सौरभ दास, आशुतोष राणा को न्यायिक हिरासत, अजिंक्य शिंदे गिरफ्तारी के बाद कैसे हुए रिहा?
सीजेपी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं अजिंक्य शिंदे को सशर्त रिहा कर दिया गया है.

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को एसईएम कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों को हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. आशुतोष और सौरव पर बेल बॉन्ड नियम उल्लंघन करने का आरोप लगा है. सौरव और आशुतोष के साथ अजिंक्य शिंदे को भी दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बिना इजाजत के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया था. अजिंक्य शिंदे को कोर्ट ने सशर्त रिहा कर दिया है.
मंगलवार की सुबह जंतर-मंतर पर सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे ने प्रदर्शन किया था. गेट को लांघकर ये लोग प्रदर्शन कर रहे थे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया था. अजिंक्य ने रिहा होने के बाद बताया है कि उन्हें किन शर्तों के साथ रिहा किया है.
कैसे रिहा हुए अजिंक्य
अजिंक्य से कोर्ट ने 5 हजार का बेल बॉन्ड भरवाया है. साथ ही 6 महीने तक अशांति न फैलाने का आदेश दिया है. इन शर्तों के साथ उन्हें रिहा कर दिया गया है. अजिंक्य ने रिहा होने के बाद कहा है कि ''अंग्रेजों वाली सरकार मोदी और शाह चला रहे हैं. आज सीजेपी की मीटिंग होगी उसके बाद फैसला लेंगे आगे की कार्रवाई का. आशुतोष और सौरव सिर ऊंचा करके जेल में जा रहे हैं.''
सौरव-आशुतोष पर लगे ये आरोप
सौरव दास और आशुतोष रांका पर बेल बॉन्ड तोड़ने का आरोप लगा है. 10 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. इन तीनों को कोर्ट ने 50-50 हजार मुचकले पर रिहा किया गया था. इसके साथ ही शर्त रखी गई थी. तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी थी, ऐसा कोई काम नहीं करना था, जिससे शांति भंग हो करने का बॉन्ड साइन करवाया गया था. सौरव और आशुतोष पर ये बॉन्ड तोड़ने का आरोप लगा है.
बता दें 10 अक्टूबर को सौरव, आशुतोष और दीपके को दिल्ली पुलिस के हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शन को अजिंक्य शिंदे ने लीड किया था.
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