I.N.D.I.A. Alliance: क्या इंडिया गठबंधन हो चुका है खत्म? कपिल सिब्बल ने दे दिया जवाब
I.N.D.I.A. Alliance: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बनाया गया था. अब राज्यों में यह लागू रहेगा या नहीं, इस पर स्थिति साफ होनी चाहिए.

I.N.D.I.A. Alliance: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन की बजाय अलग-अलग लड़ना पसंद किया. इसका नतीजा दोनों ही पार्टियों के लिए बुरा साबित हुआ. आम आदमी पार्टी जहां महज 22 सीट पर सिमट गई, वहीं कांग्रेस एक सीट भी हासिल नहीं कर पाई. इन चुनाव नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने क्या कहा? यहां पढ़ें..
कपिल सिब्बल ने कहा, 'शरद पवार जी ने कई बार दोहराया है कि इंडिया गठबंधन केवल राष्ट्रीय चुनाव के लिहाज से बनाया गया है. तो जब राष्ट्रीय चुनाव होते हैं तो यह लागू होगा, राज्यों के चुनावों में यह लागू नहीं है. वैसे, यह बात भी और पूरी तरह साफ होनी चाहिए कि यह कब लागू होना चाहिए या कब नहीं. अब दिक्कत यह है कि हमारी क्षेत्रीय पार्टियां चाहती है कि प्रदेश के बाहर भी उनका कुछ फुटप्रिंट होना चाहिए और राष्ट्रीय पार्टियां चाहती हैं कि जो हमारा फुटप्रिंट है उसमें कमी नहीं होनी चाहिए. तो ऐसे में इंडिया गठबंधन को चर्चा के बाद सहमति के साथ आगे बढ़ना चाहिए.'
भविष्य में इंडिया गठबंधन रह पाएगा या नहीं?
इस सवाल के जवाब में कपिल सिब्बल ने कहा, 'पक्का रहेगा. इसमें कोई शक नहीं है. मैं समझता हूं कि हमारी क्षेत्रीय पार्टियों के जो नेता नेतृत्व संभाल रहे हैं, वे बड़े समझदार लोग हैं और उन्हें पता है कि हमारे सामने चुनौती क्या है. तो गठबंधन तो निश्चित तौर पर बना रहेगा. इस बार हम अपनी गलतियों से चूक गए, लेकिन मैं मानता हूं कि आने वाले कुछ महीनों में कुछ न कुछ जरूर तय होगा.'
तारिक अनवल भी उठा चुके हैं रणनीति पर सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कटिहार सांसद तारिक अनवर ने दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद गठबंधन की रणनीति पर स्पष्टता लाने की मांग की थी. दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के खाली हाथ रहने और AAP की हार के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, 'कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करने की जरूरत है. उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन की राजनीति करेंगे या अकेले चलेंगे. साथ ही, पार्टी के संगठन में मूलभूत परिवर्तन करना भी जरूरी हो गया है.
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Source: IOCL






















