IAF Plane Crash: 'अगर मेरा एक और भाई हो तो मैं...', आपको रुला देगी शरीद पायल की बहन की ये बात
IAF Plane Crash:असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह तोमर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत को पूरा देश नमन कर रहा है.

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे ने पूरे देश को दुखी कर दिया. इस हादसे में कई जांबाज योद्धाओं ने देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इनमें देहरादून के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह तोमर भी शामिल थे. उनकी शहादत से पूरे देश में शोक की लहर है, लेकिन उनके परिवार ने जिस साहस का परिचय दिया, उसने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह तोमर की बहन निवेदिता सिंह ने अपने भाई को खोने के बाद कहा कि अगर उनका एक और भाई होता तो वह उसे भी भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की सलाह देतीं. उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए ऐसा दुख है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती, लेकिन देश की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है.
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देश की सुरक्षा हमेशा मजबूत रहनी चाहिए- निवेदिता सिंह
निवेदिता सिंह ने कहा कि उनके परिवार के जीवन में एक ऐसी खाली जगह बन गई है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता. इसके बावजूद वह देश के युवाओं से अपील करती हैं कि वे दूसरी जगह करियर तलाशने के बजाय भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने के बारे में सोचें. उनका कहना है कि चाहे उनका व्यक्तिगत नुकसान कितना भी बड़ा क्यों न हो, देश की सुरक्षा हमेशा मजबूत रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके भाई ने पूरे परिवार को गर्व का एक ऐसा पल दिया है जिसे वे हमेशा याद रखेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद एक फौजी की पत्नी हैं और उनका विश्वास है कि देश सेवा से बढ़कर कोई कर्तव्य नहीं है. उन्होंने कहा कि जहां तक संभव होगा, उनका परिवार देश की सेवा के लिए हमेशा समर्पित रहेगा. प्रशांत सिंह तोमर का सपना बचपन से ही भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का था. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और उन्हें कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों से नौकरी के प्रस्ताव भी मिले थे. इसके बावजूद उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी के बजाय भारतीय वायुसेना में सेवा करने का रास्ता चुना और देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाया.
हादसे का वीडियो सामने आने के बाद उठे नए सवाल
असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए इस विमान हादसे का एक वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. रूस के सरकारी मीडिया संस्थान RT द्वारा प्रसारित बताए जा रहे इस वीडियो में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम क्षण दिखाई देने का दावा किया गया है. वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि लैंडिंग के दौरान विमान अचानक रनवे से अलग हो जाता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान रनवे से क्यों भटका. यह भी साफ नहीं है कि लैंडिंग के समय कोई तकनीकी खराबी हुई थी, ब्रेकिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था. भारतीय वायुसेना ने अभी तक इस वीडियो के मूल सोर्स या इसे आधिकारिक सीसीटीवी फुटेज होने की पुष्टि नहीं की है.
नियमित उड़ान के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना जोरहाट के रोवरिया एयरफोर्स स्टेशन पर नियमित सॉर्टी के दौरान हुई. AN-32 विमान लैंडिंग की प्रक्रिया में था, तभी यह हादसा हुआ. दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पांच योद्धाओं ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में शहीद होने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह तोमर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितन शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम शामिल हैं. भारतीय वायुसेना ने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए देश सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.
जांच जारी, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस हादसे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सेकंड की फुटेज देखकर किसी तकनीकी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा. विमान दुर्घटना की जांच में फ्लाइट डेटा, तकनीकी रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और विशेषज्ञों की रिपोर्ट जैसे कई पहलुओं की जांच की जाती है. भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं. जांच टीम यह पता लगाएगी कि लैंडिंग के दौरान ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं जिनके कारण विमान रनवे से बाहर चला गया और कुछ ही क्षणों में आग की चपेट में आ गया.
बिहार के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की आखिरी वीडियो कॉल
इस हादसे में बिहार के जहानाबाद जिले के रहने वाले 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी शहीद हो गए. शनिवार सुबह लगभग 9 बजे उन्होंने रोज की तरह अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की. वह खुश नजर आ रहे थे और ड्यूटी पर जाने की जल्दी में थे. उन्होंने मां से कहा कि अभी जल्दी में हूं, बाद में फुर्सत से बात करूंगा. इस वीडियो कॉल के लगभग एक घंटे बाद, सुबह करीब 10 बजे जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान AN-32 विमान अनियंत्रित होकर रनवे से फिसल गया. विमान दो हिस्सों में टूट गया और उसमें आग लग गई. इस हादसे में शुभम कुमार समेत पांच वायु योद्धाओं ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि एक सह-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए.
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