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Sakat Chauth 2026 Daan: सकट चौथ व्रत में तिल-गुड़ दान क्यों करते हैं, 90% लोग नहीं जानते होंगे इसका लाभ

Sakat Chauth 2026 Daan: सकट चौथ वाले दिन जरुरतमंदों या ब्राह्मण को कुछ खास चीजों का दान जरुर देना चाहिए, मान्यता है इससे संतान को सफलता और सुख समृद्धि प्राप्त होती है.

Sakat Chauth 2026 Daan: माघ महीने में आने वाली सकट चौथ साल की बड़ी चतुर्थी में से एक है, इसलिए इसका विशेष महत्व है. इसे माघी चतुर्थी, तिल चौथ, संकटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है. नए साल में सकट चौथ व्रत 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा. ये व्रत संतान प्राप्ति, सौभाग्य में वृद्धि, कार्यों में सफलता, सुख की कामना से किया जाता है.  

महिलाएं सकट चौथ के दिन निर्जला व्रत रखती है और पूजा करने के बाद रात को चंद्रमा के उगने पर उन्हें अर्घ्‍य देकर व्रत पूर्ण करती हैं. सकट चौथ पर पूजा के अलावा दान का महत्व पुराणों में बताया गया है. मान्यता है इसके प्रभाव से व्यक्ति को समस्त भौतिक सुविधाएं प्राप्त होती हैं.

2026 में सकट चौथ पर दान

  • तिल - सकट चौथ के दिन तिल का उपयोग जरुर किया जाता है. इस दिन काले तिल का दान विशेष रूप से किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि काले तिल में कई देवताओं का वास होता है. कहते हैं संतान की उम्र लंबी होती है और अच्छे स्वास्थ के लिए सकट चौथ पर काला तिल या उससे बने मिष्ठान दान करना चाहिए.
  • घी - सकट चौथ के दिन घी करना सौभाग्य को बढ़ाता है. घी का दान घर में धन-धान्य लाता है जिससे समृद्धि आती है. इसके फलस्वरूप व्यक्ति को शुक्र की कृपा प्राप्ति होती है और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है.
  • गुड़ – संतान को करियर में सफलता, आर्थिक तौर पर वृद्धि की कामना से माघी चतुर्थी पर गुड़ का दान करना चाहिए. इससे गणपति जी प्रसन्न होते हैं और संतान को खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  • इन चीजों का दान भी शुभ – सकट चौथ पर अन्नदान, नमक का दान, वस्त्र का दान, चांदी का दान, कंबल का दान करना भी शुभ फलदायी माना गया है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Barsaley)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, रमजान, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि
  • शकुन शास्त्र
  • वास्तु

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

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