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दुनिया के अलग-अलग धर्मों में भी पूजी जाती हैं ‘मां दुर्गा’ जैसी देवियां! जानिए कौन-कौन हैं ये शक्तिशाली देवी

Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पर्व चल रहा है. मां दुर्गा जैसी शक्तिशाली देवियों की पूजा सिर्फ हिंदू धर्म में नहीं, बल्कि दुनिया भर के विभिन्न धर्मों में भी की जाती है? ये कौन सी देवियां हैं, जानें.

Navratri 2025: क्या मां दुर्गा केवल हिंदू धर्म में ही पूजी जाती हैं? अगर आप ऐसा सोचते हैं तो यह आर्टिकल आपकी सोच बदल सकता है! दुनिया के कई धर्मों और संस्कृतियों में शक्ति, रक्षा और विनाश की देवी की पूजा होती आई है. चाहे वह ग्रीक मिथोलॉजी की अथेना हों, मिस्र की सेखमेत, या फिर जापानी देवी अमातेरासु, हर सभ्यता में एक नारी शक्ति की अवधारणा मौजूद रही है.

कैसे अलग-अलग धर्मों और प्राचीन सभ्यताओं में मां दुर्गा जैसी शक्तिशाली देवियां रही हैं, जिन्हें उनके भक्त संकटमोचन और रक्षक के रूप में पूजते थे. तो आइए जानते हैं उन देवियों के बारे में, जो अपने-अपने धर्मों में मां दुर्गा की तरह पूजी जाती हैं.

1. ग्रीक धर्म में मां दुर्गा जैसी देवी

  • अथेना (Athena)- युद्ध और ज्ञान की देवी: ग्रीक मिथोलॉजी में अथेना को युद्ध, ज्ञान और रणनीति की देवी माना जाता है. वे न्यायपूर्ण युद्ध लड़ती थीं और योद्धाओं की संरक्षक थीं. उनके हाथ में एक भाला और ढाल होती थी, जो उन्हें मां दुर्गा की तरह एक रक्षक देवी बनाता है.
  • आर्टेमिस (Artemis)- स्वतंत्रता और शिकार की देवी: आर्टेमिस जंगल, शिकार और स्वतंत्रता की देवी थीं. वे एक योद्धा देवी थीं, जो महिलाओं और बच्चों की रक्षा करती थीं.

2. रोमन धर्म में मां दुर्गा जैसी देवी

मिनर्वा (Minerva)- युद्ध और बुद्धिमत्ता की देवी: रोमन सभ्यता में मिनर्वा को ज्ञान, युद्ध और कला की देवी माना जाता है. उनका चरित्र ग्रीक देवी अथेना के समान है.

3. मिस्र की पौराणिक कथाओं में मां दुर्गा जैसी देवी

  • सेखमेत (Sekhmet)- विनाश और महामारी की देवी: मिस्र की पौराणिक कथाओं में सेखमेत को युद्ध और महामारी की देवी माना जाता था. उनका सिर एक शेरनी का था, जो उन्हें मां दुर्गा की तरह उग्र और शक्तिशाली बनाता है.
  • आइसिस (Isis)- करुणा और जादू की देवी: आइसिस प्रेम, मातृत्व और जादू की देवी थीं. वे अपने भक्तों को संकटों से उबारती थीं और एक रक्षक देवी के रूप में पूजी जाती थीं.

4. नॉर्स (वाइकिंग्स) संस्कृति में मां दुर्गा जैसी देवी

फ्रेया (Freyja)- युद्ध और प्रेम की देवी: फ्रेया योद्धाओं की संरक्षक देवी थीं और युद्ध के मैदान में उनकी आत्माओं को सुरक्षित ले जाने का कार्य करती थीं. वे प्रेम और शक्ति का प्रतीक थीं.

5. ईसाई धर्म में मां दुर्गा जैसी शक्ति

वर्जिन मैरी (Virgin Mary)- करुणा और संरक्षण की प्रतीक: ईसाई धर्म में माता मरियम को प्रेम, करुणा और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. वे युद्ध देवी नहीं हैं, लेकिन उन्हें शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है.

6. बौद्ध धर्म में मां दुर्गा जैसी देवी

  • पाल्डेन ल्हामो (Palden Lhamo)- बौद्ध धर्म की रक्षक देवी: तिब्बती बौद्ध धर्म में पाल्डेन ल्हामो को एक रक्षक देवी माना जाता है, जो उग्र रूप में प्रकट होती हैं और अपने अनुयायियों की रक्षा करती हैं.
  • ग्रीन तारा (Green Tara)- संकटों से बचाने वाली देवी: ग्रीन तारा करुणा और रक्षा की देवी हैं, जिन्हें बौद्ध अनुयायी संकटों से बचने के लिए पूजते हैं.

7. जापानी संस्कृति में मां दुर्गा जैसी देवी

अमातेरासु (Amaterasu)-सूर्य की देवी: शिन्तो धर्म में अमातेरासु को ब्रह्मांड की मां और सूर्य की देवी माना जाता है. वे अपनी शक्ति से दुनिया को रोशन करती हैं और एक रक्षक देवी की भूमिका निभाती हैं.

मां दुर्गा सिर्फ हिंदू धर्म तक सीमित नहीं हैं. दुनिया के अलग-अलग धर्मों में भी ऐसी देवियां हैं, जो शक्ति, रक्षा और विनाश की प्रतीक रही हैं. चाहे वह अथेना हों, सेखमेत हों, या पाल्डेन ल्हामो, हर सभ्यता ने एक नारी शक्ति को संरक्षक और संकटमोचन के रूप में स्वीकार किया है. जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आया है इन देवियों ने मानव सभ्यता को बचाने में अहम भूमिका निभाई है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

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