ऐसे कैसे लड़ेंगे कोरोना वायरस से, जब लॉकडाउन को ही कर दिया जाएगा बेअसर
दिल्ली में लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रही हैं.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री, बड़े-बड़े नेता समेत देश के नामी-गिरामी लोग लगातार लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें. इसके लिए अलग-अलग राज्यों ने लॉकडाउन तक की घोषणा कर दी है.
लेकिन जो तस्वीरें सामने आ रही है वह लोगों की लापरवाही को दिखा रही है. क्योंकि लोग अभी भी अपने घरों से निकल रहे हैं बिना किसी वजह के भी. जब तक ऐसा चलता रहेगा कोरोना कि चेन नहीं टूटेगी और जब तक ये चेन नहीं टूटेगी महामारी का खतरा लगातार बना रहेगा.
उत्तर प्रदेश दिल्ली के बॉर्डर पर लग रही है गाड़ियों की लंबी कतारें
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा हालातों को देखते हुए कुछ कड़े कदम उठाने की जरूरत है और उसमें जनता का सहयोग बहुत जरूरी है. इसी के चलते दिल्ली में जहां पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा की गई तो उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में, इसमें दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के ज़िले भी शामिल है.
लेकिन इस दौरान जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वो साफ तौर पर दिखा रहीं हैं कि दिल्ली में बहुत सारी ऐसी गाड़ियां और लोग भी सड़कों पर निकले हुए हैं जिनकी जरूरत नहीं थी. तो वही उत्तर प्रदेश दिल्ली में बॉर्डर पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं.
लोगों की अजीब दलीलों के सामने पुलिस निरुत्तर
दिल्ली यूपी सीमा पर तैनात पुलिस वालों का कहना है कि वह तो सुबह से ही यहां पर तैनात हैं लेकिन दिक्कत यह है कि बहुत सारे लोग जो बॉर्डर क्रॉस करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं वह अजीब अजीब दलीलें दे रहे हैं. ऐसी दलीलों की वजह से उनको रोकना फिलहाल मुश्किल हो जाता है.
पुलिस के मुताबिक कई लोग ऐसे हैं जो अपने करीबी और रिश्तेदारों के अस्पताल में होने की दलील ले रहे हैं तो कई लोग खुद अस्पताल जाने की बात कर रहे हैं. कुछ लोग ऐसे हैं जो किसी ना किसी की मौत का जिक्र कर बॉर्डर पार जाने की बात करते हैं.
ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती यह है कि आखिर ऐसे लोगों को कैसे रोका जाए क्योंकि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने साफ कहा था की लोगों की बात पर विश्वास किया जाएगा जिससे कि लोगों को परेशानी ना हो.
लोग पैदल ही झोला उठाकर और सामान लेकर निकल पड़े हैं हाईवे की तरफ
वही बॉर्डर के इलाकों में ऐसी तस्वीरें भी सामने आ रही है जहां पर बड़ी संख्या में लोग पैदल चल कर जा रहे हैं. ऐसे लोग हाथ में झोला और अपने करीबी लोगों के हाथ में हाथ डाल कर नजर आ रहे हैं क्योंकि रेलवे और बसों की आवाजाही बंद कर दी गई है.
लिहाजा बड़ी संख्या में लोग हाईवे के किनारे पहुंच गए हैं इस उम्मीद के सहारे वहां से उनको आगे जाने के लिए कोई साधन मिल जाएगा.
क्या ऐसे लड़ेंगे कोरोना से!! क्या ऐसे रुकेगी महामारी!!
ऐसे में सवाल यह है कि क्या ऐसे लोग भी कोरोना वायरस से लड़ाई और रोकथाम में बाधक नहीं बन रहे!! क्योंकि जब सरकार लगातार यही कोशिश कर रही है कि लॉकडाउन और जनता कर्फ्यू के जरिए लोगों को उनके घरों तक सीमित रखा जाए.
तो ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के बाहर निकलने से सरकार की योजना और कदम विफल साबित होते जा रहे हैं. लोगों की इस लापरवाही का सबसे ज्यादा खामियाजा अगर किसी को उठाना पड़ेगा तो वह आम जनता ही है क्योंकि जब तक कोरोना वायरस की कोरोना वायरस की चेन टूटेगी नहीं तब तक महामारी का खतरा लगातार बना रहेगा.
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