Sanjay Bhandari Extradition Case: लंदन हाईकोर्ट से भारत को लगा बड़ा झटका, प्रत्यर्पण के खिलाफ संजय भंडारी की अपील मंजूर
Sanjay Bhandari: लंदन हाईकोर्ट ने भारतीय बिजनेसमैन संजय भंडारी को बड़ी राहत देते हुए उनके भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को मंजूर कर लिया है.

London High Court: लंदन हाईकोर्ट ने शुक्रवार (28 फरवरी) को भारतीय बिजनेसमैन संजय भंडारी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील स्वीकार कर ली. भंडारी जो रक्षा क्षेत्र के सलाहकार हैं. उनके ऊपर टैक्स चोरी और धनशोधन के गंभीर आरोप हैं.
लॉर्ड न्यायमूर्ति टिमोथी होलोयडे और न्यायमूर्ति करेन स्टेन की पीठ ने दिसंबर 2023 में इस मामले की सुनवाई की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने मानवाधिकार के आधार पर 62 वर्षीय भंडारी की अपील को मंजूर करते हुए फैसला सुनाया.
प्रत्यर्पण आदेश से मिली राहत
अदालत ने नवंबर 2022 में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से दिए गए फैसले और तत्कालीन ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन के प्रत्यर्पण आदेश को खारिज कर दिया. इस फैसले के तहत भंडारी को भारत में आपराधिक कार्यवाही का सामना करने से मुक्त कर दिया गया है.
तिहाड़ जेल में सुरक्षा को लेकर चिंता
फैसले में कहा गया कि भंडारी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों या अधिकारियों से धमकी और जबरन वसूली का वास्तविक खतरा हो सकता है. अदालत ने ये भी माना कि जेल की भीड़भाड़ और स्टाफ की कमी की वजह से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा.
लंदन हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण पर जताई चिंता
भंडारी की अपील यूरोपीय मानवाधिकार संधि (ECHR) के अनुच्छेद 3 के आधार पर स्वीकार की गई. अदालत ने माना कि भारत सरकार की ओर से उनकी सुरक्षा को लेकर दिए गए आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं और प्रत्यर्पण के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार की संभावना बनी रहेगी.
भंडारी के खिलाफ दो प्रत्यर्पण अनुरोध
भंडारी के खिलाफ दो प्रत्यर्पण अनुरोध किए गए थे पहला जून 2020 में धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत और दूसरा जून 2021 में काला धन एवं कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत. हालांकि इस फैसले के बाद उनका भारत प्रत्यर्पण अब अनिश्चित हो गया है.
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Source: IOCL





















