नकली और असली मुस्कान में क्या होता है फर्क? आंखों और चेहरे के इन संकेतों से करें पहचान
हर मुस्कान खुशी की निशानी नहीं होती. कई बार लोग अपनी भावनाओं को छिपाने के लिए नकली मुस्कान का सहारा लेते हैं. आंखों, चेहरे और आवाज के संकेतों से असली और बनावटी मुस्कान को पहचाना जा सकता है.

खुशी हमारे चेहरे पर मुस्कान के रूप में दिखाई देती है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि जब हम खुश होते हैं, तो हमारे चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ जाती है. हम सभी जानते हैं कि मुस्कराहट का उपयोग हम अपनी जिंदगी और डेली लाइफ में कई तरह की परिस्थितियों में करते हैं. जब हमें बोरियत होती है और हम नहीं चाहते कि लोगों को इसका पता चले, तब भी हम अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखते हैं. कई बार हम ऐसे लोगों से मिलते हैं जो हमें बिल्कुल पसंद नहीं होते, फिर भी हम अपने चेहरे पर मुस्कान रखते हैं. इसका मतलब यह है कि हम लोग मुस्कान को एक नकाब या मुखौटे की तरह इस्तेमाल करते हैं, ताकि हम अपने विचारों और भावनाओं को दूसरों से छिपा सकें और यह पता न चलने दें कि हम आखिर क्या सोच रहे हैं. इस लेख के माध्यम से हम इन्हीं मुस्कानों के रहस्य के बारे में समझेंगे.
असली मुस्कान कैसे पहचानें?
अगर आपको जानना है कि कोई इंसान सच में खुश है या उसके चेहरे की मुस्कान असली है, तो इसके लिए आपको उसकी आंखों को ध्यान से देखना पड़ेगा. विज्ञान के अनुसार इसे डुसेन स्माइल कहा जाता है. जब व्यक्ति दिल से खुश होकर मुस्कुराता है, तो उसके गाल ऊपर की ओर उठ जाते हैं और दोनों आंखों के बाहरी कोनों पर हल्की झुर्रियां दिखाई देती हैं. लेकिन जब किसी व्यक्ति के चेहरे पर नकली मुस्कान होती है, तो उसकी आंखों में कोई मूवमेंट नहीं होती और वह मुस्कुराने के लिए सिर्फ अपने होंठों का इस्तेमाल करता है.
नकली मुस्कान में चेहरे का तनाव
अगर आपको पहचानना है कि किसी व्यक्ति की मुस्कान नकली या बनावटी है, तो उसके चेहरे पर तनाव साफ दिखाई देता है. मुस्कुराते समय उसके होंठ नेचुरल तरीके से ऊपर की ओर नहीं उठते, बल्कि बगल की ओर खिंचे हुए नजर आते हैं. ऐसी हंसी में या तो व्यक्ति बहुत ज्यादा दांत दिखाता है या बिल्कुल भी दांत नहीं दिखते. इससे मुस्कान सहज और प्राकृतिक नहीं लगती.
नजर हटते ही मुस्कान गायब होना
बनावटी और नकली मुस्कान पहचानने का यह सबसे आसान तरीका है. जब आप किसी से बात कर रहे होते हैं और सभी लोग मुस्कुरा रहे होते हैं, लेकिन जिस व्यक्ति की मुस्कान नकली होती है, वह तभी प्रतिक्रिया देता है जब आप उसकी तरफ देख रहे होते हैं. जैसे ही आप उससे नजर हटाते हैं, उसकी मुस्कान तुरंत गायब हो जाती है.
आवाज से भी पता चलता है सच
एक सच्ची मुस्कान वाला व्यक्ति दिल से मुस्कुराता है, जिससे उसकी आवाज में भी बदलाव आ जाता है. जब हम दिल से मुस्कुराते या हंसते हैं, तो हमारी आवाज थोड़ी नरम और धीमी हो जाती है. इसके विपरीत, नकली मुस्कान वाले व्यक्ति की आवाज में यह नरमी नहीं होती, बल्कि उसमें असामान्य उतार-चढ़ाव दिखाई देता है. इसका मतलब यह है कि जब चेहरे की मुस्कान और भावनाएं आपस में मेल नहीं खातीं, तो मुस्कान नकली होती है.
माथे और आंखों की हरकत पर ध्यान दें
बनावटी और नकली मुस्कान को जानने के लिए उस व्यक्ति को ध्यान से देखें. नकली मुस्कान में चेहरे का सिर्फ निचला हिस्सा ही मुस्कुराता है, जबकि चेहरे के ऊपरी हिस्से में कोई हलचल नहीं होती. आंखों में चमक नहीं होती और माथे पर झुर्रियां भी नहीं पड़तीं. जब हम सच में हंसते हैं, तो हमारे माथे पर हल्की झुर्रियां आ जाती हैं, लेकिन नकली मुस्कान वाले व्यक्ति के माथे पर ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता.
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