानें रद्द होने की अवधि को सिर्फ तीन-पांच दिसंबर तक रखे जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उड़ान रद्दीकरण दो दिसंबर से 15 दिसंबर तक चला था. एफआईपी ने अमेरिका के परिवहन विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने दिसंबर 2022 में उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के उल्लंघन पर साउथवेस्ट एयरलाइंस पर 14 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था, जिसे प्रभावित यात्रियों में बांटा गया. पायलट संगठन ने यह भी कहा कि उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) जैसे सुरक्षा मानकों की जगह जुर्माना नहीं ले सकता है क्योंकि ये सीधे तौर पर यात्रियों और उड़ान सुरक्षा से जुड़े हैं.
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