Bengal Assembly Elections: चुनाव से पहले बंगाल में पोस्टर वॉर, टीएमसी ने बीजेपी को उसी की भाषा में दिया करारा जवाब
Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और टीएमसी के बीच पोस्टर वार ने सियासी हलचल बढ़ा दी है, जिसमें हिंदू एकता, महंगाई और क्षेत्रीय असंतोष पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

BJP vs TMC: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच अब पोस्टर वार शुरू हो गया है, जिससे सियासी माहौल और गर्मा गया है. बीते कुछ दिनों में बीजेपी ने राज्य के अलग - अलग हिस्सों में कई पोस्टर लगाए हैं, जिनमें 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, 2026 में बीजेपी चाहिए' जैसे नारे लिखे गए हैं.
ये पोस्टर खासतौर पर हुगली के चिनसुराह और कोलकाता के कुछ इलाकों में देखे गए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस अभियान के जरिए हिंदू एकता को उजागर करने और अपने समर्थन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. वहीं टीएमसी ने इसे राज्य में ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है.
टीएमसी ने बीजेपी को उसी की भाषा में दिया जवाब
बीजेपी के पोस्टरों के जवाब में मंगलवार (18 मार्च) को टीएमसी की सोशल मीडिया और आईटी सेल ने अपने पोस्टर जारी किए. कोलकाता के श्यामबाजार में लगे इन पोस्टरों में बीजेपी पर सीधा हमला किया गया. 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, गैस के दामों में राहत क्यों नहीं?' जैसे नारे लिखकर टीएमसी ने महंगाई को मुद्दा बनाया. एक अन्य पोस्टर में लिखा गया 'हिंदू हिंदू भाई-भाई, लेकिन बंगाल से कोई कैबिनेट मंत्री क्यों नहीं?'. टीएमसी ने ये संदेश देने की कोशिश की कि बीजेपी बंगाल के लोगों के लिए कोई ठोस काम नहीं कर रही बल्कि सिर्फ हिंदू एकता के नाम पर राजनीति कर रही है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये पोस्टर वार आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है. बीजेपी हिंदू वोट बैंक को साधने में जुटी है तो वहीं टीएमसी बंगाल की उपेक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को उछालकर बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है.
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Source: IOCL






















