एक्सप्लोरर

PM मोदी की कलाई पर बंधा 'काला धागा' कोई साधारण धागा नहीं? इसके रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के शीर्ष नेताओं में शामिल है. सालों से वह अपनी दाहिनी कलाई पर काला धागा बांधते आ रहे हैं. सामान्य से दिखने वाले इस धागे के पीछे का रहस्य जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रधानमंत्री मोदी कलाई पर काला धागा मां अंबा का प्रसाद मानते हैं।
  • काला रंग नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष को सोख लेता है।
  • यह धागा नवरात्रि के दौरान ही बदला जाता है, गुप्त साधना के बाद।
  • ज्योतिषीय दृष्टि से धागा शनि और राहु के प्रभाव को कम करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के उन शीर्ष नेताओं में शुमार हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए दुनिया बेताब रहती है. उनके पहनावे, भाषण और उनकी जीवनशैली पर वैश्विक मीडिया की नजर रहती है.

लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दशकों से उनकी दाहिनी कलाई पर एक मामूली सा 'काला धागा' (Black Thread) बंधा रहता है?

करोड़ों की घड़ी या महंगे आभूषणों के बजाय, विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक होने के बावजूद मोदी इस धागे को इतनी अहमियत क्यों देते हैं? इसके पीछे का रहस्य और आध्यात्मिक तथ्य आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा. 

अंबा माता का वो 'सिद्ध' आशीर्वाद, वडनगर से दिल्ली तक का सफर

इस रहस्य की पहली कड़ी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से जुड़ती है. यहां स्थित मां अंबा (मां वाराही) का मंदिर मोदी परिवार की गहरी आस्था का केंद्र है. प्रधानमंत्री मोदी बचपन से ही मां शक्ति के अनन्य उपासक रहे हैं.

धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई साधारण धागा नहीं है. इसे विशेष तिथियों पर, खासकर नवरात्रि के दौरान, अत्यंत गोपनीय मंत्रों के साथ 'अभिमंत्रित' किया जाता है. माना जाता है कि यह धागा सीधे मां शक्ति की ऊर्जा का संवाहक है.

मोदी इसे एक 'प्रसाद' और 'रक्षा कवच' के रूप में पहनते हैं. यह धागा उनकी सांस्कृतिक जड़ों और उस शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है.

ऊर्जा संरक्षण का विज्ञान: काला रंग और 'Aura' की सुरक्षा

अक्सर लोग इसे केवल 'अंधविश्वास' मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक मनोविज्ञान में रंगों का विशेष महत्व बताया गया है-

नकारात्मक ऊर्जा: भौतिक विज्ञान के अनुसार काला रंग ऊष्मा और प्रकाश का सबसे बड़ा अवशोषक (Absorber) है. आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि काला रंग बाहरी दुनिया की नकारात्मक तरंगों और 'नजर दोष' को सोख लेता है.

आभामंडल (Aura) की सुरक्षा: प्रधानमंत्री हर दिन लाखों लोगों के संपर्क में आते हैं. तंत्र शास्त्र के अनुसार, यह काला धागा व्यक्ति के आभामंडल को सुरक्षित रखता है, जिससे मानसिक एकाग्रता भंग नहीं होती.

नवरात्रि की वो 9 दिनों की गुप्त साधना का सच

एक रोचक जानकारी यह है कि पीएम मोदी इस धागे को अपनी मर्जी से कभी नहीं बदलते. वे इसे साल में केवल दो बार, चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के समय ही बदलते हैं.

मोदी पिछले कई दशकों से नवरात्रि के दौरान 9 दिनों का कठिन उपवास रखते हैं. जानकारों का कहना है कि साधना के इन 9 दिनों में जब शरीर और मन अपनी उच्चतम आध्यात्मिक अवस्था में होता है, तब वे मंदिर से आए नए अभिमंत्रित धागे को धारण करते हैं.

यह धागा उनके आध्यात्मिक अनुशासन और अटूट संकल्प शक्ति का जीवंत प्रमाण है.

ज्योतिषीय रहस्य: शनि और राहु की चाल पर नियंत्रण?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनके जीवन की चुनौतियों को देखते हुए यह धागा अत्यंत महत्वपूर्ण है:

शनि देव का प्रभाव: काला रंग शनि का प्रतीक है, जो कर्म, न्याय और जनता के कारक हैं. मोदी की कार्यशैली में जो 'लोहे जैसा अनुशासन' दिखता है, ज्योतिषी उसे शनि के शुभ प्रभाव से जोड़ते हैं.

