जानिए, भारत में अभी कोरोना वायरस किस स्टेज में है, सरकार की कैसी हैं तैयारियां
सीनियर डॉक्टर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े रहे डॉ के. के. अग्रवाल के मुताबिक इस तरह की महामारी से लड़ने के लिए भी अलग-अलग स्टेज होता है. पहला स्टेज हो गया कंटेनमेंट, दूसरा डिले, तीसरा रिसर्च और चौथा हुआ मिटिगेशन. ये सारे एपाइडमोलॉजी लॉ होते हैं.

नई दिल्ली: चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब दुनिया के कई देशों में फैल चुका है. रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं. भारत में भी कोरोना बहुत तेजी से पैर फैला रहा है. भारत में भी कोरोना के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं, वहीं अब तक 2 लोगों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है. सरकार का कहना है कि इसको रोकने के लिए मुकम्मल तैयारियां पहले से ही की गई हैं. इसी वजह से बाकी देशों के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस का उतना प्रकोप नहीं है. वहीं, भारत में कोरोना वायरस या कहे COVID-19 स्टेज-2 में है और इसे स्टेज 2 से आगे ना बढ़ने देने की भारत सरकार कोशिश कर रही है. जानकारों के मुताबिक सरकार को तेजी से कदम उठाना होगा, नहीं तो हम स्टेज-3 में चले जाएंगे. ईसीएमआर यानी इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जनरल डॉ भार्गव के मुताबिक सरकार के पास 1 महीने का वक्त है, स्टेज-3 में जाने से बचने के लिए. तो क्या है भारत की इस समय स्थिति, क्या-क्या तैयारी है और क्या होता है स्टेज आइए हम आपको बताते हैं.
सबसे पहले आपको ये समझा दें कि आखिर स्टेज क्या है और कौन से स्टेज में क्या होता है. स्टेज यानी बीमारी से होने वाले असर, सिर्फ व्यक्ति नहीं बल्कि समाज और देश पर.
- पहले स्टेज में बाहर से इंफेक्शन आता है और कुछ लोगों में फैलता है. - दूसरा स्टेज वो है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति से उनके क्लोज़ कॉन्टेक्ट यानी परिवार में फैलता है, कम्युनिटी इन्फेक्शन नहीं है. - तीसरे स्टेज में एकदम से कम्युनिटी स्प्रेड हो जाता है. क्लस्टर आने लगते हैं यानी एक जगह पर कई लोगों को और फिर संक्रमण फैलने लगता है. - चौथा स्टेज है कि ये क्लस्टर्स के अलावा सारे देश में फैलना शुरू हो जाएगा और उसमें यह मायने नहीं रखता कि किसने किसको दिया वह कम्युनिटी शेयर्ड हो रहा है, फिर वह पैंडेमिक हो जाता है. जहां सब लोगों में इंफेक्शन के चांस बढ़ जाते हैं.
अगर भारत की बात करें तो इस हिसाब से हम स्टेज-2 में है. हमारे यहां वायरस का संक्रमण बाहर से आया. संक्रमित व्यक्ति ने अपने करीबी लोगों को संक्रमित किया. जैसा की दिल्ली में जिस व्यक्ति को हुआ वो इटली गया था और वहां वो संक्रमित हुआ. इसके बाद वो अपने रिश्तेदारों से आगरा में मिला और उन्हें संक्रमित किया. कुछ ऐसा ही दिल्ली में कोरोना से हुई मौत के मामले में हुआ, बेटे को हुआ और परिवार में वायरस फैला. यानी स्टेज-2 की सारी बातें हैं. यानी व्यक्ति से वायरस अपने क्लोज कॉन्टैक्ट में फैलता है, आगे कम्युनिटी में नहीं.
इसलिए जानकारों के मुताबिक भारत में अभी COVID-19 स्टेज-2 पर पहुंचा है. भारत के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया के मुताबिक अभी भारत में COVID-19 स्टेज-2 में है और इससे सही तरीके से निपटा जा रहा है.
एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने एबीपी न्यूज़ को बताया, "भारत में अगर हम देखें, हम शुरुआती स्टेज में हैं. यानी स्टेज-2 में हैं. या तो वो बाहर से आए हैं या तो उनके क्लोज कॉन्टैक्ट में है कोई क्लस्टर नहीं हुआ जो कि अगला स्टेज है और उसके आगे वाला जो स्टेज है, एक्स्टेंसिव कम्युनिटी स्प्रेड और जिसमें क्लस्टर नहीं है, जिसमें सारे लोगों में स्प्रेड हो जाता है, अभी ऐसी स्तिथि नहीं है. ये बात सही है कि कुछ देशों में यह स्थिति है, लेकिन हमारे यहां नहीं है और हमारी कोशिश है कि हम वहां तक ना पहुंचे."
सीनियर डॉक्टर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े रहे डॉ के. के. अग्रवाल के मुताबिक इस तरह की महामारी से लड़ने के लिए भी अलग-अलग स्टेज होता है. पहला स्टेज हो गया कंटेनमेंट, दूसरा डिले, तीसरा रिसर्च और चौथा हुआ मिटिगेशन. ये सारे एपाइडमोलॉजी लॉ होते हैं. डॉ के.के. अग्रवाल के मुताबिक, "जब वायरस से संक्रमण का केस आता है तो कंटेनमेंट होता है यानी रोकने की कोशिश करते हैं. वहीं, एक व्यक्ति से दूसरों या क्लोज कॉन्टैक्ट को हो तो कंटेनमेंट होता है. क्लस्टर यानी जब एक से दूसरे और बाकियों में वायरस फैलने लगे तो डिले भी करते हैं यानी जैसे मॉल, स्कूल, ट्रेन बंद कर संक्रमण फैलने से रोकना. लेकिन कम्युनिटी स्प्रेड होता है तो आप मिटिगेशन में आ जाते हो, जैसे भी हो महामारी को रोकने की कोशिश करो. इस बीच तीसरा स्टेज यानी डिले के बाद से रिसर्च भी एक स्टेज है, जिसमें दवाई और वैक्सीन तैयार करने की कोशिश करते हैं."
अगर तीसरे स्टेज में भारत पहुंचता है, तो क्या होगा? ऐसे में एम्स के डायरेक्टर मानते हैं कि हालांकि ये अभी दूर की बात है और सरकार ने इसके लिए काफी तैयारी कर रखी है. जैसे अस्पताल और आइसोलेशन वार्ड तैयार कर रखे हैं.
डॉ रणदीप गुलेरिया कहते हैं, "अगर हम उस स्टेज पर पहुंचते हैं तो हमारे पास तैयारी होनी चाहिए. अगर एक दम से बहुत ज्यादा केस आने लगें प्लास्टर आ गया या क्लस्टर से आगे चले गए. देश में बहुत ज्यादा लोगों को इंफेक्शन होता है तो हमारी तैयारी होनी चाहिए, पूरी तरह से उसको हैंडल कर पाए."
तो फिलहाल मेडिकल क्षेत्र के बड़े जानकारों के मुताबिक हम अभी स्टेज-2 में हैं. वहीं, भारत में जिस तरह कदम उठाए जा रहे हैं, उससे उम्मीद है की स्टेज-3 में नहीं जाएं, क्योंकि उसके बाद ये तेज़ी से स्टेज 4 यानी महामारी में फ़ैल जाएगा. फिलहाल सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन इसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसलिए सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, सफाई रखें और हाथ धोते रहें.
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Source: IOCL

























