एक्सप्लोरर

बिहार में जातीय सर्वे, संसद में अविश्वास प्रस्ताव, क्या चुनाव से पहले इस बार घिर गई है मोदी सरकार?

कोई भी सरकार 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दे सकती है क्योंकि 1931 में जातीय जनगणना के बाद से कोई डाटा जातियों को लेकर साफ नहीं है.

मोदी सरनेम मानहानि केस मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक के बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता भी बहाल कर दी गई है. चुनाव से पहले ये कांग्रेस के लिए बड़ा बूस्टर है. लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दिल्ली से लेकर राज्यों तक में घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं. 

2019 की गलतियों से सबक लेते हुए विपक्ष ने 'INDIA' गठबंधन बनाकर मोदी सरकार के खिलाफ इस बार मजबूत मोर्चा बनाने की तैयारी में है. मणिपुर हिंसा को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष पीएम मोदी के 'डबल इंजन' की सरकार वाली बात को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी कर ली है. 

इसके साथ ही बिहार में जातीय जनगणना पर लगी रोक के बाद अब महागठबंधन ने इसको 2024 के लोकसभा चुनाव में 'ट्रंप कार्ड' के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी में है. यहां गौर करने की वाली बात ये है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ही बीजेपी ने ओबीसी जातियों का एक मजबूत समीकरण तैयार है जिसमें गैर यादव जातियां प्रमुख तौर पर शामिल की गई है. इसके साथ ही हिंदुत्व का भी रथ खूब दौड़ाया गया जिसके पोस्टर ब्वॉय नरेंद्र मोदी हैं. 

विपक्ष की कोशिश है कि जातियों का मुद्दा उठाकर  बीजेपी के हिंदुत्व के कार्ड को फेल कर दिया जाए. 2016 के बिहार विधानसभा चुनाव में यह प्रयोग सफल रहा है जब जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन ने बीजेपी को हरा दिया था. 

इस बार बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने विपक्षी गठबंधन को बनाने का जिम्मा संभाला है और उनके समर्थक उनको पीएम पद के दावेदार के तौर पर भी पेश कर रहे हैं. नीतीश के उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट से लड़ने की अटकलें हैं. 

यूपी की यह सीट कुर्मी बहुल है और यूपी में ओबीसी वर्ग में यादवों के बाद सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली जाति कुर्मी है जिसके बड़े नेता बीजेपी के साथ हैं. जातियों के इन समीकरणों के बीच मणिपुर हिंसा को लेकर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भी अहम है. संसद में इस पर चर्चा के दौरान दिए गए भाषणों की क्लिपें सोशल मीडिया पर प्रचार का नया हथियार बनने में देर न लगेगी. यहां पर एक भी गलती किसी भी पार्टी को भारी पड़ने वाली है. 

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राफेल सौदे पर भी ऐसी ही चर्चा हुई थी जिसमें भाषण के दौरान राहुल गांधी पीएम मोदी से गले मिले थे लेकिन उसके बाद उनका आंखों से इशारा करना पूरी कांग्रेस को चुनाव में भारी पड़ गया था.

अविश्वास प्रस्ताव से क्या मिलेगा?
मणिपुर में हुई हिंसा पर कांग्रेस और विपक्ष संसद में पीएम मोदी से जवाब मांग रहा था. लेकिन सरकार ने इसको सिरे खारिज कर चर्चा का प्रस्ताव दिया. इस पर विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. नियम के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव पेश होने पर प्रधानमंत्री को इस पर जवाब देना ही पड़ता है.

हालांकि सदन में सरकार को प्रचंड बहुमत है और इससे कोई खतरा नहीं है. लेकिन अब नजरें इस बात पर होंगी विपक्ष मोदी सरकार पर कितने तीखे वार कर पाता है और प्रधानमंत्री और उनके नेता किस तरह का जवाब देते हैं. अविश्वास प्रस्ताव से कुछ बातें एकदम साफ हो जाएंगी

अविश्वास प्रस्ताव न सिर्फ मोदी सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी है, विपक्षी गठबंधन 'India' के लिए भी ये किसी चुनौती से कम है. इस गठबंधन बनने के बाद से ही इसमें शामिल दलों के नेताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी है. एनसीपी नेता शरद पवार को लेकर अभी तक कोई स्थिति साफ नहीं है. कांग्रेस के लाख मना करने के बाद भी शरद पवार तिलक सम्मान समारोह में पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने पहुंच गए.

उधर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच रस्साकशी जारी है. 6 अगस्त को ही खबर आई है कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सीएम ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि पंचायत में विपक्षी पार्टियों से जीते प्रत्याशियों को निशाना न बनाए जाए.

