Shani Jayanti 2026: सावधान! 2026 की शनि अमावस्या पर भूलकर भी न खरीदें ये 3 चीजें, शनि देव की कुदृष्टि बिगाड़ सकती है बने बनाए काम
Shani Jayanti 2026: शनि अमावस्या 2026 पर लोहे, तेल और काले रंग की नई चीजें खरीदना अशुभ माना गया है. जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएं और असर.

Shani Jayanti 2026: सनातन धर्म में शनि अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है. यह दिन न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन किए गए कर्मों का असर लंबे समय तक जीवन पर दिखाई देता है. इसी वजह से शनि अमावस्या पर लोग पूजा-पाठ, दान और शनि दोष से राहत पाने के उपाय करते हैं.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें इस दिन खरीदने से अशुभ परिणाम मिल सकते है. माना जाता है कि शनि अमावस्या पर इन वस्तुओं की खरीदारी व्यक्ति के जीवन में आर्थिक रुकावट, मानसिक तनाव और कामों में बाधा बढ़ा सकती है.
1. लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचे
शनि देव का संबंध लोहा और धातु से माना जाता है. यही वजह है कि शनि अमावस्या के दिन लोहे से बनी चीजें खरीदना कई ज्योतिषाचार्य अशुभ मानते हैं. मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया लोहा शनि की कुदृष्टि को आकर्षित करता है. अगर कुंडली में पहले से शनि कमजोर हो या साढ़ेसाती/ढैय्या चल रही हो, तो इसका प्रभाव ज्यादा महसूस हो सकता है.
- कामों में अचानक रुकावट आना
- खर्च बढ़ना
- मशीनरी या वाहन से जुड़ी परेशानी
- मानसिक दबाव और निर्णय लेने में भ्रम
इसी कारण इस दिन नई लोहे की अलमारी, औजार, वाहन के पार्ट्स या भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है.
2. तेल खरीदना क्यों माना जाता है अशुभ?
शनि पूजा में सरसों के तेल का विशेष महत्व होता है. आम दिनों में तेल खरीदना सामान्य बात है, लेकिन शनि अमावस्या पर इसे अलग नजर से देखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन तेल खरीदने के बजाय तेल का दान करना अधिक शुभ माना जाता है. तेल को शनि से जुड़ी पीड़ा और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना गया है.
अगर इस दिन तेल खरीदा जाए, तो माना जाता है कि:
- घर में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है
- आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है
- रिश्तों में छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकते हैं
यही कारण है कि कई लोग इस दिन तेल खरीदने के बजाय शनि मंदिर में तेल अर्पित करते हैं.
3. काले रंग की नई चीजें खरीदने से बचना चाहिए
काला रंग शनि देव से जुड़ा माना जाता है. हालांकि शनि पूजा में काले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, लेकिन शनि अमावस्या पर नई काली चीजें खरीदने को लेकर अलग मान्यता है. ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, अमावस्या की रात पहले से ही भारी और संवेदनशील ऊर्जा शक्ति का समय मानी जाती है. ऐसे में नई काली वस्तुएं खरीदना नकारात्मकता को बढ़ाने वाला माना गया है.
- मन में बेचैनी बढ़ सकती है
- निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है
- घर के माहौल में भारीपन महसूस हो सकता है
इस दिन काले कपड़े, काले जूते या सजावटी वस्तुएं खरीदने से बचना बेहतर माना जाता है.
क्या करें ताकि शनि देव की कृपा बनी रहे?
शनि अमावस्या को केवल डर से जोड़कर देखना सही नहीं है. यह दिन आत्मचिंतन, अनुशासन और कर्म सुधार का भी प्रतीक माना जाता है.
- जरूरतमंदों को दान करें
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
- शनि मंत्रों का जाप करें
- बुजुर्गों और श्रमिकों का सम्मान करें
ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफलदाता कहा गया है. इसलिए केवल उपाय नहीं, बल्कि व्यवहार और कर्म भी जीवन पर गहरा असर डालते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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