Watch: भारत ने किया पिनाका गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण, 120KM तक नहीं बचेगा टारगेट, मुनीर की उड़ी नींद!
रॉकेट परीक्षण की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और सभी संबंधित साझेदार संगठनों को बधाई दी. पिनाका LRGR 120 रॉकेट पारंपरिक पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन है.

देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है. सोमवार को भारत की पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का प्रथम उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है. यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किया गया है.
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा डेवलेप किए गया ये अपडेटेड वर्जन रॉकेट सिस्टम सटीक मारक क्षमता और लंबी दूरी तक प्रभावी प्रहार के लिए डिजाइन किया गया है. इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई दी.
रक्षा मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पार किया. साथ ही इसने निर्धारित लक्ष्य क्षेत्रों तक अपनी सटीकता साबित की. पिनाका LRGR 120 रॉकेट पारंपरिक पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम (MBRS) का अपग्रेडेड वर्जन है.
इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम, बेहतर रेंज, उन्नत नेविगेशन और अधिक सटीकता शामिल है. यह रॉकेट कठिन युद्ध परिस्थितियों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन देने में सक्षम है और भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता में बड़ा परिवर्तन ला सकता है.
The maiden flight test of Pinaka Long Range Guided Rocket (LRGR 120) was conducted successfully at ITR, Chandipur today.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) December 29, 2025
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has congratulated @DRDO_India and other stakeholders on this achievement. pic.twitter.com/SAIL8jj8KI
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी DRDO को बधाई
परीक्षण की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सभी संबंधित साझेदार संगठनों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई ऊंचाई प्रदान करती है और राष्ट्र की सामरिक शक्ति को और अधिक विश्वसनीय बनाती है.
रक्षा मंत्री ने इस परीक्षण को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने इसे सशस्त्र बलों की मारक क्षमता को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया. लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट का सफल विकास भारतीय रक्षा प्रणाली के लिए गेम चेंजर साबित होगा.
डिफेंस एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस सफल परीक्षण से भारतीय सेना को लंबी दूरी की सटीक हमलावर शक्ति प्राप्त होगी. यह सीमा सुरक्षा और रणभूमि की जरूरतों के अनुरूप है. प्रणाली के पूरी तरह विकसित होने से सेना में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा.
रेंज पर तैनात सभी उन्नत ट्रैकिंग उपकरणों ने रॉकेट की पूरी उड़ान के दौरान उसकी ट्रैजेक्टरी को निगरानी में रखा. यह रॉकेट आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का सहयोग रहा.
परीक्षण को आईटीआर और प्रूफ एवं एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट द्वारा समन्वित किया गया. विशेष रूप से, इस परीक्षण में एलआरजीआर को सेना में मौजूद मानक पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि एक ही लॉन्चर से विभिन्न रेंज वाले पिनाका रॉकेटों को लॉन्च करने की सुविधा संभव है.
DRDO अध्यक्ष समीर वी कामत क्या बोले?
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने मिशन की सफलता पर सभी वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों को बधाई दी और इसे भारतीय स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि बताया.
गौरतलब है कि पिनाका LRGR 120 का सफल परीक्षण भारतीय थलसेना की आर्टिलरी क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा. सटीक मारक क्षमता सीमा क्षेत्रों में सामरिक बढ़त सुनिश्चित करने के साथ भविष्य के युद्ध परिदृश्यों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है.
Source: IOCL






















