जयशंकर ने PAK संसद के स्पीकर से मिलाया हाथ तो खुद की पीठ थपथपाने लगा पाकिस्तान, भारत ने बता दी औकात
Jaishankar Shakes Hand: कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एस जयशंकर और सरदार अयाज सादिक की संक्षिप्त मुलाकात हुई.

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान हुई एक औपचारिक मुलाकात ने भारत-पाकिस्तान के बीच नई सियासी बहस छेड़ दी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक के बीच सिर्फ हाथ मिलाने की घटना को पाकिस्तान ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना शुरू कर दिया. वहीं भारत ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि यह महज शिष्टाचार था, न कि किसी तरह की बातचीत या पहल.
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में पहुंचे विदेशी मेहमान
पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद ढाका में आयोजित अंतिम संस्कार कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए. भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर 31 दिसंबर को ढाका पहुंचे, जबकि पाकिस्तान की तरफ से नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक इस कार्यक्रम में मौजूद थे.
औपचारिक मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एस जयशंकर और सरदार अयाज सादिक की संक्षिप्त मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों ने शिष्टाचार के तहत हाथ मिलाया. यह मुलाकात कुछ ही पलों की थी और किसी तरह की औपचारिक बातचीत नहीं हुई.
पाकिस्तान ने पीटा ढिंढोरा
इस साधारण शिष्टाचार को पाकिस्तान ने बड़ी उपलब्धि बताना शुरू कर दिया. पाकिस्तानी बयान में कहा गया कि यह मई 2025 के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहली 'अहम उच्चस्तरीय मुलाकात' है. पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि वह भारत के साथ बातचीत और शांति की दिशा में हमेशा तैयार है.
भारत ने साफ किया रुख
पाकिस्तान के दावों पर भारत ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की. भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ शोक के अवसर पर हुई एक औपचारिक और शिष्टाचार भेंट थी. इसे किसी भी तरह की राजनीतिक या रणनीतिक बातचीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर सवाल
भारत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पाकिस्तान विदेश में शांति की बातें करता है, लेकिन अपने देश में उसका रवैया अलग नजर आता है. भारतीय पक्ष ने कहा कि शोक के मौके पर हुई मर्यादित मुलाकात को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है.
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Source: IOCL





















