रतन दुबे मर्डर केस: NIA ने माओवादी बाप-बेटे के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, जानें क्या है पूरा मामला
Ratan Dubey Murder Case: एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस हत्या में बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के माओवादी शामिल थे, जो ईस्ट बस्तर डिविजन के तहत काम करते हैं.

छत्तीसगढ़ के चर्चित रतन दुबे मर्डर केस में माओवादी संगठन से जुड़े बाप-बेटे के खिलाफ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी NIA ने चार्जशीट दाखिल की है. केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि शिवानंद नाग और उसके पिता नारायण प्रसाद नाग पर आईपीसी और यूएपीए एक्ट की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया.
ये चार्जशीट जगदलपुर स्थित NIA की स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई है. जांच में सामने आया है कि दोनों नक्सली संगठन CPI (Maoist) के सक्रिय सदस्य थे और उनकी रतन दुबे से राजनीतिक, कारोबारी और निजी दुश्मनी थी.
क्यों, कब और कहां हुई थी बीजेपी नेता रतन दुबे की हत्या
जानकारी के लिए बता दें कि स्थानीय बीजेपी नेता रतन दुबे की नवंबर 2023 में हत्या कर दी गई थी, जब वो चुनाव प्रचार के दौरान नारायणपुर जिले के झाराघाटी इलाके के कौशलनार गांव के साप्ताहिक हाट बाजार में मौजूद थे. तभी भीड़ के बीच से माओवादियों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. इस टारगेट किलिंग का मकसद चुनावी माहौल बिगाड़ना और लोगों में डर फैलाना था.
NIA की जांच में क्या-क्या पता चला
एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस हत्या में बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के माओवादी शामिल थे, जो ईस्ट बस्तर डिविजन के तहत काम करते हैं. इसके साथ ही, उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स यानी गुप्त मददगार भी इस साजिश में शामिल पाए गए. NIA ने फरवरी 2024 में केस अपने हाथ में लिया था. इसके बाद जून 2024 में धन सिंह कोर्रम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई.
दिसंबर 2024 में सैनूराम कोर्रम और लालूराम कोर्रम को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई. अब दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शिवानंद नाग और नारायण प्रसाद नाग को भी आरोपी बनाया गया है. NIA के मुताबिक जांच अब भी जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों की भी पहचान और गिरफ्तारी की जाएगी.
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Source: IOCL





