अदृश्य शत्रुओं से बचाव: राजनीति और कूटनीति में हमेशा गुप्त चुनौतियां रहती हैं. माना जाता है कि सिद्ध किया गया काला धागा राहु जैसे छाया ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम करता है.

मॉडर्न लीडरशिप और सनातन परंपरा का संगम

आज के 'डिजिटल इंडिया' के युग में, मोदी का यह धागा एक वैश्विक संदेश देता है,'विरासत भी, विकास भी'. यह दुनिया को दिखाता है कि आप तकनीक के शिखर पर होकर भी अपनी प्राचीन संस्कृति का गर्व से पालन कर सकते हैं.

यह उनके लिए कोई 'पर्सनल ब्रांडिंग' नहीं, बल्कि उनकी आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा है.

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: क्या प्रधानमंत्री मोदी इस धागे को कभी उतारते हैं?
उत्तर: सार्वजनिक जीवन में मोदी जी को कभी बिना इस धागे के नहीं देखा गया है. यह उनकी व्यक्तिगत आस्था का अभिन्न अंग है.

प्रश्न: क्या यह धागा उनके स्वास्थ्य से जुड़ा है?
उत्तर: सीधे तौर पर नहीं, लेकिन आध्यात्मिक शांति और सुरक्षा का भाव मानसिक स्पष्टता देता है, जो अंततः शारीरिक ऊर्जा को बनाए रखने में मदद करता है.

प्रश्न: क्या इस धागे को कोई भी बांध सकता है?
उत्तर: हां, सनातन परंपरा में सुरक्षा और सकारात्मकता के लिए कोई भी व्यक्ति मंदिर से सिद्ध किया गया काला धागा पहन सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

Read More

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी अपनी दाहिनी कलाई पर काला धागा क्यों पहनते हैं?

माना जाता है कि यह धागा अंबा माता का आशीर्वाद है, जिसे नवरात्रि के दौरान मंत्रों के साथ अभिमंत्रित किया जाता है। यह उनकी सांस्कृतिक जड़ों और शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

काला धागा ऊर्जा संरक्षण में कैसे मदद करता है?

काला रंग नकारात्मक ऊर्जा और 'नजर दोष' को सोख लेता है। यह व्यक्ति के आभामंडल को सुरक्षित रखता है, जिससे मानसिक एकाग्रता भंग नहीं होती।

प्रधानमंत्री मोदी इस धागे को कितनी बार बदलते हैं?

वे इसे साल में केवल दो बार, चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के समय बदलते हैं। वे इन 9 दिनों का कठिन उपवास भी रखते हैं।

क्या इस धागे का ज्योतिषीय महत्व है?

माना जाता है कि काला रंग शनि का प्रतीक है, जो कर्म और न्याय के कारक हैं। यह धागा राहु जैसे छाया ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम कर सकता है।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिए क्यों भारत में मान्य नहीं होगा सूतक काल?
क्या 12 अगस्त को लगेगा सूतक काल? जानें हरियाली अमावस्या पर स्नान-दान का सही समय
Rashifal 12 August 2026: हरियाली अमावस्या पर ग्रहों का बड़ा खेल, इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले, मेष से मीन तक राशिफल देखें
हरियाली अमावस्या पर ग्रहों का बड़ा खेल, इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले, मेष से मीन तक राशिफल देखें
Surya Grahan 2026 LIVE: ग्रहण कब शुरू होगा, कहां-कहां दिखेगा, भारत में क्या रहेगा असर
ग्रहण कब शुरू होगा, कहां-कहां दिखेगा, भारत में क्या रहेगा असर
Sawan Shivratri 2026 Live: जलाभिषेक से आरती तक, जानें महादेव की पूजा का पूरा तरीका
LIVE: जलाभिषेक से आरती तक, जानें महादेव की पूजा का पूरा तरीका

वीडियोज

Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Govinda ने मां Nirmala Devi को खोने का दर्द किया बयां, बोले- लगा सब कुछ खत्म हो गया
Salman Khan की Superhero Film को Greenlight, Raj & DK करेंगे Direct, नवंबर में शुरू होगी Shooting
Ravi Kishan के वायरल Memes पर बोले- Gen Z ने मुझे अपनाया, कहा- यह तो पागलपन है

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
वंदे मातरम बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, शशि थरूर बोले- राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत...
वंदे मातरम बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, शशि थरूर बोले- राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत...
रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, 'CJP का एक भी नेता...'
रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, 'CJP का एक भी नेता...'
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
Gen-Z का क्या है चुनावी मुद्दा? आंदोलनों के बीच सर्वे के जवाब ने चौंकाया
Gen-Z का क्या है चुनावी मुद्दा? आंदोलनों के बीच सर्वे के जवाब ने चौंकाया
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
Embed widget