श्रीलंका के साथ डील कैंसिल या नहीं? अडानी ग्रुप बोला- भ्रामक खबर, पढ़ें पूरा मामला
श्रीलंका ने पिछले साल मई में अडानी ग्रीन के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट किया था और अडानी ग्रुप वहां 484 मेगावाट का विंड पावर कॉम्पलेक्स बना रहा है.

भारतीय अरबपति गौतम अडानी और उनकी कंपनी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच श्रीलंका और अडानी ग्रुप के बीच पावर पर्चेज एग्रीमेंट को लेकर दो तरह की रिपोर्ट सामने आई हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया कि श्रीलंका ने बिजली खरीदने का समझौता रद्द कर दिया है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों के बाद श्रीलंका सरकार ने अडानी ग्रुप के प्रोजेक्ट्स के खिलाफ जांच शुरू की थी और अब अनुरा कुमारा दिसानायके सरकार ने डील खत्म कर दी है. हालांकि, ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि सौदा रद्द नहीं किया गया है. वहीं, अडानी ग्रुप की ओर से भी बयान आया है कि प्रोजेक्ट को कैंसिल नहीं किया गया है. नवंबर में अमेरिकी अथॉरिटी ने आरोप लगाया था कि अडानी ग्रीन और एज्योर पावर ग्लोबल सोलर को प्रोजेक्ट दिलाने के लिए भारतीय अधिकारियों को भारी रिश्वत दी गई थी. इस मामले को देखने के लिए अडानी ग्रुप ने इंडीपेंडेंट लॉ फर्म्स अपॉइंट की है.
अडानी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, 'श्रीलंका के मन्नार और पूनरी में ग्रुप के 484 मेगावाट के विंड पावर प्रोजेक्ट को रद्द करने की खबरें झूठी और भ्रामक हैं. हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि परियोजना को रद्द नहीं किया गया है. श्रीलंका की नई सरकार ने 2 जनवरी, 2025 को मई में हुई डील के लिए अप्रूव टैरिफ को रिइवैल्यूएट करने का फैसला किया, जो यह सुनिश्चित करने के लिए था कि शर्तें उनकी वर्तमान प्राथमिकताओं और ऊर्जा नीतियों के अनुसार हैं और ऐसा करना प्रक्रिया का हिस्सा है. अडानी ग्रुप श्रीलंका के ग्रीन एनर्जी सेक्टर में 1 बिलियन डॉलर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अक्षय ऊर्जा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा.'
श्रीलंका ने मई, 2024 में अडानी ग्रीन के साथ 20 साल का पावर पर्चेज एग्रीमेंट किया था. श्रीलंका की सरकार ने अडानी विंड पावर कॉम्प्लेक्स से बिजली खरीदने के लिए यह एग्रीमेंट किया था. 484 मेगावाट का यह विंड पावर कॉम्पलेक्स श्रीलंका के मन्नार और पूनरी कोस्टल एरिया में बनाया जा रहा है, जिसके लिए 442 मिलियन डॉलर खर्च किए जाने हैं. रिपोर्ट में ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके सरकार ने इस साल की शुरुआत में फैसला किया था कि वह इस डील पर आगे नहीं बढ़ेगी.
एएफपी ने एक सरकारी दस्तावेज और ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया कि पावर पर्चेज एग्रीमेंट रद्द हो गया है, लेकिन अडानी ग्रुप का प्रोजेक्ट कैंसिल नहीं किया गया है, उस पर काम चलता रहेगा. श्रीलंका में प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए एक कमेटी भी नियुक्त कर दी गई है. हालांकि, ऊर्जा मंत्री ने मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, लेकिन मंत्रालय के दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि सरकार प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रही है और डील रद्द नहीं की गई है.
नवंबर में न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान गौतम अडानी की कंपनी पर अमेरिकी निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने और एक सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को मोटी रिश्वत देने का आरोप लगाया गया था. आरोप था कि साल 2020 से 2024 के बीच अडानी ग्रुप को सोलर प्रोजेक्ट दिलाने के लिए गलत तरीके से भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर या 2236 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी. हालांकि, अडानी ग्रुप ने बेबुनियाद बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया है. गुरुवार को अडानी ग्रीन ने बताया था कि अमेरिकी अथॉरिटी की ओर से लगाए गए आरोपों के मामले में इंडीपेंडेंट लॉ फर्म्स को अपॉइंट किया है.
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