Earthquake: होली के दिन सुबह-सुबह भूकंप, लद्दाख से लेकर जम्मू-कश्मीर तक हिल गई धरती
Earthquake In Kargil: आज सुबह भारत के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग समय पर भूकंप आया. लद्दाख और जम्मू-कश्मीर पर रात 2.50 पर और अरुणाचल प्रदेश में सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए.

Earthquake In Kargil: होली के दिन भारत के सुदूर उत्तरी हिस्से में सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस हुए. लद्दाख के कारगिल में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया. रात 2.50 मिनट पर यह झटके महसूस हुए. कारगिल के साथ ही पूरे लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी इन झटकों को महसूस किया गया.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 15 किलोमीटर गहराई में था. इस भूकंप के तीन घंटों बाद ही पूर्वोत्तर भारत में भी झटके लगे. अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग इलाके में 4.0 तीव्रता का भूकंप मांपा गया. यहां सुबह 6 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए. 13 मार्च को दोपहर 2 बजे तिब्बत में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था.
लेह और लद्दाख में आते रहते हैं भूकंप
लेह और लद्दाख दोनों ही इलाके भूकंपीय क्षेत्र-IV में आते हैं, जिसका मतलब है कि भूकंप के लिहाज से ये बहुत ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्र हैं. टेक्टोनिक रूप से सक्रिय हिमालय क्षेत्र में स्थित होने के कारण लेह और लद्दाख में अक्सर भूकंप आते रहते हैं.
EQ of M: 5.2, On: 14/03/2025 02:50:05 IST, Lat: 33.37 N, Long: 76.76 E, Depth: 15 Km, Location: Kargil, Ladakh.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) March 13, 2025
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/7SuSEYEIcy
देश में भूकंप के संवेदनशील इलाकों की पहचान अतीत में आए भूकंपों और क्षेत्र की टेक्टोनिक संरचना से संबंधित वैज्ञानिक इनपुट के आधार पर की जाती है. इन इनपुट के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में बांटा गया है. जोन V, IV, III और II. जोन-V सबसे ज्यादा संवेदनशील है, वहीं जोन-II सबसे कम संवेदनशील.
सोशल मीडिया पर यूजर्स शेयर कर रहे आपबीती
रात में आए भूकंप का केंद्र तो कारगिल में था लेकिन जब इसके झटके जम्मू-कश्मीर तक पहुंचे तो जम्मू और श्रीनगर समेत कई इलाकों से सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी आपबीती शेयर की. उन्होंने बताया कि उनके शहरों में देर रात इन झटकों के बाद क्या-क्या हुआ.
यह भी पढ़ें...
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















