हरियाणा: परिवादवाद को बढ़ावा नहीं देगी बीजेपी, इन नेताओं को लगा झटका
बीजेपी राज्य में कांग्रेस और इनेलो पर परिवादवाद बढ़ाने के आरोप लगाती रही है. इसलिए पार्टी इस मुद्दे से दूर रहना चाहती है.

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: हरियाणा विधानसभा चुनाव में अपने परिवार के लिए टिकट चाहने वाले बीजेपी नेताओं को बड़ा झटका लग सकता है. परिवारवाद के आरोप से बचने के लिए बीजेपी एक परिवार के दो सदस्यों को टिकट देने से दूरी बनाए रखेगी. हरियाणा बीजेपी के कई ऐसे बड़े नेता हैं जो कि अपने परिवार के किसी दूसरे सदस्य के लिए टिकट की आस लगाए बैठे थे.
दिल्ली में हुई एक बैठक में बीजेपी ने नेताओं को ये मैसेज पहुंचा दिया है कि टिकट बंटवारे में परिवारवाद से दूरी बना कर रखी जाएगी. इससे पहले सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि बीजेपी के चार या पांच सांसद अपने परिवार के सदस्यों के लिए विधानसभा चुनाव में टिकट चाहते हैं.
हालांकि बीजेपी के इस फैसले के बावजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को राहत मिली है. बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेम लता उचाना से विधायक है और उन्हें विधानसभा चुनाव में फिर से टिकट मिलने की पूरी संभावना है. इससे पहले बीरेंद्र सिंह के बेटे वीजेंद्र सिंह को हिसार से लोकसभा चुनाव में टिकट मिला था और वह जीत दर्ज करने में कामयाब रहे.
इसलिए दूरी बनाना चाहती है पार्टी
केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत और कृष्ण पाल गुर्जर अपनी बेटी-बेटे के लिए विधानसभा चुनाव का टिकट चाहते थे. इसके अलावा चार सांसद अपनी पत्नियों को विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाना चाहते हैं. लेकिन पार्टी ने साफ किया है कि वह कांग्रेस और इनेलो पर परिवारवाद बढ़ाने के लिए आलोचना करती है, इसलिए इस रास्ते पर नहीं चल सकती है.
वहीं कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट आवेदन की तारीख 23 सितंबर से बढ़ाकर 25 सितंबर कर दी है. हरियाणा में 21 अक्टूबर को वोटिंग होनी है, जबकि 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र के साथ विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.
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