पंजाब के विजिलेंस ब्यूरो दफ्तर में CBI की रेड, रिश्वत में लिए गए 13 लाख रुपये किए बरामद
सीबीआई की टीम ने कार्रवाई के दौरान कुछ अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डेटा भी अपने कब्जे में लिया है. बताया जा रहा है कि एजेंसी अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब के मोहाली स्थित विजिलेंस ब्यूरो ऑफिस पर छापेमारी की है. एक फाइव स्टार होटल के विवाद में करीब 20 लाख रुपये की रिश्वत मामले को ट्रैप करने के लिए केंद्रीय एजेंसी ने ऑपरेशन चलाया था. छापेमारी के दौरान दफ्तर से करीब 13 लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं.
डीएसपी पवित्र सिंह की अगुवाई में चंडीगढ़ सीबीआई की टीम ने यह कार्रवाई की है. यह मामला एफआईआर नंबर 12/26 और पीसी एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है. सूत्रों के अनुसार विजिलेंस के एक बड़े अधिकारी का नाम भी जांच में सामने आया है. उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों से भी अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की गई.
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CBI की टीम ने कब्जे में लिया ये सामान
सीबीआई की टीम ने कार्रवाई के दौरान कुछ अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डेटा भी अपने कब्जे में लिया है. बताया जा रहा है कि एजेंसी अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है. ये मामला फाइव स्टार होटल और प्रॉपर्टी से जुड़ी कथित डील से संबंधित है. चर्चा है कि इस डील को लेकर कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई थी.
🚨 Update
— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) May 11, 2026
👉 My source reveals that Vigilance DGP office has been sealed by the central agency after the raid.
👉 Vigilance Chief’s is reportedly missing and currently his phone is switched off.
👉 It is being believed that the Vigilance Chief may be on the run after the… pic.twitter.com/QUyvwjEYKm
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इस मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है. मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और भगवंत मान के शासनकाल में पंजाब सतर्कता कार्यालय कथित भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. पंजाब में भ्रष्टाचार अब ऊपर से नीचे तक परत दर परत उजागर हो रहा है. भगवंत मान को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. पंजाब पारदर्शी शासन का हकदार है, न कि भय, धमकी और भ्रष्टाचार से संचालित प्रशासन का.
Source: IOCL
























