वायरल सच: क्या जानलेवा निपाह वायरस का इलाज करने वाली दवा मिल गई है?
केरल के बाद ये वायरस कर्नाटक और तेलंगाना तक फैल चुका है. 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है यानि शक है कि इन लोगों में निपाह वायरस का अटैक हुआ है

नई दिल्ली: निपाह वायरस का खतरा उससे होने वाली मौत के आंकड़ों के साथ बढ़ता जा रहा है. निपाह वायरस से फैली दहशत के माहौल में वॉट्सऐप पर चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है. दावे के मुताबिक निपाह वायरस की दवाई मिल गई है. इसलिए लोग निपाह वायरस से आसानी से निजात पा सकते हैं.
दावा इसलिए हैरान कर रहा है क्योंकि केरल में निपाह वायरस से अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है. केरल के बाद ये वायरस कर्नाटक और तेलंगाना तक फैल चुका है. 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है यानि शक है कि इन लोगों में निपाह वायरस का अटैक हुआ है
क्या लिखा है वायरल मैसेज में ? सोशल मीडिया पर अंग्रेजी में लिखा दो लाइनों का ये मैसेज वायरल हो रहा है. इस मैसेज में लिखा है, ''होम्योपैथी की दवाई जेल्सीमियम 200 निपाह वायरस से बचने की दवाई है. इस दवाई को एक सप्ताह में 3 बार, तीन सप्ताह तक लेना होगा. ये दवाई आपको निपाह वायरस से बचाएगी.''
क्या है निपाह वायरस के इलाज के दावे का सच? एबीपी न्यूज़ ने वायरल दावे की पड़ताल की. दिल्ली के आकाश हॉस्पिटल की एलोपैथी डॉक्टर परिनीता कौर ने बताया, ''कोई भी दवा निपाह वायरस के लिए नहीं इजाद की जा सकी है. इतनी तरह के वायरस हैं और इनमें से बहुत ही कम वायरस ऐसे हैं जिनके दवा बन पाई हो. न कोई दवा है न कोई वैक्सीन है अभी फिलहाल. अभी हम निपाह वायरस से बचने के लिए कुछ कर सकते हैं तो वो हैं सावधानी बरतें.'' एलोपैथ के मुताबिक निपाह वायरल से निपटने वाली कोई दवा फिलहाल नहीं बनी है.
हेडगेवार आरोग्य संस्थान डॉक्टर विशाल चड्डा ने बताया, ''जेल्सीमियम 200 एक पुरानी दवाई है जो होम्योपैथी में इस्तेमाल में आती है. निपाह वायरस के लक्षणों को देखना होगा. होम्योपैथी में लक्षणों के आधार पर दवाई दी जाती है. बीमारी के आधार पर दवाई नहीं दी जाती है. एक बीमारी के एक से अधिक लक्षण हो सकते हैं औऱ अलग लोगों में लक्षण अलग हो सकते हैं. जब लक्षणों के आधार पर चुनाव करेंगे तभी निपाह वायरस की प्रभावी दवाई बताई जा सकती है.''
हमारी पड़ताल में सामने आया कि निपाह वायरस की कोई दवाई फिलहाल नहीं है. सावधानी ही निपाह वायरस की सबसे बड़ा इलाज है.
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