'BJP के डबल इंजन वाले राज्य कर्नाटक की बराबरी क्यों नहीं करते?' अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी को कहा थैंक्यू तो सिद्धारमैया ने दिया ये जवाब
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधते हुए सीएम सिद्धरमैया ने कहा कि अगर मेक इन इंडिया वाकई सफल है तो बीजेपी के डबल-इंजन वाले राज्य, कर्नाटक के प्रदर्शन की बराबरी क्यों नही कर सकते.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्य की उपलब्धियों का श्रेय खुद लेकर कर्नाटक की सफलता को चुराने का काम कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि डबल इंजन वाली सरकारें कर्नाटक की प्रगति की बराबरी करने में क्यों असमर्थ हैं.
सिद्धारमैया की यह टिप्पणी तब आई जब वैष्णव ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता को स्वीकार करने के लिए लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को धन्यवाद.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेता विपक्ष की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, 'धन्यवाद राहुल गांधी, श्री नरेंद्र मोदी जी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम की सफलता को स्वीकार करने के लिए. जैसा कि आपने कहा है, हम अपने पीएम के विजन को लागू करके एक प्रोड्यूसर इकॉनोमी बन रहे हैं.'
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फॉक्सकॉन की वूमेन लेड आईफोन यूनिट में रिकॉर्ड भर्ती का जिक्र किया था. उनके इस फेसबुक पोस्ट के लिए अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर थैंक यू लिखा था. राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करके एक मिसाल पेश कर रहा है, जहां विनिर्माण इतनी तेजी से इतना आगे बढ़ सकता है.
If Make in India is truly a success, why can’t BJP’s "double-engine" states match what Karnataka has delivered?
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) December 26, 2025
When you have no achievements to show, you steal others’ success and take the credit. https://t.co/dxSnmUiHeC
फॉक्सकॉन की यूनिट में 30 हजार भर्तियां
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की ताइवान की कंपनी ‘फॉक्सकॉन’ आईफोन की सबसे बड़ी निर्माता है और चीन के बाहर इसकी दूसरी सबसे बड़ी फैक्टरी बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में स्थित है. वूमेन लेड इस यूनिट में आठ से नौ महीने में ही करीब 30 हजार भर्तियां हुई. इसमें अधिकतर कर्मचारियों की उम्र 19 से 24 साल के बीच है और इनमें से ज्यादातर की यह पहली नौकरी है.
बीजेपी शासित राज्य कर्नाटक की बराबरी क्यों नहीं करते?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधते हुए सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अगर मेक इन इंडिया वाकई सफल है तो बीजेपी के डबल-इंजन वाले राज्य, कर्नाटक के प्रदर्शन की बराबरी क्यों नही कर सकते?’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके पास दिखाने के लिए कोई उपलब्धि नहीं होती है तो आप दूसरों की सफलता चुरा लेते हैं और उसका श्रेय खुद ले लेते हैं.’’
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