मदरसों पर केशव प्रसाद मौर्य के बयान से नाराज हुए ओवैसी, बोले- 'किसी जानकार से...'
Owaisi: PoJK में हो रही हिंसा पर असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. इसके साथ ही मदरसों पर दिए गए केशव प्रसाद मौर्य के बयान की आलोचना करते हुए इतिहास पढ़ने की सलाह दी.

दिल्ली में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि PoJK में जो कुछ हो रहा है, वह गलत है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं. ओवैसी ने कहा कि वहां के अधिकारियों की तरफ से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर की जा रही कार्रवाई और लोगों को मारे जाने की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इसकी सख्त शब्दों में निंदा की जानी चाहिए.
इसके साथ ही ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य जो बातें कर रहे हैं, उससे उनकी जानकारी की कमी साफ दिखाई देती है. ओवैसी ने कहा कि न तो केशव प्रसाद मौर्य और न ही उनके पहले के लोग देश की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे.
VIDEO | Delhi: AIMIM chief Asaudding Owaisi, says, "I condemn what is happening in PoJK. I strongly condemn the way people are being killed there by the authorities."
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
On UP Deputy CM Keshav Prasad Maurya remarks on madrasas, Owaisi, says, "He is only exposing his own ignorance… pic.twitter.com/whFIICOoqt
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1857 की आजादी की लड़ाई पर ओवैसी का बयान
ओवैसी ने कहा कि 1857 की आजादी की लड़ाई से पहले और उसके दौरान कई मदरसों ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जिहाद का आह्वान किया था. उन्होंने कहा कि समस्या केशव प्रसाद मौर्य और संघ परिवार की सोच में है. उनके अनुसार, आजादी की लड़ाई में संघ परिवार का कोई भी व्यक्ति शहीद नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को इतिहास पढ़ना चाहिए. अगर वह खुद इतिहास नहीं पढ़ सकते हैं तो किसी जानकार से इसके बारे में समझना चाहिए. ऐसा करने पर उन्हें सच्चाई का पता चल जाएगा.
केशव प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा
ओवैसी ने कहा कि वह केशव प्रसाद मौर्य के बयान की निंदा करते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मदरसों के प्रति इतनी नाराजगी और विरोध क्यों है. उनके मुताबिक इस तरह के बयान केवल राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से इस तरह के बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बयान सामने आ रहे हैं.
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