इन हालात में अगर विपक्ष 'इंडिया' की अगुवाई में सुर ताल मिलाकर मोदी सरकार को घेरने में कामयाब हो जाता है तो लोकसभा चुनाव से पहले वह पूरे देश में एक नैरेटिव सेट करने में कामयाब हो जाएगा.

मणिपुर ही नहीं, विपक्ष के तरकश में होंगे कई तीर
लोकसभा और तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष के पास सरकार को घेरने का तगड़ा मौका है. जाहिर राहुल गांधी पर आया फैसला कांग्रेस के लिए एक बड़ी जीत के तौर पर आया है. हरियाणा में हिंसा, महंगाई, बेरोजगारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कथित प्रहार, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग, बृजभूषण सिंह का मामला और 9 सालों के शासन पर विपक्ष जरूर घेरने का कोशिश करेगा. यहां एक बात ध्यान देने वाली है कि बीते कुछ महीनों में सरकार पर सवाल उठाते हुए कई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, साफ है कि इस बार विपक्ष की ओर से इस मैदान पर भी तैयारी जोरदार है.

लेकिन पीएम मोदी से निपटना आसान नहीं
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो पीएम मोदी की कम्युनिकेशन स्किल की तारीफ करते हैं. इसकी बानगी भी देखने को मिली कि किस तरह से उन्होंने राफेल पर हुई बहस के दौरान राहुल गांधी के 'चौकीदार चोर है' के नारे के जवाब में 'मैं भी चौकीदार' कहकर माहौल को अपने पक्ष में मोड़ दिया था. इस बात को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गुलाम नबी आजाद ने भी माना था कि चौकीदार चोर है का नारा कांग्रेस के लिए नुकसान पहुंचा गया. 

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पीएम मोदी गैर बीजेपी शासित राज्यों में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी जरूर उठाएंगे. मानसून सत्र के पहले दिन मीडिया में पीएम मोदी ने मणिपुर  हिंसा के बाद वायरल हुए कुछ महिलाओं की वीडियो पर कहा भी था कि मणिपुर हो या राजस्थान-छत्तीसगढ़ ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. 

इसके साथ ही पीएम मोदी इस बात पर भी निशाना साधेंगे कि कैसे गैर बीजेपी शासित राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू नहीं किया जा रहा है.पीएम मोदी चिरपरिचित अंदाज में आरोपों पर सिलसिलेवार अंदाज में जवाब देने की तैयारी जरूर कर रहे होंगे.

एनडीए की भी अग्निपरीक्षा
विपक्षी गठबंधन के जवाब में बीजेपी ने एनडीए में भी कई दलों को जोड़ा है जिसमें यूपी से ओपी राजभर और बिहार में चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे नेता शामिल हैं. हालांकि इसके अलावा अकाली दल, वाइएसआर कांग्रेस और टीडीपी जैसी पार्टियां भी एनडीए के पाले में खड़ी हो सकती हैं. ऐसे हालात अगर बनते हैं तो यह विपक्ष के ऊपर मनोवैज्ञानिक दबाव जैसा हो सकता है.

मोदी बनाम विपक्ष
अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने एक बड़ा दांव खेला है, इसका नतीजा कुछ भी हो सकता है.अगर इसके जरिए विपक्षी मोदी सरकार के खिलाफ नैरेटिव सेट करने में नाकाम हुईं तो इसके मोदी बनाम विपक्ष बनने में देर नहीं लगेगी. ऐसे हालात में कांग्रेस दो बार पीएम मोदी से लोकसभा चुनाव हार चुकी है. बीजेपी इस बात को भुनाने में देर नहीं लगाएगी कि कैसे एक अकेले नरेंद्र मोदी को हराने के लिए सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियां एक हो गई हैं.

बिहार में जातीय सर्वे विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार की ओर से कराए जातीय सर्वे पर रोक हटा दी है. मामला अब सुप्रीम कोर्ट में चला गया है. दूसरी ओर बिहार सरकार का दावा है इसको लेकर 80 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है. जल्द ही आगे की प्रक्रिया पूरी शुरू कर दी जाएगी. अब यहां सवाल इस बात का है कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है तो बिहार सरकार इसको लेकर जल्दी में क्यों हैं?

बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल
दरअसल इस सर्वे के पीछे है तेजस्वी के नारे 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी का भी गणित है. विपक्ष को लगता है सर्वे के आंकड़े आने के बाद ओबीसी जातियों के लिए उनकी जनसंख्या के हिसाब से आरक्षण की मांग की जा सकेगी और ये सवाल पर बीजेपी को आसानी से घेरा जा सके.

