ऑस्ट्रेलिया में एक्सपोर्ट टर्मिनल का अधिग्रहण करेगा अडानी पोर्ट्स, 1 बिलियन टन कैपिसिटी बढ़ाने का लक्ष्य
APPH के पास वे संस्थाएं हैं, जो नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल का स्वामित्व और संचालन करती हैं. यह टर्मिनल हर साल 5 करोड़ टन कोयला निर्यात कर सकता है.

भारत की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड (APSEZ) ऑस्ट्रेलिया में कोयला निर्यात टर्मिनल का अधिग्रहण करेगी. APSEZ) के निदेशक मंडल ने कारमाइकल रेल और पोर्ट सिंगापुर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर (CRPSHPL) से एबॉट पॉइंट पोर्ट होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (APPH) सिंगापुर को खरीदने की मंजूरी दे दी है.
APPH के पास वे संस्थाएं हैं जो नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल का स्वामित्व और संचालन करती हैं. यह टर्मिनल हर साल 5 करोड़ टन कोयला निर्यात कर सकता है. यह टर्मिनल ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर नॉर्थ क्वींसलैंड में बोवेन से लगभग 25 किमी उत्तर में एबॉट पॉइंट के बंदरगाह पर स्थित है. APSEZ ने साल 2011 में एबॉट पॉइंट पर नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल को 2 अरब डॉलर में खरीदा था. 2013 में अडानी परिवार ने APSEZ से उसी कीमत पर इस संपत्ति को खरीद लिया.
कंपनी ने बयान में कहा, "APSEZ, APPH में 100 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बदले में CRPSHPL को 14.38 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगा. यह नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल (NQXT) के 3.975 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 2.4 अरब डॉलर) के उद्यम मूल्य पर आधारित है. हम 4 वर्षों के भीतर EBITDA को 400 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं. मुझे NQXT का हमारी ग्रोथ विद गुडनेस पहल में स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, क्योंकि यह पर्यावरण, सामाजिक और शासन प्रथाओं में उच्च मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है."
यह सौदा 2013 में किए गए सौदे के लगभग बराबर है. उस समय भी संपत्ति का मूल्यांकन लगभग इतना ही था. APSEZ का कहना है कि इस अधिग्रहण से उसे 2029-30 तक अपनी क्षमता को दोगुना कर एक अरब टन सालाना करने के लक्ष्य को जल्दी हासिल करने में मदद मिलेगी. वर्तमान में APSEZ के पास जितने बंदरगाह हैं, उनकी क्षमता मिलाकर लगभग 50 करोड़ टन है. कंपनी ने कहा कि NQXT के संचालन ने क्वींसलैंड के सकल राज्य उत्पाद (Gross State Product) में 10 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का योगदान दिया और खनन और अन्य उद्योगों में 8,000 नौकरियों की सुविधा प्रदान की.
Source: IOCL






















