'उत्तर भारतीय मंच' से राज ठाकरे का हिंदी में भाषण, अपने पुराने आरोप दोहराए
उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी के पिछले विरोध प्रदर्शनों के लिए कोई स्पष्टीकरण देने नहीं आये हैं, बल्कि हिंदी में अपने विचार रखने आए हैं ताकि वह बड़ी संख्या में लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें.

मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से यहां आये लोगों को अपने - अपने राज्यों में नेताओं से वहां विकास के अभाव पर सवाल पूछना चाहिए. ठाकरे ने मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीयों के एक संगठन 'उत्तर भारतीय मंच' की एक रैली को संबोधित करते हुये यह कहा, जहां ठाकरे ने हिंदी में भाषण दिया.
Raj Thackeray in Mumbai: Hindi is undoubtedly a beautiful language but it's wrong that it's the national language. Never ever was a decision made upon national language. Like there's Hindi language, there's Marathi, Tamil, Gujarati, all of these are the languages of this nation. pic.twitter.com/mR3JNcBLRN
— ANI (@ANI) December 2, 2018
ठाकरे ने कहा, ''उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने देश को वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (जो वाराणसी से सांसद हैं) सहित कई प्रधानमंत्री दिए हैं. आप में से कोई उनसे (नेताओं से) नहीं पूछते कि क्यों राज्य औद्योगीकरण में पीछे छूट रहा है और क्यों वहां कोई रोजगार नहीं मिल रहा है.''
उन्होंने कहा, ''मुंबई आने वाले लोगों में अधिकांश लोग यूपी, बिहार, झारखंड और बांग्लादेश से हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि अगर लोग आजीविका की तलाश में महाराष्ट्र आ रहे हैं, तो उन्हें स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए.''
उन्होंने कहा, ''जब भी मैं अपना पक्ष रखता हूं जिससे यूपी और बिहार के लोगों के साथ विवाद हो जाता है, तो हर कोई मेरी आलोचना करता है. लेकिन हाल में गुजरात में बिहारी लोगों पर हुये हमलों के बाद, किसी ने भी सत्तारूढ़ दल (बीजेपी) या प्रधानमंत्री (जिनका गृह राज्य गुजरात है) से सवाल नहीं किया.''
उन्होंने कहा, ''इसी तरह के विरोध असम और गोवा में भी हुये. लेकिन मीडिया ने उसे कभी भी तरजीह नहीं दी. लेकिन मेरे विरोध को हमेशा ही मीडिया में बढ़ा-चढ़ाकर कर पेश किया जाता है.''
Source: IOCL

























