एक्सप्लोरर

12 बड़ी बातें | 6 बार सरकार से बात, लेकिन बेनतीजा- दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन का एक महीना पूरा, पढ़ें- अब तक क्या हुआ

26 नवंबर से देशभर के हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पर जुट हुए हैं. किसान तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. जानिए शुरू से अबतक क्या-क्या हुआ...

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को राजधानी की सीमाओं पर डटे हुए 30 दिन हो गए हैं. सरकार और किसान संगठनों के बीच छह दौर की बातचीत का अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है. दिल्ली की सीमाओं पर लगभग एक महीने से प्रदर्शन कर रहे किसान तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं. 26 नवंबर को पंजाब और हरियाणा से हजारों की संख्या में किसान आकर दिल्ली के समीप सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर आकर जुट गए थे. तब से अबतक क्या-क्या हुआ. यहां पढ़िए.

  1. 26 नवंबर को हजारों किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर किसानों को राजधानी में आने से रोक दिया. दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को पूरे दिन भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. दिल्ली मेट्रो सेवाएं कुछ लाइन पर निलंबित कर दी गई.
  2. 27 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं- टिकरी, सिंघु बॉर्डर पहुंचे हजारों की तादात में किसानों का स्वागत ठंडे पानी की बौछारों से किया गया. इसी दिन केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी. साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नए कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए सभी किसानों को आमंत्रित किया. लेकिन किसानों ने निरंकारी ग्राउंड जाने का ऑफर स्वीकार नहीं किया.
  3. किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच 1 दिसंबर को विज्ञान भवन में 3 घंटे से अधिक तक पहली बातचीत हुई. यह बातचीत बेनतीजा रही. किसान नेता सरदार चंदा सिंह ने कहा, "कृषि मंत्री ने हमसे कहा कि एक छोटी कमेटी बना दो. सरकार, किसानों की उस छोटी कमेटी से इस सब विषयों पर बात करेगी, लेकिन हमें सरकार का यह प्रस्ताव मंजूर नहीं है."
  4. 3 दिसंबर को चली सात घंटे की बैठक में किसानों ने केंद्र सरकार के तीनों मंत्रियों से दोटूक कह दिया कि कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा. सरकार के कई मांगों पर नरम रुख के बावजूद किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें संशोधन मंजूर नहीं है, बल्कि वे कानूनों का खात्मा चाहते हैं.
  5. 8 दिसंबर को किसानों द्वारा भारत बंद बुलाया गया. सुबह 11 बजे से 3 बजे तक किसानों ने सड़कों को जाम कर दिया था, जिसके कारण हाई वे पर वाहन सवारों को वापस लौटना पड़ा. किसानों के भारत बंद को देखते हुए, बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी रही. हालांकि इस भारत बंद का असर कुछ जगहों पर दिखाई दिया.
  6. 12 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा समेत दिल्ली हाईवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर लिया. उन्होंने यहां से गुजर रहे वाहनों को बिना कोई शुल्क दिए गुजरने दिया. वहीं सिंघु, टिकरी, चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर पर अपना डेरा डाले रहे. इन बोर्डरों पर किसानों को खाना खिलाने के लिए लंगर चलाए जा रहे.
  7. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष पर किसानों की समस्या के समाधान के रास्ते में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां किसानों को निर्णय तक नहीं पहुंचने देना चाहती हैं, लेकिन असली किसान नेता जरूर समाधान का रास्ता निकालेंगे.
  8. 15 दिसंबर को तीन नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों को गुमराह करने के लिए विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया. मोदी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
  9. किसान आंदोलन 21वें दिन में प्रवेश कर गया. इस बीच एक 65 वर्षीय किसान ने सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आत्महत्या कर ली. किसान ने सुसाइड नोट में कहा कि वह किसानों की दुर्दशा को देख नहीं सकते, जो हाल ही में पारित कृषि बिल के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
  10. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर डटे आंदोलनकारी किसानों को हटाने की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पूछा कि क्या केंद्र सरकार हाल ही में लागू किए गए कृषि कानूनों पर तब तक रोक लगा सकती है, जब तक कि अदालत इस मामले की सुनवाई नहीं कर लेती?
  11. 20 दिसंबर को बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों ने आंदोलन शुरू होने के बाद से दम तोड़ने वाले 31 किसानों को श्रद्धांजलि दी. हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने इन सभी मृत्यु के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया है. किसानों ने अपने साथियों को शहीद का दर्जा दिया और कहा कि बहुत दु:ख है कि हमारे भाई हमारे बीच नहीं रहे, ये सभी शहीद हैं.
  12. 23 दिसंबर को देश के 20 राज्यों के तीन लाख 13 हजार 363 किसानों ने नए कृषि कानूनों के समर्थन में सरकार के पास अपने हस्ताक्षर के साथ एक पत्र भेजा. केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि देशभर में नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों में उत्साह है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से देश के कृषि क्षेत्र में इन सुधारों की जरूरत महसूस की जा रही थी.
ये भी पढ़ें- PM मोदी आज 6 राज्यों के किसानों से करेंगे सीधा संवाद, नौ करोड़ किसानों के खाते में भेजेंगे18,000 करोड़ रुपये हरियाणा: सीएम खट्टर ने किसान आंदोलन को बताया तमाशा, बोले- प्रदर्शन के और भी तरीके हो सकते हैं
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून के प्रदर्शन को लेकर जारी की कौन सी लिस्ट? Video जारी कर PM मोदी से की ये मांग
कॉकरोच जनता पार्टी 6 जून के प्रदर्शन को लेकर जारी की कौन सी लिस्ट? PM मोदी से की ये मांग- Video
लक्षद्वीप में फिर से बिकेगी शराब, भारत सरकार ने पूर्ण शराबबंदी कानून को किया खत्म, नियमों के साथ जारी किया आदेश
लक्षद्वीप में फिर से बिकेगी शराब, भारत सरकार ने पूर्ण शराबबंदी कानून को किया खत्म, नियमों के साथ जारी किया आदेश
LIC लगातार राजेश एक्सपोर्ट्स में पैसे लगाता रहा, आखिर ऐसा क्यों हुआ? कांग्रेस ने खोली पोल
LIC लगातार राजेश एक्सपोर्ट्स में पैसे लगाता रहा, आखिर ऐसा क्यों हुआ? कांग्रेस ने खोली पोल
अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की लगी झड़ी, वाइस प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी समेत 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ी
अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की झड़ी, वाइस प्रेसिडेंट समेत 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ी

