पीएम के वोकल फॉर लोकल आह्वान के बाद देशी कुत्तों को दिया जाएगा बढ़ावा, उठाया गया ये कदम
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक पी. के. सिंह ने बताया कि कुत्तों को पहले पशु की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया था. लेकिन अब इन्हें साथी जानवर के रूप में शामिल किया गया है और एनबीएजीआर द्वारा इस के ऊपर अध्ययन करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से ‘मन की बात’ कार्यक्रम में में वोकल फ़ॉर लोकल के आह्वान के बाद अब स्वदेशी कुत्तों को प्रोत्साहित किया जाएगा. करनाल स्थित देश का एक मात्र संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज द्वारा पहली बार अब कुत्तों को भी पशुधन में शामिल किया. 3 प्रजाति के कुत्तों का संस्थान ने पंजीकरण किया है. इसका मकसद विलुप्त हो रही कुत्तों की प्रजातियों को बचाना और अच्छी किस्म की नस्ल को बढ़ाना है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज (NBAGR), एक संस्थान जो नए पहचाने गए पशुधन जर्मप्लाज्म को पंजीकृत करता है. अब कुत्तों की तीन नस्लों- तमिलनाडु के राजापलायम और चिपिपराई और कर्नाटक के मुधोल हाउंड को पंजीकृत किया है. अब पंजीकृत पशुधन की कुल संख्या 200 तक पहुंच गई है. यह पहली बार है कि कुत्तों की नस्लों को पंजीकृत किया गया है.
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक पी. के. सिंह ने बताया कि कुत्तों को पहले पशु की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया था. लेकिन अब इन्हें साथी जानवर के रूप में शामिल किया गया है और एनबीएजीआर द्वारा इस के ऊपर अध्ययन करेंगे. हाल ही में पहचाने गए कुत्तों की नस्लों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की नस्ल पंजीकरण समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था.
संस्थान जल्द ही सभी देशी कुत्तों की नस्लों को चिन्हित करेगा, जिनमें हिमाचली, भूटिया उर्फ गद्दी, रामपुर हाउंड, कारवां हाउंड और अन्य शामिल हैं. वे कहते हैं कि अगर सभी योजना के अनुसार हुआ तो गद्दी नस्ल का चयन करेगा. सीमा क्षेत्रों में तलाशी अभियान में पुलिस में अपराधियों को पकड़ने और रक्षा बलों मे यह काफी मददगार साबित होंगे.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