ओबीसी वोटों का गणित
बिहार में आरजेडी का वोट बैंक यादव और मुस्लिम हैं तो दूसरी ओर जेडीयू के पास कुर्मी और पिछड़े और अति पिछड़ा वोट बैंक की ताकत है. जातीय सर्वे पर तेजस्वी का कहना है कि बिहार सरकार को जातीय सर्वे में मिला डाटा सबसे ज्यादा वैज्ञानिक और सच्चे हैं इससे अति पिछड़े, पिछड़े और सभी वर्गों के गरीबों को फायदा होगा.

जातीय सर्वे से क्या होगा
अभी तक के नियम के मुताबिक कोई भी सरकार 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दे सकती है क्योंकि 1931 में जातीय जनगणना के बाद से कोई डाटा जातियों को लेकर साफ नहीं है. लेकिन बिहार सरकार को लगता है कि जातीय सर्वे के बाद ओबीसी का आरक्षण बढ़ाया जा सकेगा और इसका लाभ चुनाव में मिलेगा. इसके साथ ही दूसरे राज्यों में भी इस कार्ड को चला सकता है.

जातीय जनगणना का इतिहास
2011 में यूपीए सरकार ने जातीय जनगणना कराई थी, लेकिन इसके आंकड़े जारी नहीं किए गए. इसके बाद साल 2017 में रोहिणी आयोग को ओबीसी को नए सिरे से वर्गीकरण की जिम्मेदारी दी गई. रोहिणी आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. अब देखना ये होगा कि बिहार का जातीय सर्वे और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट के बीच क्या मेल खाता है या फिर नई तरह की राजनीति की जमीन तैयार हो रही है. 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार का PNG विस्तार पर फोकस, एक महीने में लगे 3.42 लाख नए कनेक्शन
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार का PNG विस्तार पर फोकस, एक महीने में लगे 3.42 लाख नए कनेक्शन
असमिया रंग में रंगे योगी, 'जापी' पहनी और बजाया पारंपरिक ढोल, कांग्रेस-यूडीएफ पर जमकर बरसे
असमिया रंग में रंगे योगी, 'जापी' पहनी और बजाया पारंपरिक ढोल, कांग्रेस-यूडीएफ पर जमकर बरसे
Assam Election: असम के रण में योगी की गर्जना, बोले- कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी, घुसपैठियों को करेंगे बाहर
Assam Election: असम के रण में योगी की गर्जना, बोले- कांग्रेस मैदान छोड़कर भागी, घुसपैठियों को करेंगे बाहर
अफगानिस्तान में तेज भूकंप, पाकिस्तान से लेकर भारत तक कांप गई धरती, घरों से बाहर निकले लोग
अफगानिस्तान में तेज भूकंप, पाकिस्तान से लेकर भारत तक कांप गई धरती, घरों से बाहर निकले लोग

वीडियोज

Sansani: महायुद्ध का सबसे 'विध्वंसक' चैप्टर ! | Iran-israel War | Middle East War | Trump | abp News
Iran Israel War Update: ट्रंप का नया टारगेट सेट...पावर सेंटर पर करेंगे अटैक! | Middle East
Janhit With Chitra Tripathi: ईरान के मारे...Trump बेचारे, गुरूर..चूर-चूर! | Iran US Israel War
Khabar Filmy Hain: रोमांस से एक्शन तक... सलमान खान की 'सिकंदर' का फर्स्ट लुक आउट | Mathrubhumi
Saas Bahu Aur Saazish :Mihir-Noina की शादी का मंडप तैयार! Tulsi फोड़ेगी शादी के मंडप में सच्चाई का बम | Kyunki Saas Bhi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पहले से महंगाई की मार झेर रहा पाकिस्तान, अब इस देश ने कह दिया 2 अरब डॉलर कर्ज चुकाओ, अब क्या विकल्प
पहले से महंगाई की मार झेर रहा पाकिस्तान, अब इस देश ने कह दिया 2 अरब डॉलर कर्ज चुकाओ, अब क्या विकल्प
'खलनायकों का महिमामंडन पीढ़ियों के लिए खराब', फिल्मों निर्माताओं और कलाकारों से CM योगी की अपील
'खलनायकों का महिमामंडन पीढ़ियों के लिए खराब', फिल्मों निर्माताओं और कलाकारों से CM योगी की अपील
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
21 साल की मेहनत से 'लक्ष्मण' बने रवि दुबे, बोले- 'रामायण से बेहतर कोई चैलेंज नहीं हो सकता था'
21 साल की मेहनत से 'लक्ष्मण' बने रवि दुबे, बोले- 'रामायण से बेहतर कोई चैलेंज नहीं हो सकता था'
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
Explained: क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? 57% की पसंद UPI, कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
UP Board Result 2026: कॉपियों की जांच आगे बढ़ी, अब कब आएगा रिजल्ट? आइये जानें
कॉपियों की जांच आगे बढ़ी, अब कब आएगा रिजल्ट? आइये जानें
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
Embed widget