वीडियोज

Bollywood News: आमिर खान ने गौरी स्प्रैट संग शादी की पुष्टि की, 5 जुलाई को लेंगे सात फेरे (05.06.26)
Laxmi Niwas:😯Radhika को हुआ Veer पर शक, क्या सामने आएगा मंगलसूत्र का सच? #sbs
Cannes में भारत का प्रतिनिधित्व कर भावुक हुईं Nidhi Kumar Malhotra, बताया खास अनुभव
'Peddi' में Ram Charan का शानदार प्रदर्शन, क्लाइमैक्स ने छोड़ी गहरी छाप
Madhuri Dixit के नए अवतार ने जीता दिल, 'Maa Behen' बनी मजेदार एंटरटेनर

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Monsoon Alert: केरल पहुंचा मानसून! IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, जानिए यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी एंट्री?
केरल पहुंचा मानसून! IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, जानिए यूपी-बिहार और दिल्ली में कब होगी एंट्री?
'मत भूलो कि UP में बाबा की सरकार है, गर्मी शांत...', BJP नेता दिनेश लाल 'निरहुआ' का सपा पर हमला
'मत भूलो कि UP में बाबा की सरकार है, गर्मी शांत...', BJP नेता दिनेश लाल 'निरहुआ' का सपा पर हमला
6 फिल्में, 2 सीरीज... थियेटर से OTT तक लगा एंटरटेनमेंट का मेला, जानें क्या देखें और क्या Skip करें
6 फिल्में, 2 सीरीज... थियेटर से OTT तक लगा एंटरटेनमेंट का मेला, जानें क्या देखें और क्या Skip करें
IND vs AFG Test Live Streaming: कब, कहां और कैसे 'फ्री' में देखें भारत-अफगानिस्तान का टेस्ट; यहां मिलेगी A टू Z डिटेल
कब, कहां और कैसे 'फ्री' में देखें भारत-अफगानिस्तान का टेस्ट; यहां मिलेगी A टू Z डिटेल
जिस समय खामनेई पर हुआ था अटैक, मैं वहीं था..., ईरान के विदेश मंत्री ने सुनाया वो खौफनाक मंजर
जिस समय खामनेई पर हुआ था अटैक, मैं वहीं था..., ईरान के विदेश मंत्री ने सुनाया वो खौफनाक मंजर
6 जून से दिल्ली में मचेगा सियासी घमासान! दलित-मुस्लिम गठबंधन के लिए कांग्रेस का सबसे बड़ा दांव
6 जून से दिल्ली में मचेगा सियासी घमासान! दलित-मुस्लिम गठबंधन के लिए कांग्रेस का सबसे बड़ा दांव
Explained: पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ ही आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच निकलते
पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच जाते
कार खरीदने वालों की हुई बल्ले-बल्ले, Tata की इन गाड़ियों पर मिल रहा बंपर डिस्काउंट
कार खरीदने वालों की हुई बल्ले-बल्ले, Tata की इन गाड़ियों पर मिल रहा बंपर डिस्काउंट
Embed widget