कांग्रेस नेता हरीश रावत ने दिए सक्रिय राजनीति छोड़ने के संकेत, कहा- अपनी पारी खेल चुका हूं
वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और अब अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना चाहते हैं. चुनावी दृष्टि से रावत के लिये पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे और उनके बयानों को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

देहरादून: चार दिन पहले कांग्रेस महासचिव के पद से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने रविवार को सक्रिय राजनीति छोड़ने का संकेत देते हुए कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और अब अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना चाहते हैं. गत तीन जुलाई को कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले को सोशल मीडिया के जरिये साझा करने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने इसकी वजह हाल में लोकसभा चुनावों में असम में पार्टी को मिली करारी हार बतायी. रावत असम में पार्टी मामलों के प्रभारी थे.
अपने ट्वीट में रावत ने लिखा था, ''मैंने अपनी कमजोरी महसूस की है और महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है.'' रावत ने कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और अब अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना चाहते हैं. चुनावी दृष्टि से रावत के लिये पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे और उनके बयानों को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. उन्होंने इस बार उत्तराखंड की नैनीताल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा. इससे पहले भी, उनके मुख्यमंत्री रहते हुए 2017 राज्य विधानसभा चुनावों में भी न केवल कांग्रेस महज 11 सीटों पर सिमट गयी, वह खुद भी दोनों विधानसभा सीटों, हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा से चुनाव हार गये थे.
हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दे रहे हैं, रावत ने इसका सीधा जवाब न देते हुए कहा कि वह कांग्रेस पार्टी और जनता की सेवा करते रहेंगे और सेवा करने के लिये किसी पद की दरकार नहीं होती. लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से रावत देश और प्रदेश में जगह-जगह भ्रमण कर रहे हैं. इस संबंध में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि इसके जरिये वह यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस की दृष्टि से लोकसभा चुनावों में आखिर क्या गलत हो गया.
रावत ने कहा कि एक नेता में अपने कार्यकर्ताओं के लिये प्रेरणादायी गुण होने चाहिए और राहुल गांधी में ये गुण हैं. उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि अगर राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहे तो 2022 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में स्थिति बदली जा सकती है.
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