'जनता जिए या मरे, वोट चोरी से सत्ता में आए लोगों को कोई फर्क नहीं', राहुल गांधी का सरकार पर तीखा वार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को आगे बढ़ाया. नेता विपक्ष ने कहा कि ‘वोट चोरी’ करके सत्ता में आने वालों को जनता की समस्याओं से कोई परवाह नहीं है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (21 अगस्त, 2025) को दावा किया कि ‘वोट चोरी’ करके सत्ता में आने वालों को जनता की समस्याओं से कोई परवाह नहीं है, क्योंकि उन्हें जनता के वोट की जरूरत नहीं है. राहुल गांधी एक दिन के अवकाश के बाद गुरुवार को लखीसराय में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए.
इससे पहले सुबह के समय राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने शेखपुरा से यात्रा आरंभ की और यह यात्रा दोपहर के समय लखीसराय पहुंची. यात्रा में बुधवार (20 अगस्त, 2025) को अवकाश था. राहुल गांधी गुरुवार को उप राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन में शामिल हुए, जिसके कारण वह दिन में पहले हिस्से की यात्रा में शामिल नहीं हो सके.
युवाओं से मुलाकात का वीडियो शेयर कर किया पोस्ट
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने औरंगाबाद में कुछ युवाओं से मुलाकात का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया. राहुल गांधी ने पोस्ट किया, ‘भारत के प्रिय मतदाताओं, मैं आप सभी से एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूं. जो सरकार वोट चोरी से बनी हो, क्या उसका इरादा कभी जनसेवा हो सकता है? नहीं. उन्हें आपके वोट की जरूरत ही नहीं है, इसलिए आपकी समस्याओं की परवाह भी नहीं है.’
उन्होंने दावा किया, ‘आज की स्थिति आपके सामने है. रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी के कारण युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है. सरकार पूंजीपतियों के खजाने भर रही है.’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘नीट, एसएससी पेपरलीक जैसे घोटालों ने लाखों छात्रों के करियर तबाह कर दिए. सरकार ने मुंह फेर लिया. महंगाई आसमान छू रही है, जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है, मगर सरकार कर बढ़ाती गई.’
पहलगाम से लेकर मणिपुर तक आतंक और हिंसा
उन्होंने दावा किया, ‘रेल हादसों और सड़कों, पुलों जैसे बुनियादी ढांचों के टूटने में सैकड़ों निर्दोष लोगों की असमय मृत्यु हुई, लेकिन सरकार ने जवाबदेही तक नहीं तय की.' राहुल गांधी का कहना था, ‘पहलगाम से लेकर मणिपुर तक आतंक और हिंसा की घटनाएं हुईं, सैकड़ों लोग मारे गए, लेकिन सरकार ने जिम्मेदारी तक नहीं ली.'
गांधी ने कहा, 'नोटबंदी, कोरोना और किसान आंदोलन में लाखों लोगों की जान गई. प्रधानमंत्री ने सहायता तो दूर, संवेदना तक नहीं दिखाई, क्योंकि यह सरकार आपकी चुनी हुई नहीं है, बल्कि वोट चोरी से बनी है.’ उन्होंने जनता से कहा, ‘आप जिएं, मरें, तड़पते रहें, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. इन्हें भरोसा है कि जनता वोट दे या न दे, वो चोरी से फिर सत्ता में आ ही जाएंगे.’
'अपनी सरकार चुनिए, जो सचमुच आपकी हो'
राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि साफ-सुथरी मतदाता सूची स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद है. अपने मताधिकार को यूं जाने मत दीजिए, क्योंकि आपके सारे अधिकार इसी बुनियाद पर टिके हैं. अपनी सरकार चुनिए, जो सचमुच आपकी हो, आपकी जिम्मेदारी उठाए और आपके प्रति जवाबदेह हो. भारत माता और देश के संविधान की रक्षा अपने वोट से कीजिए.’
ये भी पढ़ें:- असम में 18 साल से ऊपर के लोगों का नहीं बनेगा आधार कार्ड, जानें हिमंता सरकार ने क्यों लिया ये फैसला
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















