नए साल में रेलवे पुलिस का संकल्प; महिला सुरक्षा से लेकर आतंकवाद तक, स्टेशनों पर लगाए जा रहे आई-कैची हेल्प डेस्क
शहर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 20 हेल्प डेस्क लगाए गए हैं, जिनमें बांद्रा, कल्याण, एलटीटी, बोरीवली, चर्चगेट, आसनगांव, कुर्ला और ठाणे जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं.

नए साल की शुरुआत के साथ आम लोगों की तरह रेलवे पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया है. जीआरपी कमिश्नर राकेश कलासागर ने बताया कि साल 2026 में रेलवे पुलिस चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगी. इनमें महिला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अपराध की पहचान और रोकथाम, आतंकवाद से निपटना शामिल है.
कमिश्नर के मुताबिक, रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़, जल्दबाजी में सफर और कई बार पुलिस स्टेशन की दूरी के कारण अनेक शिकायतें पुलिस तक नहीं पहुंच पातीं. इसकी एक बड़ी वजह पुलिस चौकियों और जवानों की पर्याप्त विजिबिलिटी का अभाव भी है. नियमित यात्रियों को तो चौकी की जानकारी होती है, लेकिन नए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
'रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाए जा रहे'
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाए जा रहे हैं. ये हेल्प डेस्क बड़े और आई-कैची होंगे, जिन पर कंट्रोल रूम के नंबर (1512, 1930) भी स्पष्ट रूप से लिखे होंगे. इन्हें स्टेशनों के ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा, जहां से यात्रियों का आना-जाना अधिक रहता है, ताकि हर यात्री को वे आसानी से दिखाई दें और किसी भी घटना की सूचना तुरंत दी जा सके.
फिलहाल शहर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 20 हेल्प डेस्क लगाए गए हैं, जिनमें बांद्रा, कल्याण, एलटीटी, बोरीवली, चर्चगेट, आसनगांव, कुर्ला और ठाणे जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं. आने वाले समय में इन्हें शहर के सभी रेलवे स्टेशनों पर लगाने की योजना है.
हेल्पडेस्क पर दो पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
कैलासागर ने बताया कि पुलिस की विजिबिलिटी अपराधियों में भी डर पैदा करती है. यदि हेल्प डेस्क ऐसी जगह हो, जहां से स्टेशन में प्रवेश और निकास होता है, तो चोर-उचक्कों और अन्य अपराधियों को पुलिस की मौजूदगी का एहसास बना रहता है. इसी कारण पुलिस की दृश्य उपस्थिति बेहद अहम है.
हर हेल्प डेस्क पर दो पुलिस कर्मियों एक महिला और एक पुरुष की तैनाती की जाएगी, जिन्हें 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी पर रखा जाएगा. रेलवे पुलिस का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा.
Source: IOCL






















