69000 शिक्षक भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई, अगली तारीख 15 अप्रैल तय
सुप्रीम कोर्ट में 69,000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर मंगलवार को होने वाली सुनवाई टल गई. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (8 अप्रैल, 2025) को 69,000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर सुनवाई होनी थी, लेकिन ये सुनवाई एक बार फिर टल गई है. बताया जा रहा है कि समय के अभाव के चलते सुनवाई नहीं हो सकी. ऐसे में अब इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 15 अप्रैल को होगी.
इस मामले की पहली सुनवाई सितंबर 2024 में हुई थी और तब से लेकर अब तक सुनवाई नहीं हुई है. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी इस देरी से खासे नाराज हैं. उनका कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही, जिससे बार-बार कोर्ट से अगली तारीख मिल रही है.
'सुप्रीम कोर्ट से भी बार-बार तारीख मिलने से हम बेहद आहत'
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा, “हम पिछले पांच सालों से संघर्ष कर रहे हैं. लगातार सरकार से गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. अब सुप्रीम कोर्ट से भी बार-बार तारीख मिलने से हम बेहद आहत हैं'. सरकार की ओर से पहल की मांग को लेकर अभ्यर्थी लखनऊ के इको गार्डन में लगातार धरने पर बैठे हैं.
'जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा'
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. धरने में धनंजय गुप्ता, विक्रम यादव, अनंत कुमार, रंजीत कुमार, ममता प्रजापति, कल्पना, स्वेता, संदीप, सुभाष चंद्र पटेल समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे. इस आंदोलन को अब कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है.
राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष ने दिया समर्थन
राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष पीसी कुरील अपने साथी लाईक खान, रामकुमार और इंद्रपाल के साथ धरनास्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों की मांग का समर्थन किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस मामले के जल्द समाधान की मांग करेंगे.
ये भी पढ़ें:
अब इस मुस्लिम देश ने भारत की मिसाइल में दिखाई दिलचस्पी, डील सुनकर पाकिस्तान को लग जाएगा करंट!
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















