सरकार ने की कॉकरोच जनता पार्टी से बात करने की कोशिश? संसद मार्च से ठीक पहले किसने किया बड़ा दावा
CJP Parliament March: संसद मार्च से ठीक पहले एक अहम खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि सरकार ने पहली बार सीजेपी से बात करने की कोशिश की है.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संसद मार्च की तैयारी में है. इस बीच एक अहम खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि सीजेपी ने सोमवार (20 जुलाई) को कहा है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उससे बात करने की कोशिश की है. हालांकि इस मामले पर अभी तक केंद्र की तरफ से किसी भी तरह का अधिकारिक बयान नहीं आया है.
'हिन्दुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी ने दावा किया है कि केंद्र उससे बात करने की कोशिश की. सीजेपी लगातार पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. पर्यावरण कार्यकर्त सोनम वांगचुक भी उसका साथ दे रहे हैं. वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने सोमवार को एक लेटर शेयर करके बताया कि अगर संसद में पेपर लीक का मुद्दा उठता है तो वे हड़ताल खत्म कर देंगे.
सौरव दास ने क्या कहा
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, 'प्रशासन सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है. वे बहुत देर से आए हैं, लेकिन हमने खुले दिल से कहा है कि हम उनसे बात करने को तैयार हैं. अभी तक उनकी तरफ से कोई साफ बात नहीं कही गई है. अब फैसला उन्हें करना है.'
उन्होंने आगे कहा, 'सोनम जी, अभी उनकी हालत स्थिर है और वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं. उन्होंने देश के उन युवा प्रदर्शनकारियों को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं जो आख़िरकार इस बहुत मुश्किल और बेजान सिस्टम के ख़िलाफ जाग गए हैं, जो उनकी बात बिल्कुल नहीं सुनता. जल्द ही एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पिछले 30 दिनों से यहां जमा हैं और हमने दिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध कैसे किया जाता है और अपनी बात कैसे रखी जाती है.'
संसद मार्च से पहले पुलिस सतर्क
दिल्ली पुलिस संसद के मानसून सत्र और सीजेपी के संसद मार्च को देखते हुए काफी ज्यादा सतर्क है. जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.
वांगचुक ने बताया कैसे खत्म करेंगे भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर कई राजनीतिक दलों के सांसद संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा उठाने का भरोसा देते हैं तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे. वांगचुक ने सोमवार को इसको लेकर एक लेटर शेयर किया, जिसमें तीन शर्तें भी बताईं.
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